कैराना-नूरपुर उपचुनाव: सपा-रालोद गठबंधन ने दिखाया दम, मिली बड़ी जीत

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गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनावों के बाद उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भी विपक्षी एकजुटता के आगे सत्तारूढ़ भाजपा को एक बार फिर शिकस्त का सामना करना पड़ा और दोनों ही सीटों पर सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशियों ने आज जीत हासिल कर ली। 

निर्वाचन आयोग के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक कैराना लोकसभा उपचुनाव में रालोद उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को 44618 मतों से हराया। तबस्सुम को 481182 और मृगांका को 436564 वोट मिले। दूसरी ओर, नूरपुर विधानसभा सीट पर सपा प्रत्याशी नईमुल हसन ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा की अवनी सिंह को 5662 मतों से शिकस्त दी।

निर्वाचन अधिकारी ध्रुव त्रिपाठी द्वारा घोषित चुनाव नतीजे के अनुसार हसन को 94875 जबकि अवनी को 89213 वोट मिले। कैराना लोकसभा उपचुनाव में जीत के साथ 16वीं लोकसभा में रालोद ने अपना खाता खोल लिया है। वहीं, नूरपुर सीट में जीत के साथ राज्य विधानसभा में सपा सदस्यों की संख्या बढ़कर 48 हो गयी है।

मालूम हो कि कैराना सीट पर सपा ने रालोद उम्मीदवार को समर्थन दिया है। वहीं, नूरपुर में रालोद ने सपा का सहयोग किया है। इन दोनों ही सीटों के उपचुनाव के लिये गत 28 मई को वोट पड़े थे। मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी की शिकायतें आयी थीं। कैराना सीट पर कल 73 मतदान केन्द्रों पर पुनर्मतदान हुआ था।

कैराना उपचुनाव जीतीं तबस्सुम ने इसे जनता की विजय करार देते हुए इसके लिये रालोद, सपा, बसपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीटों के उपचुनाव में सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशियों की कामयाबी के लिये जनता तथा सभी सहयोगी दलों को धन्यवाद देते हुए कहा कि अवाम ने देश को बांटने वाली राजनीति करने वालों को करारा जवाब दिया है।

अखिलेश ने उपचुनाव परिणामों में सपा और रालोद के गठबंधन के प्रत्याशियों को निर्णायक बढ़त मिलने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उपचुनाव में भाजपा ने कोशिश की कि जमीनी सवालों पर मतदान ना हो। मगर जनता ने गन्ना, गरीबी और रोजगार के सवाल पर भाजपा को जवाब दिया है।

अपनी प्रत्याशी को मिली जीत के बाद रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि जो लोग साम्प्रदायिकता फैलाकर जीतना चाह रहे थे, उनके एजेंडा को जनता ने नकार दिया है। इस उपचुनाव में हर व्यक्ति ने कहा कि ‘जिन्ना नहीं गन्ना चलेगा।

उन्होंने कहा कि केन्द्र में कहने को तो सरकार है लेकिन इस वक्त देश को एक-दो लोग ही चला रहे हैं। हर बात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ही नाम लिया जाता है। अगर उपलब्धियां एक व्यक्ति की हैं तो नाकामी पर लोग पूछेंगे कि वह लहर कहां चली गयी। चार साल की सरकार में आपने जनता को छला है। हम अगले चुनाव में भी इन्हीं बातों को लेकर चलेंगे और भाजपा से सवाल पूछेंगे।

जयंत ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले सम्भावित महागठबंधन में रालोद की बड़ी भूमिका रहेगी।

चुनाव में पराजय के बाद भाजपा उम्मीदवार मृगांका ने कहा कि वह परिणाम से निराश जरूर हैं, मगर हताश नहीं। हम कहीं ना कहीं केन्द्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारों की उपलब्धियों को आम लोगों को समझा नहीं पाये। उन्होंने माना कि उपचुनाव में विपक्षी दलों के गठबंधन की ताकत दिखायी दी। भाजपा को उससे निपटने के लिये खुद को और तैयार करना होगा।

इस बीच, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि कैराना में विपक्ष पिछले डेढ़-दो वर्षों से जातीय उन्माद फैलाने और विषवमन का काम कर रहा था। भाजपा ऐसी राजनीति नहीं करती। उन्होंने कहा कि चूंकि विपक्ष राजनीतिक बेरोजगारी की स्थिति में है, लिहाजा वह जीत के लिये हर हथकंडा अपना रहा है। हम एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत चुनाव लड़ रहे थे, आगे भी लड़ेंगे और जीतकर आयेंगे।

कैराना लोकसभा सीट का उपचुनाव भाजपा सांसद हुकुम सिंह के फरवरी में निधन के कारण कराया गया है। वहीं, नूरपुर में भाजपा विधायक लोकेन्द्र सिंह चौहान की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के कारण उपचुनाव हुआ है

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