लेंनसेक्स उद्योग नागदा की दादागिरी से परेशान रहवासी, आखिर क्यो खा रहे है नगर के रहवासी हर रोज काले कीड़े

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

ब्यूरो चीफ नागदा, जिला उज्जैन // विष्णु शर्मा 8305895567

नागदा। शहर की बहुचर्चित विदेशी उद्योग लेन्सेक्स, जो कि हर रोज विवादो में घिरी रहती है और केन्द्र तक चर्चित हो चुकी है। यह उद्योग नागदा के समीप मेहतवास एवं ग्राम उमरना में भूसे (बायोमासा) का भण्डारण करती है और उस भूसे (बायोमास) से बिजली का उत्पादन करती है। 

परन्तु उसके विपरित जहाँ-जहाँ  भूसे (बायोमास) का भण्डारन किया जाता है। वहा के आस पास रहने वाले रहवासीयों के लिए यह भूसा (बायोमास) भण्डारन ही जान का दुष्मन बन चुका है। यहा के रहवासीयो का कहना है कि हम लोग हर रोज इन भूसो से निकलने वाले जहरीले ,बदबुदार और काले कीडो से परेशान हो गये है हमारा जीना दुष्वार हो गया है यहा के रहवासीयो का कहना है कि हम लोगो को हर रोज खाने के साथ साथ इन कीड़ो से दूषित भोजन को खाने पर मजबुर होना पड़ रहा है।

इनका ये कहना है :- आर .डी.वांग प्रदूषण विभाग 

इन कीड़ो से दूषित भोजना को खाने  के बाद यहा के रहवासीयो को कई प्रकार की बिमारियों से जूझना पड रहा है. ग्रामीणों को भूसे (बायोमास) व कीडो से सांस की बिमारी, उल्टी दस्त त्वचा मे खुजली जी मीचलाना जैसी बिमारियों से जूझना पड रहा है। साथ ही बेजुबान पशुओं को भी भीषण एवं गंभीर बिमारीयो का शिकार हो कर  काल के मुह मे हर रोज बढ रहे है।

परन्तु सोचने का विषय यह है कि इस समस्या की ओर ना तो शासन ना ही  प्रशासन का ध्यान जा रहा है ओर ना ही नगर के बडे़ बड़े सामाज सेवको का ?  उद्योग ने प्रशानिक विभागीय अधिकारी, राजनेता व कुछ कम्पनी दलाल द्वारा  पैरो के नाप की चांदी की जुतीया बनवा रखी है। जिसके कारण यह जान बुझकर इस समस्या को नजर अंदाज कर आखो पर काली पट्टी बांधकर बैठे है।

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इनका ये कहना है : – BMO संजीव कुरावत  

लेंनसेक्स उद्योग कर रही है मनमानी रहवासियों पर यूनिट हैड संजय सिंह और पिंटू दास की दादागिरी उधोग का अधिकारी ही करता है दलाली। खेलता है रहवासियों की मौत का खेल प्रदूषण विभाग और प्रशानिक अधिकारि माल लेकर बैठते है चुप कार्यवाही में करते है आँख मिचौली अदभुत।

 

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