छानबीन समिति का फैसला : भाजपा की नेता ज्योति धुर्वे आदिवासी नही पवार जाति की फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर सांसद बनी, शर्मनाक हार

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

रामकिशोर पवार की विशेष रिपोर्ट

बैतूल. 2 जून 1966 को रायपुर ( अविभाजित म.प्र.) में श्रीमति आशा ठाकुर एवं महादेव बिसेन (जाति पंवार) के घर जन्मी ज्योति किरण ठाकुर का गुदगॉव भैसदेही से जारी जाति प्रमाण पत्र जो कि ज्योति बेवा प्रेम सिंग धुर्वे के नाम पर था उकत प्रमाण पत्र को आयुक्त जनजाति कार्य विभाग मध्यप्रदेश ने 7 फरवरी 2019 के आदेश क्रमांक जा.प्र.समिति/512/2009/3356 भोपाल दिनांक 07/02/2019 के तहत बैतूल कलेकटर एवं जिला पुलिस अधिक्षक को छानबीन समिति की ओर से यह आदेश दिया गया है कि उकत जाति प्रमाण पत्र को जप्त कर ज्योति धुर्वे के विरूध्द वैधानिक कार्रवाही की जाए।

समिति ने जांच में यह पाया कि अनावेदिका ज्योति धुर्वे की मॉ का नाम श्रीमति आशा ठाकुर है जिसकी प्रथम शादी उभेराम के साथ ग्राम पोसरी में हुई थी जो गोंड जाति के थे जो विवाह पश्चात ग्राम पोसरी में ही निवासरत थे जिनकी मृत्यू बीते वर्ष 16/9/2018 को हुई। उभेराम और आशा ठाकुर से एक पुत्र किशोर मंडावी है जो कि भारतीय स्टेट बैंक भाटापारा में कार्यरत है। आशा ठाकुर ने अपने प्रथम पति को छोडक़र महादेव पिता दशरथ से दूसरा विवाह से किया जो कि सामाजिक रीति रिवाज से ना होकर चोरी छिपे किये गया था कयोकि महादेव पिता दशरथ पहले से शादीशुदा थे उनकी पहली पत्नि का नाम सुशीला है जो कि मूलत: ग्राम चांगोटोलो नगरवारा विकास खंड बालाघाट की रहने वाली थी।

जांच समिति ने यह पाया कि महादेव ग्राम तिरोड़ी के मूल रहवासी है जिनका भूअभिलेख फार्म पी-2 खसरा ग्राम खडपडया हल्का खडपडया राजस्व निरीक्षक मंडल तिरोडी तह तिरोडी जिला बालाघाट वर्ष 2018-19 खसरा क्रमांक 234/1 ज/234/1झ, 234/1.2.259/1 ख में की प्रविष्टि में भूस्वामी हीरालाल मुकुंदलाल वल्द दशरथ जाति पवार निवासी ग्राम भूस्वामी दर्ज है जो कि महादेव के भाई है, महादेव पिता दशरथ भारतीय रेल्वे विभाग में कार्यरत होने के कारण रायपुर में रहते थे जहॉ पर उनकी मुलाकात श्रीमति आशा ठाकुर से हुई जिससे दो संताने पहली ज्योति किरण ठाकुर तथा दूसरी विजयसिंग ठाकुर है जो कि अनावेदिका श्रीमति ज्योति बेवा प्रेमसिंग धुर्वे का सगा भाई है।

जांच समिति ने माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रकरण क्र.डबलू.पी.नं.6970/2015 श्री शंकर पेंद्राम विरूध्द म.प्र. राज्य एवं अन्य तथा प्रकरण क्र.1498/2016 श्री शंकर पेंद्राम विरूध्द म.प्र.राज्य में मा.न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 27/7/2018 एवं दिनांक 21/1/2019 जिसमें मा.उच्च न्यायालय की अगामी पेशी व्यकितश: उपस्थिती आदेशित की गई है, जो अवगत हुई। उपरोकत समस्त आधारों पर समिति यह पाती है कि श्रीमति ज्योति धुर्वे आत्मजा श्री महादेव दशरथ की जाति निर्विवादित रूप से बिसेन गौत्र पवार जाति है जो म.प्र. अनुसूचित जनजाति के रूप में अधिसूचित नही है समिति अपने निर्णय दिनांक 1/4/2017 एवं आदेश दिनांक 3/5/2107 को यथावत मान्य करते हुए उनके क्रियान्वयन पर अपने आदेश दिनांक 6/5/2017 से लगाई रोक को एतद द्वारा निरस्त करती है.

श्रीमति दीपाली स्तोगी आयुकत जनजाति कार्य विभाग, सचिव उच्च स्तरीय छानबीन समिति म.प्र. अपने आदेश में यह निर्णय देती है कि प्रमुख सचिव म.प्र.शासन सामान्य प्रशासन विभाग (आरक्षण प्रकोष्ट) मंत्रालय/भोपाल आवश्यक कार्रवाही करें। इसी तरह प्रमुख सचिव म.प्र.शासन जनजाति कार्यविभाग/मंत्रालय एवं अध्यक्ष छानबीन समिति म.प्र. भोपाल आवश्यक कार्रवाही करें। श्री जे पी यादव प्रभारी अधिकारी संभागीय उपायुकत, संभागीय आदिवासी तथा अनु.जा.विकास होशंगाबाद संभाग म.प्र. की ओर अवमानना प्रक रण क्र.1498/2016 मा.उच्च न्या.जबलपुरम में जवाब दावा प्रस्तुत कर की कार्रवाही से इस कार्यालय को अवगत कराना सुनिश्चित करें।

बैतूल से दो बार भाजपा की सांसद रही वर्तमान में भाजपा की राष्ट्रीय सचिव ज्योति धुर्वे पूरे देश भर में सबसे अधिक वोटो लगभग 2 लाख से जीतने वाली एकमात्र आदिवासी सांसद है, जिसका जाति प्रमाण पत्र राज्य शासन आयुकत जनजाति कार्यविभाग द्वारा संदेहास्पद मानते हुए उसे आदिवासी मानने से इंकार करने के बाद अब ज्योति बेवा प्रेमसिंग धुर्वे के विरूध्द बैतूल कोतवाली पुलिस धोखाधड़ी एवं कूटरचित दस्तावेजो के आधार पर लिए गए लाभ के चलते अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की स्थिति में आ गई है। ज्योति बेवा प्रेमसिंग धुर्वे के जाति प्रमाण पत्र निरस्त किये जाने के निर्णय के बाद ज्योति मूलत: गैर आदिवासी पवार जाति जो पिछडे वर्ग में आती है की कहलायेगी।

ज्योति किरण ठाकुर ने दुर्ग महाविद्यालय रायपुर से राजनीतिशास्त्र में एमए की शिक्षा प्राप्त की तथा 30 दिसंबर 1990 को उसका विवाह पूर्व जनपद सदस्य प्रेमसिंग धुर्वे के साथ हुुआ जिससे उसक ी एक संतान प्रांजल धुर्वे है।

2009 के लोकसभा चुनाव में ज्योति ने कांग्रेस के ओझाराम इवने को हराकर पंद्रहवी लोकसभा की सदस्य चुनी गई, 2014 में मकड़ई के राजकुमार कुंवर अजय शाह को लगभग 3 लाख वोटो से हराकर दूसरी बार लोकसभा की सदस्य चुनी गई। दोनो लोकसभा के कार्यकाल के दौरान लगभग आधा दर्जन संसदीय समितियों की सदस्य रही, श्रीमति ज्योति धुर्वे राज्य अनुकाजा.महिला आयोग की अध्यक्ष भी रही इस दौरान उनके द्वारा अनेंक लोगो को फर्जी तरीके से पेट्रोल पंप एवं अन्य आवांटन करवाने के लिए सहयोग किया गया।

कुंवर अजय शाह ने इस संदर्भ में बताया कि 31 अकटूबर 2002 को  एसडीएम भैसदेही जिला बैतूल द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र को 2 मई 2017 को निरस्त करने के बाद म.प्र. की भाजपा सरकार की ओर से ज्योति धुर्वे को प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण दिया जाता रहा जिसके चलते उसके विरूध्द कोई भी आपराधिक प्रकरण दर्ज नही हो सका।

छानबीन समिति के वर्तमान आदेश के बाद बैतूल जिला भाजपा का कोई भी जिम्मेदार पदाधिकारी या स्वंय सांसद अपना पक्ष रखने के लिए सामने नही आ रहे है जिसके चलते यह संभावना जोर पकड़ रही है कि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पहले ही ज्योति धुर्वे के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी की जा सकती है।

कांग्रेस असली और नकली आदिवासी की लड़ाई के इस मामले को लोकसभा चुनाव के दौरान जमकर भुनायेगी और उसका राजनैतिक फायदा उठाने में कोई कोर कसर नही छोड़ेगी। मध्यप्रदेश के गठन के बाद से अभी तक हुये लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की बीते लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक वोटो से शर्मनाक पराजय हुई थी जिसको अब कांग्रेस अपनी जीत में बदलने को ललायित है।

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