राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर एसडीएम और तहसीलदार के रीडर को नोटिस जारी करने के निर्देश

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

जिला ब्यूरो चीफ जबलपुर // प्रशांत वैश्य : 79990 57770

कलेक्टर ने किया गोरखपुर तहसील कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण

एसडीएम और तहसीलदार के रीडर को नोटिस जारी करने के निर्देश

जबलपुर. कलेक्टर श्री भरत यादव ने आज रामपुर स्थित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय एवं तहसीलदार कार्यालय गोरखपुर का औचक निरीक्षण कर राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर एसडीएम और तहसीलदार के रीडर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये हैं ।

कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान एसडीएम, तहसीलदार एवं अतिरिक्त तहसीलदार न्यायालय में दर्ज कुछ प्रकरणों का परीक्षण भी किया ।  इस दौरान उन्होंने अविवादित नामांतरण के प्रकरणों में बिना वजह पेशी बढ़ाये जाने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए एसडीएम गोरखपुर और तहसीलदार गोरखपुर क्रमांक-एक के रीडर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये ।  उन्होंने नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा के अविवादित प्रकरणों का तय समय-सीमा के भीतर निराकरण करने की साफ शब्दों में हिदायत देते हुए कहा कि अगली बार निरीक्षण में कमियां पाई गई तो दोषी कर्मचारियों-अधिकारियों के विरूद्ध सीधे निलंबन की कार्यवाही की जायेगी ।

कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट की दायरा पंजी का भी निरीक्षण किया ।  उन्होंने सारे दस्तावेज और पटवारी का प्रतिवेदन संलग्न होने के बावजूद छह-छह माह तक नामांतरण के अविवादित प्रकरणों का निराकरण न हो पाने पर हैरानी जताई ।  श्री यादव ने अपील के एक प्रकरण में तहसीलदार कोर्ट से एसडीएम कोर्ट तक एक वर्ष बाद भी मूल दस्तावेज नहीं पहुंच पाने पर गहरी नाराजी व्यक्त की ।  उन्होंने कहा कि यह हालात तब हैं जब तहसीलदार और एसडीएम कोर्ट एक ही छत के नीचे हैं ।

श्री यादव ने इस मौके पर राजस्व अधिकारियों को अधीनस्थ अमले के कार्यों पर निगरानी रखने के निर्देश भी दिये ।  उन्होंने राजस्व अधिकारियों को अधीनस्थ न्यायालयों का नियमित तौर पर निरीक्षण करने की बात भी कही ।

कलेक्टर ने इस निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर को साफ-सुथरा रखने तथा कामकाज के सिलसिले में आने वाले लोगों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था करने एवं पानी के लिए वाटर कूलर लगाने के निर्देश भी दिये । उन्होंने लोक सेवा केन्द्र से प्राप्त होने वाले प्रकरणों को भी दायरा पंजी में दर्ज करने की हिदायत अधिकारियों को दी ।


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