‘मेरी मौत की सजा पत्नी और बेटियों को जरूर मिले, मुझे तिल-तिल कर मरने पर मजबूर कर दिया’

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इंदौर. कनाडिय़ा इलाके में व्यवसायी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इसके पहले सोशल मीडिया पर एक परिचित एसपी व अन्य को सुसाइड नोट वायरल किया। फिर रिश्तेदार को फोन कर भी आत्महत्या की बात बताई। सुसाइड नोट में उसने पत्नी, दोनो बेटियों, होने वाले दामाद व उसके परिवार पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया।

कनाडिय़ा इलाके के वैभव नगर निवासी धर्मेंद्र सिंह राठौर (42) ने सोमवार सुबह सुबह 8.30 बजे अपनी मुंहबोली मामी अनुराधा निवासी जूनी इंदौर को फोन कर हाल चाल पूछा। फिर कहा कि थोड़ी देर में मेरे नौकर से आपको खबर मिलेगी और फोन काट दिया। मामी ने कई बार फोन लगाए, लेकिन उसने नहीं उठाए। तब शंका होने पर मुंह बोले मामा 9.36 बजे घर पहुंचे। नौकर देवेंद्र व दशरथ से धर्मेंद्र के बारे में पूछा तो उन्होंने कमरे में होने की बात कही। काफी आवाज के बाद भी धर्मेंद्र ने कमरा नहीं खोला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ा। अंदर पलंग पर धर्मेंद्र पड़ा हुआ था। पास ही रिवाल्वर व बारह बोर बंदूक रखी थी। कनपटी से खून आ रहा था। तब पता चला कि उसने खुद को गोली मार ली। गोली सिर के अंदर ही फंसी रह गई। उन्होंने परिवार के लोगों व पुलिस को जानकारी दी। मौके पर सीएसपी पंकज दीक्षित, टीआई कनाडिय़ा अनिल सिंह चौहान पहुंचे।

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सीएसपी दीक्षित ने बताया, रविवार रात धर्मेंद्र एक शादी समारोह में परिवार सहित गए थे। बेटी की शादी को लेकर परिवार में विवाद था। बेटी जिससे शादी करना चाहती थी, धर्मेंद्र उसके खिलाफ था। शादी समारोह में भी उनका विवाद हुआ। इसके बाद परिजन आष्टा चले गए। घर आकर अपनी बारह बोर की बंदूक से धर्मेंद्र ने हवाई फायर भी किया। उसकी कार के नीचे गोली की खोल मिली। मोबाइल की जांच में पता चला कि महिला कर्मचारी, अन्य परिचितों, कुछ वाट्सऐप गु्रप व इंदौर में पदस्थ एसपी को धर्मेंद्र ने सुसाइड नोट वायरल किया है। एमवाय अस्पताल में धर्मेंद्र का पोस्टमॉर्टम हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। परिवार के लोग आष्टा से दोपहर में इंदौर पहुंचे।

गोलीकांड में नाम आया था

धर्मेंद्र पहले शराब ठेकेदार था। शराब ठेके के विवाद में हुए गोलीकांड में धर्मेंद्र का नाम आया था। उसे भी पैर में गोली लगी थी, जिसके चलते कई दिन अस्पताल में भर्ती रहा। बाद में मामले में समझौता हो गया। वर्तमान में उसने टेंट हाउस, टेलीकॉम कंपनी ऑफिस व एक मैरिज गार्डन ले रखा था। मुंबई में वह बिल्ंिडग बनाने की तैयारी कर रहा था। काफी कर्ज हो जाने की बात भी सामने आ रही है।

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मैंने अपने परिवार को दुनिया की हर चीज दी, लेकिन उन्होंने मेरी इज्जत खराब कर दी

मेरी इज्जत बहुत है, उसे खराब करने में ये लोग कोई कमी नहीं छोड़ रहे ‘मैं अपने आप को गोली मार रहा हूं। इसका जिम्मेदार शैलेंद्र परिहार, उसके माता-पिता, मेरी पत्नी बबीता, बेटी अंकिता, विनिता है। बेटी अंकिता ने शैलेंद्र से चुपचाप शादी कर ली। मुझे वह लडक़ा पसंद नहीं था, क्योंकि उसका चरित्र ठीक नहीं है। उस पर परदेशीपुरा थाने में एक लडक़ी ने केस दर्ज कराया है। शैलेंद्र, उसके परिवार, मेरी पत्नी व दोनों बेटियों की जिद व परिवार की इज्जत की खातिर हार गया। मैंने धूमधाम से अंबर गार्डन में 16 अक्टूबर को अंकिता की सगाई कराई और 28 फरवरी को शादी तय की। आर्थिक परेशानी की वजह से हम शादी को आगे बढ़ाना चाहते थे पर शैलेंद्र, उसके माता-पिता, मेरी पत्नी व दोनो बेटियों ने कहा की मरो या जीयो लेकिन शादी तो अभी ही करना पड़ेगी। बहुत समझाया लेकिन ये 6 लोग नहीं माने। रविवार को मैं एक पार्टी में जा रहा था, तब शैलेंद्र का फोन आया कि शादी आगे नहीं बढ़ेगी। फोन पर थोड़ी बहस हो गई। तब शैलेंद्र ने मेरी पत्नी व दोनों बेटियों को बोला कि घर छोड़ दो, इसको हम देख लेंगे। पूरा परिवार घर से चला गया। मेरी इज्जत बहुत है, उसे खराब करने में ये सभी लोग कोई कमी नहीं छोड़ रहे। मैंने सयाजी में साढ़े बारह लाख रुपए जमा कराए है। अंकिता के नाम से फोर्ड एंडेवर कार खरीद कर एमजी रोड शोरूम पर खड़ी कर दी है। पर इन लोगों ने मुझे तिल-तिल कर मरने पर मजबूर कर दिया है। शैलेंद्र ने मुझे बहुत नीचा दिखाया है। मैं दो बार उसके घर लडऩे भी गया। मुझे इन सभी ने मरने के लिए मजबूर किया है। मैंने अपने परिवार को बहुत खुशियों से पाला, दुनिया की हर चीज दी। शैलेंद्र व उसके परिवार की इंट्री के बाद से सब बिखर गया। मैं अपनी दोनों बेटियों को आइपीएस अधिकारी बनाना चाहता था। इसके लिए उन्हें दिल्ली व इंदौर में पढ़ाई भी करवाई। शैलेंद्र व उसके माता-पिता ने मेरे परिवार को मुझसे दूर कर मुझे मरने के लिए मजबूर किया है। मेरी मौत की सजा शैलेंद्र, उसके माता-पिता, मेरी पत्नी व दोनों बेटियों को जरूर मिले।


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