राज ठाकरे से ED की पूछताछ जारी, कई जगह धारा 144 लागू, हिरासत में लिए गए MNS नेता संदीप देशपांडे

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

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मुंबई . महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) अध्यक्ष राज ठाकरे को प्रवर्तन निदेशालय का नोटिस दिए जाने के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में है। ठाकरे गुरुवार को ईडी के सामने पेश होने के लिए अपने बेटे और बेटी के साथ पहुंचे हैं। ऐसे में एमएनएस कार्यकर्ता किसी तरह का हंगामा न करें, इसे लेकर पुलिस चौकन्नी है। इसके मद्देनजर गुरुवार सुबह एमएनएस नेता संदीप देशपांडे को हिरासत में ले लिया गया है।

गौरतलब है कि कोहिनूर सीटीएनएल इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी में आईएल ऐंड एफएस द्वारा 450 करोड़ रुपये की इक्विटी निवेश और कर्ज से जुड़ी कथित अनियमियतताओं की जांच के सिलसिले में ईडी ने राज ठाकरे को नोटिस जारी किया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने सोमवार को आरोप लगाया कि कथित धनशोधन के एक बहुत पुराने मामले की जांच के सिलसिले में पार्टी प्रमुख राज ठाकरे को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध’’ के चलते नोटिस जारी किया है।

हालांकि, महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने इस आरोप का खंडन किया है। ईडी ने ‘आईएल एंड एफएस’ से जुड़े कथित भुगतान कोताही प्रकरण संबंधी धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में यह कदम उठाया है। ठाकरे को 22 अगस्त को जांच अधिकारी (आईओ) के समक्ष पेश होने को कहा गया है।

मनसे के प्रवक्ता संदीप देशपांडे ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘इस साल की शुरूआत में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राज ठाकरे ने सनसनी फैला दी थी। इसका लोगों पर काफी असर पड़ा था और अब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की चुनौती से बचने के लिए, ईडी ने उन्हें नोटिस जारी किया है।’’ उन्होंने यहां संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, ‘‘यह राजनीतिक प्रतिशोध का मामला है।’’ ईडी ने मामले में ठाकरे के साथ ही महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं शिवसेना के वरिष्ठ नेता मनोहर जोशी के पुत्र उन्मेश जोशी को भी तलब किया है।

जांच एजेंसी आईएल एंड एफएस समूह के कर्ज से उन्मेश जोशी प्रर्वितत कंपनी कोहिनूर सीटीएनएल के शेयरों में निवेश के मामले में ठाकरे की संलिप्तता की जांच कर रही है। यह कंपनी मुंबई में कोहिनूर स्कवायर टावर का निर्माण कर रही है। देशपांडे ने कहा, ‘‘कोहिनूर सौदा बहुत पुराना है और ठाकरे काफी समय पहले इससे निकल गये थे। मुझे आश्चर्य है कि केंद्र ने इतने समय बाद जांच नोटिस क्यों भेजा है।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ईडी हमारी आवाज दबाने का औजार बन गया है।’’

देशपांडे ने कहा, ‘‘यदि सरकार राज ठाकरे के खिलाफ पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर कोई कार्रवाई करती है, तो हम सड़क पर उतरेंगे।’’ हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने मनसे के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि ठाकरे ने यदि कुछ गलत नहीं किया है तो उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। नोटिस किसी राजनीतिक कारण को लेकर जारी नहीं किया गया है। मंत्री ने कहा, ‘‘प्रवर्तन निदेशालय एक स्वायत्त संस्था है। इसके कामकाज में हमारा कोई दखल नहीं है।’’

कार्यकर्ताओं को नोटिस

बता दें कि ठाकरे की पेशी के मामले में कानून-व्यवस्था की समस्या से बचने के लिए पुलिस ने धारा 149 के तहत एमएनएस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में आगाह किया कि कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी कड़ी में गुरुवार को सुबह एहतियात के तौर पर देशपांडे को हिरासत में ले लिया गया।


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