प्रिन्टिग नियमों का उल्लंघन होने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान : श्री कौल

Spread the love

ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

खबरों और जिले, तहसील की एजेंसी के लिये सम्पर्क करें : 98932 21036

भोपाल । संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजेश कौल ने प्रिन्टिंग प्रेस संचालकों और मालिकों की बैठक में निर्देश दिये कि लोकसभा निर्वाचन 2019 के लिये  आदर्श आचरण संहिता लागू होने के साथ ही देश की अखण्डता को प्रभावित करने वाली और धार्मिक भावनाएँ भड़काने वाली बातें तथा किसी जाति, संप्रदाय, वर्ग और व्यक्ति के विरूद्ध कोई भी व्यक्तिगत बातें न छापी जायें।

राजनैतिक प्रचार-प्रसार के लिये छपने वाले पेम्फलेट, पोस्टर, बैनर के लिये छापने के पहले लिखित में आवेदन लें और प्रिन्टिंग सामग्री पर मुद्रक, प्रकाशक का नाम और संख्या का अनिवार्यता से उल्लेख किया जायें। ऐसी किसी भी प्रकार की राजनैतिक प्रचार-प्रसार सामग्री न छापी जायें, जिस पर प्रकाशक, संख्‍या का उल्‍लेख न हों।

कोई भी व्यक्ति तब तक निर्वाचन पेम्फलेट, पोस्टर मुद्रण या मुद्रित नहीं करवायेगा, जब-तक प्रकाशक की पहचान, घोषणा तथा उनके द्वारा हस्ताक्षरित हों और जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हो, द्वारा सत्यापित न हो ।

दस्तावेज मुद्रण के बाद उचित समय पर मुद्रित दस्तावेज की एक प्रति घोषणा की एक प्रति के साथ भेजी जाये। यदि राज्य की राजधानी में दस्तावेज मुद्रित हुआ है, तो मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी तथा जिले के जिले में मुद्रित हुआ है, तो जिला निर्वाचन अधिकारी को मुद्रित दस्तावेज उपलब्ध कराया जाये। निर्वाचन पेम्फलेट, पोस्टर पर धर्म, वंश, जाति समुदाय, भाषा, विरोधी के चरित्र हनन या उसके संबंध में अपील मुद्रित  न की जाये।

नियमों का उल्लंघन होने पर छ: माह का कारावास और 2000 रुपये तक जुर्माना या दोनों से दण्डनीय होगा। प्रिन्टिंग प्रेस को लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1951 की धारा 127 क (2)  के तहत मुद्रण सामग्री मुद्रित कर तीन दिवस के अन्दर प्रकाशक को भेजना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर प्रिन्टिंग प्रेस का लायसेन्स भी निरस्त किया जा सकता है। किसी भी निर्वाचन पेम्फलेट, पोस्टर के मुद्रण का काम शुरू करने से पहले मुद्रक आयोग द्वारा निर्धारित अनुबंध ‘क’ में धारा 127 क (2) के अनुसरण में प्रकाशक से घोषणा प्राप्त करेगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी या जिला दण्डाधिकारी को, जैसा भी मामला हो, भेजते समय प्रिन्टर द्वारा प्रमाणीकरण किया जायेगा। प्रिन्टर सामग्री मुद्रित करते समय तीन दिवस के अन्दर इसकी चार प्रतियाँ तथा प्रकाशक से प्राप्त घोषणा प्रस्तुत करेगा। मुद्रित सामग्री की घोषणा के साथ प्रिंन्टिग कागज और दस्तावेज का ब्यौरा आयोग द्वारा निर्धारित प्रोफार्मा ‘ख’ में देना होगा। 


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *