केन्द्रीय जेल सागर में महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आयोजित किया

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सागर | 26-मई-2018 म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सागर श्री एस.के.शर्मा के मार्गदर्शन में केन्द्रीय जेल, सागर में 17 मई से 26 मई तक 10 दिवसीय विधिक सेवा अभियान महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु आयोजित किया गया।

इस 10 दिवसीय विधिक सेवा अभियान के प्रथम दिन दिनांक 17 मई को श्री शर्मा के द्वारा अभियान का शुभारंभ कर महिला बंदियों से इस अभियान में भाग लेने व अपनी समस्याओं को बताने के लिए उत्प्रेरित किया और संबंधित अधिकारियों को उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए निर्देशित किया।

अभियान के दूसरे, तीसरे, चौथे ओर पांचवे दिन बुन्देलखण्ड मेडीकल कॉलेज एवं जिला चिकित्सालय की पृथक-पृथक विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमों के द्वारा महिला बंदियों और उनके बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाईयॉं दी गईं और निरोग रहने के लिए आवश्यक व्यायाम करने और साफ-सफाई से रहने के संबंध में आवश्यक सुझाव दिए गए।

अभियान के छॅठवे दिन केन्द्रीय जेल सागर के ही बंदी पैरालीगल वालेंटियर्स द्वारा प्रत्येक महिला बंदी से पृथक-पृथक चर्चा कर उनकी समस्याओं को लिखा गया तत्पश्चात् श्री सुनील कुमार जैन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सागर तथा श्री अनुज कुमार चन्सौरिया, जिला विधिक सहायता अधिकारी, सागर के द्वारा महिला बंदियों को आवश्यक सलाह दी गई।

अभियान के सॉतवे दिन महिला पैनल अधिवक्ता श्रीमती नीलम पटेल, सुश्री रमा चढ़ार, श्रीमती भावना शुक्ला, श्रीमती प्रीति प्रजापति, श्रीमती संतोषी मेहरा के द्वारा प्रत्येक महिला बंदी से चर्चा कर उनकी विधिक समस्याओं को लेख किया गया तथा कानून के अलग अलग विषयों पर प्रकाश डालते हुए कानून के बारे में विधिक साक्षरता शिविर के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रदाय की गई।

अभियान के आठवें और नौवे दिन एन.जी.ओ. तथा महिला बाल विकास के अधिकारियों द्वारा महिला बंदियों को स्वावलंबी एवं आत्म निर्भर बनाने के लिए सिलाई, कढ़ाई एवं ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण आयोजित किये गए ताकि निरूद्ध अवधि समाप्ति पर जेल के बाहर जाने वाली महिलाओं के सामने रोजगार से संबंधित समस्या उत्पन्न न हो।

10 दिवसीय विधिक सेवा अभियान के अंतिम दिवस में जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी, श्रीमती राजेश्वरी श्रीवास्तव के द्वारा महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया ताकि जेल से बाहर निकलने के पश्चात् रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें।

इस प्रकार 10 दिवसीय विधिक सेवा अभियान के अंतर्गत प्रत्येक दिवस में केन्द्रीय जेल सागर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सागर की ओर से विभिन्न गतिविधियॉं आयोजित कर महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों को लाभ पहुंचाकर अभियान को सफल बनाया। इस अभियान में महिला बाल विकास के अधिकारियों, एन.जी.ओ., पैरालीगल वालेंटियर्स, पैनल अधिवक्तागण, केन्द्रीय जेल के अधिकारियों द्वारा सक्रिय रूप से भाग लेकर अभियान को सफल बनाया।


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