ताप्ती महोत्सव : सुरमयी एवं धर्ममयी हुई ताप्ती नगरी

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बैतूल | 23-फरवरी-2019. मध्यप्रदेश संस्कृति संचालनालय द्वारा मुलताई में आयोजित तीन दिवसीय ताप्ती महोत्सव का 22 फरवरी की शाम को प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे द्वारा विधिवत् दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस बात का गौरव है कि हम मां ताप्ती की नगरी में निवास करते हैं।

मां ताप्ती समूचे क्षेत्र को सुख-समृद्धि एवं प्रसन्नता दें। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में ताप्ती महोत्सव को और बेहतर स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष श्री हेमन्त शर्मा भी मौजूद थे। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए कलाकारों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों ने मुलताई नगर को सुरमयी एवं धर्ममयी वातावरण प्रदान किया। महोत्सव में प्रथम प्रस्तुति डिंडोरी के लोक कलाकारों द्वारा गुदुमबाजा लोकनृत्य की प्रस्तुति दी गई।

गुदुमबाजा मूलत: आदिवासी लोकनृत्य है जो कि तीज-त्यौहार एवं मेला इत्यादि के अवसरों पर कलाकारों द्वारा निर्धारित परिधान में कौड़ी की माला पहन, घुंघरू बांधकर प्रस्तुत किया जाता है। उपस्थित दर्शकों ने गुदुमबाजा नृत्य के कलाकारों का तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। महोत्सव में द्वितीय प्रस्तुति देवास के श्री कालूराम बामनिया द्वारा कबीर गायन की थी।

अपनी प्रस्तुति में श्री बामनिया ने प्रासंगिक भजनों एवं दोहों के माध्यम से सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। साथ ही ईश्वर आराधना का भाव भी प्रकट किया, जो लोगों में भक्ति रस की चेतना जगाने में सफल हुआ। महोत्सव में बुंदेलखण्ड के लोकनर्तकों द्वारा बरेदी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई।

यह नृत्य बुंदेलखण्ड में गौमाता एवं गोवर्धन की पूजा के बाद किया जाता है। नृत्य भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित होता है। कार्यक्रम की अंतिम एवं चौथी प्रस्तुति मथुरा की श्रीमती माधुरी शर्मा एवं अन्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत ब्रज नृत्य था। ब्रज नृत्य गीत में राधा रानी एवं उनकी सखियों, राधा-कृष्ण की होली एवं राधा-कृष्ण की लीला का आकर्षक प्रस्तुतिकरण किया गया। जिसको उपस्थित दर्शकों ने ताली बजाकर सराहा।

ताप्ती महोत्सव के 23 एवं 24 फरवरी के कार्यक्रम

ताप्ती महोत्सव के दौरान दूसरे दिन 23 फरवरी को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में भोपाल की सुश्री अनु सपन, आगरा के श्री रामेन्द्र त्रिपाठी, बीकानेर के श्री रासबिहारी गौड़, उज्जैन के श्री दिनेश दिग्गज, अमरावती के श्री मनोज मद्रासी, छिन्दवाड़ा के श्री राजेन्द्र राही और जबलपुर के श्री मुकेश मनमौजी कविता पाठ करेंगे। अंतिम दिन 24 फरवरी को सूफी संगीत संध्या में देश के प्रख्यात सूफी गायक श्री हंसराज हंस की प्रस्तुति से महोत्सव का समापन होगा। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन यह कार्यक्रम सायं 7 बजे से मुलताई के हाई स्कूल मैदान में आयोजित होंगे।


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