चिन्मयानंद कांड : पीड़िता ने एसआईटी को सौंपे 43 वीडियो, स्वामी को बताया ‘ब्लैकमेलर’

Spread the love

ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

खबरों और जिले, तहसील की एजेंसी के लिये सम्पर्क करें : 98932 21036

यौन उत्पीड़न मामले में फंसे बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पीड़िता और उसके परिवार ने एसआईटी को चिन्मयानंद के खिलाफ एक-दो नहीं, बल्कि 43 वीडियो सौंप दिए हैं और स्वामी को ‘ब्लैकमेलर’ कहा है।

सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता ने कहा, “चिन्मयानंद ने ही नहाते समय का मेरा (पीड़िता) वीडियो अपने विश्वासपात्र से तैयार करवाया था। वीडियो हाथ लगते ही चिन्मयानंद ने मुझे ब्लैकमेल कर हवस का शिकार बनाना शुरू कर दिया।”

सूत्रों ने बताया कि फिलहाल एसआईटी ने पीड़ित पक्ष की तरफ से मुहैया कराए गए वीडियो और बाकी अन्य तमाम सीलबंद चीजों को फॉरेंसिक टीम के हवाले कर दिया है, ताकि 23 सितंबर को जब एसआईटी मामले की जांच की प्रगति रिपोर्ट के साथ हाईकोर्ट की निगरानी पीठ के सामने पेश हो, तब वहां वह सब कुछ साफ-साफ बता सके।

इसे भी पढ़ें :- बीजेपी नेता स्वामी चिन्मयानंद का नंगे होकर छात्रा से मालिश कराने का वीडियो वॉयरल

इस बीच, पीड़िता और उसके परिवार ने शनिवार को मीडिया से कहा है कि स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ जो सबूत पीड़ित पक्ष ने इकट्ठे किए थे, उनमें से काफी हद तक हटा-मिटा दिए गए हैं। अभी तक हालांकि पीड़िता एसआईटी जांच पर भरोसा जता रही थी।

यह खबर पीड़िता और उसके परिवार को कहां से मिली? इस सवाल का माकूल जवाब पीड़ित पक्ष के पास नहीं था। उन्होंने बस इतना कहा, “एसआईटी क्या कर रही है, हमें सब मालूम चल रहा है।”भला एसआईटी इतने विवादित जांच की प्रगति रिपोर्ट को हाईकोर्ट की पीठ के सामने ले जाने से पहले ही उसके बारे में पीड़ित पक्ष को क्यों रही है? यह सवाल आसानी से गले नहीं उतर रहा है।

सूत्रों के अनुसार, पीड़िता ने खुद के नहाते समय के वीडियो (कथित तौर पर स्वामी द्वारा बनवाया गया) के अलावा और भी तमाम आपत्तिजनक वीडियो जांच एजेंसी को सौंपे हैं।

इसे भी पढ़ें :- बच्चा हाथ ज़ोड कर पुलिस वालों से गुहार लगाता रहा- मेरे पापा को छोड दो.

हालांकि पीड़िता के इन बयानों की पुष्टि के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह से लेकर राज्य पुलिस प्रवक्ता और एसआईटी का नेतृत्व कर रहे महानिरीक्षक नवीन अरोड़ा तक कोई बात करने को तैयार नहीं है।

पुलिस के इन आला अधिकारियों से यह जानने के लिए भी संपर्क करने की कोशिश की कि क्या लड़की की शिकायत पर (सात दिन बाद भी) एसआईटी ने एफआईआर में दुष्कर्म की धारा जोड़ दी है? लेकिन किसी की भी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। एसआईटी पहले से ही पूरे प्रकरण में मुंह बंद किए हुए है। उसका कहना है, “जांच की निगरानी इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय विशेष पीठ कर रही है।”

इसे भी पढ़ें :- पूर्व BJP सांसद चिन्मयानंद की बढ़ीं मुश्किलें, अब छात्रा ने रेप का आरोप लगाया- दिल्ली में FIR दर्ज

गौरतलब है रि मामले का भंडाफोड़ होने के शुरुआती दौर से ही पीड़ित परिवार यूपी पुलिस पर स्वामी चिन्मयानंद की प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने का आरोप लगाने लगा रही है। गौर करने वाली बात यह भी है कि इतने हाईप्रोफाइल मामले में नियमानुसार प्रतिदिन पुलिस-ब्रीफिंग की भी मीडिया उम्मीद लगाए बैठी थी, लेकिन पुलिस ने पहले दिन से लेकर शनिवार तक पूरे प्रकरण में एक भी अधिकृत जानकारी मीडिया को नहीं दी है।

इसे भी पढ़ें :- फर्जी वेबसाइट प्रकरण में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क को दिये हाईकोर्ट ने कार्रवाई के निर्देश, फर्जी वेबसाइट घोटाले का मास्टरमाइंड कथित अवधेश भार्गव जल्द जायेगा जेल


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *