लोकसभा चुनाव : धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के राजनैतिक इस्तेमाल को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा, एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

जिला ब्यूरो चीफ जबलपुर // प्रशांत वैश्य : 79990 57770

जबलपुर 13 अप्रैल 2019 जबलपुर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों एवं उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं तथा राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों की आज शनिवार की शाम कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई ।

भारत निर्वाचन आयोग की सामान्य प्रेक्षक श्रीमती व्ही अमुथ्थावल्ली एवं व्यय प्रेक्षक श्री वेद प्रकाश मिश्रा की मौजूदगी में सम्पन्न हुई इस बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज ने उम्मीदवारों एवं राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को निर्वाचन व्यय लेखा के संधारण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्रीमती भारद्वाज ने इस अवसर पर उम्मीदवारों से  अपने चुनाव प्रचार अभियान में आदर्श आचार संहिता का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों से भी उम्मीदवारों एवं राजनैतिक दलों को अवगत कराया तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों तथा इनके उल्लंघन पर की जाने वाली वैधानिक कार्यवाही  की जानकारी भी उम्मीदवारों , उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं एवं राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को दी ।

कलेक्टर ने आने वाले त्यौहारों के मद्देनजर  उम्मीदवारों एवं राजनैतिक दलों को आगाह किया कि किसी भी धार्मिक अथवा सामाजिक कार्यक्रमों का राजनैतिक प्रयोजन या पॉलिटिकल केनवासिंग के तौर पर इस्तेमाल करना उनके विरुद्ध कार्यवाही का कारण बन सकता है । उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के राजनैतिक इस्तेमाल को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा और ऐसा करने वाले उम्मीदवार के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी ।

ऐसे कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी निर्वाचन कार्यालय द्वारा कराई जाएगी और पॉलिटिकल केनवासिंग का मामला पाये जाने पर आयोजन का पूरा खर्च उम्मीदवार के निर्वाचन व्यय लेखे में शामिल किया जाएगा । चाहे ऐसे कार्यक्रमों का आयोजक कोई अन्य व्यक्ति या संस्था क्यों न हो। जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती भारद्वाज ने बैठक में बताया कि चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशानुसार दिन प्रतिदिन के चुनावी खर्चे का ब्यौरा निर्वाचन व्यय लेखे में संधारित करना होगा तथा चुनावी अभियान के दौरान निरीक्षण के लिए तीन बार निर्धारित तिथियों पर एक्सपेंडीचर मॉनीटरिंग सेल को उपलब्ध कराना होगा।

श्रीमती भारद्वाज ने बताया कि उम्मीदवार  अपने निर्वाचन व्ययों का भुगतान निर्वाचन के उद्देश्य से खोले गए खाते से रेखांकित चेक या ड्रॉफ्ट अथवा आरटीजीएस या एमईएफटी से ही कर सकेगा। कलेक्टर ने बैठक में बताया कि निर्वाचन आयोग के नए निर्देर्शों के मुताबिक उम्मीदवारों द्वारा किसी व्यक्ति अथवा ईकाई को व्यय के किसी मद के लिए अदा की जाने वाली रकम यदि दस हजार से अधिक नहीं है तो ऐसे व्यय का भुगतान नगद किया जा सकता है। श्रीमती भारद्वाज ने बताया कि उम्मीदवार द्वारा संधारित दिन-प्रतिदिन के निर्वाचन व्यय के लेखे का मिलान निर्वाचन कार्यालय द्वारा रखे जा रहे छाया रजिस्टर से किया जाएगा। यदि इसमें कोई विसंगति पाई जाएगी तो उम्मीदवारों को इसके बारे में सूचित किया जाएगा। सूचना का तय समय-सीमा में जवाब नहीं देने पर उम्मीदवार के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस अवसर पर उम्मीदवारों और राजनैतिक दलों से कहा कि बिना पूर्व अनुमति के जुलूस, आमसभा का आयोजन न करें। वाहनों एवं लाउड स्पीकर के उपयोग की भी उन्हें पूर्व अनुमति लेनी होगी। श्रीमती भारद्वाज ने सुविधा एप पर अनुमतियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था तथा सिंगल विण्डो सिस्टम से भी उम्मीदवारों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रचार सामग्री में मुद्रक और प्रकाशक का नाम एवं मुद्रित सामग्री की संख्या अनिवार्य रूप से प्रिंटलाइन में देना अनिवार्य होगा। बिना प्रिंटलाइन के प्रचार सामग्री पाए जाने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127 क के तहत दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने केबल टीव्ही, रेडियो, टीव्ही चैनल एवं सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने वाले विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन कराने के निर्देश भी दिए।

श्रीमती भारद्वाज ने कहा कि वल्क में भेजे जाने एसएमएस, वायस मैसेज, ऑडियो- वीडियो, जिंगल्स आदि को भी जारी करने से पहले एमसीएमसी कमेटी से पूर्व प्रमाणन कराना अनिवार्य होगा। बैठक में राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों एवं उम्मीदवारों को ईव्हीएम मशीनों की कमिशनिंग के कार्यक्रम, मतदान की व्यवस्थाओं एवं इस बारे में निर्वाचन आयोग के दिशा- निर्देशों की भी जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें सी-विजिल एप एवं जिला संपर्क केन्द्र के टोल फ्री नंबर पर की जा सकती है। इस अवसर पर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्थाओं से भी राजनैतिक दलों को अवगत कराया गया।

बैठक में निर्वाचन आयोग के सामान्य प्रेक्षक एवं व्यय प्रेक्षक ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं उम्मीदवारों को बताया कि चुनाव संबंधी शिकायतों के लिए कोई भी नागरिक प्रतिदिन सुबह 10 से 11 बजे तक उनसे सर्किट हाउस क्रमांक एक में भेंट कर सकता है। इसके अलावा चुनाव संबंधी शिकायतों अथवा जानकारी के लिए मोबाइल फोन पर भी उनसे संपर्क किया जा सकता है।  बैठक में एक्सपेंडिचर मॉनिटरिंग सेल की नोडल अधिकारी एवं जिला पंचायत की सीईओ रजनी सिंह , उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर डॉ सलोनी सिडाना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव उइके , अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी एमसीएमसी वी पी द्विवेदी भी मौजूद थे ।

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