मोदी लहर होने के बावजूद संबित पात्रा आखिर क्यों हार गए चुनाव जानिए

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23 मई को घोषित हुए लोकसभा चुनाव के परिणामों ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि देश में अभी मोदी लहर पूरी तरह से बरकरार है। इस लोकसभा चुनाव में दक्षिण भारत के कुछ राज्यों को छोड़कर देश के हर राज्य में मोदी लहर का जलवा देखने को मिला।

देशभर में मोदी लहर होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ओडिशा राज्य की पुरी लोकसभा सीट से चुनाव जीतने में सफल नहीं हुए। आइए जानें आखिर क्यों संबित पात्रा पुरी लोकसभा सीट से चुनाव हार गए।

कौन हैं संबित पात्रा-

संबित पात्रा देश की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा विभिन्न टीवी चैनलों पर पार्टी का पक्ष रखते हुए नजर आते हैं। संबित पात्रा पेशे से सर्जन हैं तथा उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा पास करके करके चिकित्सा अधिकारी के रूप में काम किया है। संबित पात्रा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा की केंद्रीय समिति में उड़ीसा राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने पात्रा को ओडिशा राज्य की पुरी लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था।

आखिर पुरी से क्यों चुनाव हारे संबित पात्रा-

भारत देश के तटीय राज्य ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के संबित पात्रा का मुकाबला बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्रा से था। संबित पात्रा और पिनाकी मिश्रा के बीच पुरी लोकसभा सीट पर हुई इस कांटे की टक्कर में बीजू जनता दल के प्रत्याशी पिनाकी मिश्रा 11 हजार से अधिक वोटों से चुनाव जीतने में सफल रहे।

पुरी में चुनाव प्रचार के दौरान संबित पात्रा के बाहरी होने का फायदा भी बीजू जनता दल को मिला। बीजू जनता दल के प्रत्याशी पिनाकी मिश्रा राजनीतिक अनुभव के मामले में भी संबित पात्रा पर भारी नजर आए। आपको बता दें कि पिनाकी मिश्रा पिछले 10 वर्षों से लोकसभा में पुरी संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इन वजहों से ही जबरदस्त प्रचार करने के बावजूद भी संबित पात्रा बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्रा से चुनाव जीत नहीं पाए।

स्रोत- वनइंडिया


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