मंत्रि-परिषद का निर्णय : संविदा पर नियुक्त शासकीय सेवकों को नियमित पद पर नियुक्ति के अवसर मिलेंगे

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में संविदा पर नियुक्त शासकीय सेवकों को नियमित पदों पर नियुक्ति के अवसर देने के लिए विभिन्न निर्णय लिए गए। यह नीति राज्य शासन के सभी विभागों तथा राष्ट्रीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए गठित स्पेशल पर्पज व्हीकल्स मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद, राज्य/जिला स्वास्थ्य समिति, मध्यप्रदेश सर्व शिक्षा अभियान मिशन के तहत कार्यरत/पूर्व में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के लिए लागू होगी।

सभी विभागों के अनुमोदित प्रशासनिक सेटअप में संविदा पर नियुक्ति के लिए जो पद चिन्हित है, उन्हें चरणबद्ध तरीके से नियमित पदों में परिवर्तित किया जाएगा। प्रत्येक विभाग के भर्ती करने वाले पदों में आगामी 3 वर्ष तक 20 प्रतिशत पद संविदा पर नियुक्त शासकीय सेवकों के लिए आरक्षित रहेंगे।

इस आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के लिए वही संविदा सेवक पात्र होंगें, जो सीधी भर्ती का रिक्त पद जिस श्रेणी का है उसी श्रेणी में न्यूनतम 5 वर्ष तक संविदा पर नियुक्त रहे हो। पाँच वर्ष की यह अवधि रिक्त पद पर आवेदन करने की दिनांक को पूरी होनी चाहिए। यदि किसी संविदा सेवक ने विभिन्न पदों पर कार्य किया है तो उसकी कुल संविदा सेवा पाँच वर्ष की होना चाहिए। अगर उसने विभिन्न श्रेणी के पदों पर संविदा पर कार्य किया है तो पाँच वर्ष की उपरोक्त अवधि की गणना पूरी होने पर वह उस श्रेणी के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकेगा, जो इस पाँच वर्ष में निम्नतम श्रेणी का था।

संविदा सेवक एक अथवा उससे अधिक श्रेणी के संविदा पदों पर नियुक्त रहा हो, ऐसी स्थिति में जिस श्रेणी के नियमित पद पर वह नियुक्ति का आवेदन करता है उसके समकक्ष एवं उच्चतर श्रेणी के संविदा पद पर वह जितने वर्ष कार्यरत रहा उतने वर्ष की छूट उसे निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में मिलेगी। यह छूट सहित अधिकतम आयु आवेदन दिनांक अथवा पद की भर्ती के लिए जारी विज्ञप्ति में निर्धारित दिनांक को 55 वर्ष से अधिक नहीं होगी।

नियुक्ति की प्रक्रिया में अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ा वर्ग के आरक्षण नियमों का पालन होगा। संविदा पर कार्यरत शासकीय सेवक की सेवा मेकेनिकल रूप से समाप्त नहीं की जाएगी। विधिवत जाँच पूरी करने के बाद ही सेवा समाप्त की जा सकेगी। संविदा कर्मचारियों का मासिक पारिश्रमिक,समकक्ष नियमित पदों के वेतनमान के न्यूनतम का 90 प्रतिशत, निर्धारित करने का प्रावधान किया जायेगा।

संविदा पर नियुक्त शासकीय सेवकों को प्रत्येक वर्ष के जनवरी माह में वार्षिक वेतन वृ‍द्धि, अलोच्य अवधि में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में वृद्धि के आधार पर देय होगी। यह राशि निकटतम 100 रूपये के गुणांक तक पूर्णांकित की जाएगी। इस अनुसार वार्षिक वेतन वृद्धि देने के लिए यह आवश्यक होगा कि संबंधित संविदा सेवक ने कम से कम 6 माह की सेवा अवधि उस वेतन में पूरी कर ली हो। जिन संविदा कर्मचारियों को पूर्व से ई.पी.एफ/राष्ट्रीय पेंशन योजना का लाभ प्राप्त नहीं हो रहा हो, उन्हें राष्ट्रीय पेंशन योजना का लाभ दिया जायेगा।

संविदा पर कार्यरतों को एक कैलेण्डर वर्ष में 13 दिन के आकस्मिक अवकाश, 15 दिन के अर्जित अवकाश तथा 10 दिन के लघुकृत अवकाश की पात्रता होगी। कैलेण्डर वर्ष की समाप्ति पर शेष अवकाश स्वत: व्यपगत हो जायेंगे। संविदा पर नियुक्त महिला कर्मचारियों को 90 दिन के प्रसूति अवकाश की पात्रता उन प्रतिबंधों के साथ रहेगी जो महिला शासकीय सेवक के लिए अवकाश नियमों में निर्धारित है।


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