हनी ट्रैप रंगीला रे रंगीलो… *कमलनाथ के मंत्री ने अफसरों को दी क्लीनचिट, बोले-महिला गैंग ने फंसाया* मंत्री गोविंद सिंह ने कहा- जिस तरह से कथित वीडियो सामने आ रहे हैं, उन्हें देखकर साफ लगता है कि ये साज़िश है : मो. तारिक़

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*मो. तारिक़*
*स्वतंत्र लेखक*

भोपाल ! प्रदेश सरकार में मंत्री गोविंद सिंह को नहीं लगता कि हनी ट्रैप के इस केस में अफसर दोषी हैं ! उन्होंने कहा गैंग की महिलाओं ने ज़बरदस्ती अफसरों को फंसाया है !

हनी ट्रैप गैंग की वजह से मध्यप्रदेश में नेताओं से लेकर अफसरों तक भले ही हड़कंप मचा हो, लेकिन मंत्री गोविंद सिंह इसे सिर्फ साज़िश मानते हैं ! उनका मानना है कि महिला गैंग ने ज़बरदस्ती नेताओं-अफसरों को फंसाया ! गोविंद सिंह ने कहा-जिस तरह से कथित वीडियो सामने आ रहे हैं, उन्हें देखकर साफ लगता है कि ये साज़िश है ! वीडियो से ज़ाहिर है कि किस तरह से महिला गैंग अफसरों को फंसाने का काम करती थीं !

अफसरों को क्लीन चिट

मंत्री गोविंद सिंह ने अफसरों को क्लीन चिट देते हुए कहा कि हनी ट्रैप मामले के लिए सीधे महिला गैंग ज़िम्मेदार है, न कि अफसर ! महिला गैंग ने अफसरों को फंसाया है !

अधिकारी बदलने पर सफाई

हनी ट्रैप कंटेंट की गोपनीयता को लेकर अब सियासी बवाल उठ खड़ा हुआ है ! बीजेपी ने चार बार जांच अधिकारी बदले जाने पर सरकार से सवाल पूछा है ! बीजेपी के मुताबिक क्या सरकार को पुलिस अफसरों पर भरोसा नहीं है या फिर जांच को प्रभावित करने के लिए अफसर बदले जा रहे हैं ! पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा था कि बार-बार जांच अधिकारी बदले जाने पर अब जांच की विश्वसनीयता खत्म हो गई है ! इस पर मंत्री गोविंद सिंह ने कहा सीएम कमलनाथ को मिली शिकायतों के आधार पर जांच कमेटी बदलने का फैसला हुआ है ! जांच में न तो किसी को फंसाया जाएगा और न ही किसी को बख्शा जाएगा ! जनता के विश्वास को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है ! यही कारण है कि योग्य अफसरों को जांच का जिम्मा सौंपकर सरकार सालों से चले आ रहे हनी ट्रैप कांड का सच सामने लाने के प्रयास में है !

चार अफसर बदले

हनी ट्रैप केस के शीर्ष जांच अधिकारी चार बार बदले जा चुके हैं ! फिलहाल जांच का जिम्मा राजेंद्र कुमार के नेतृत्व वाली एसआईटी के पास है ! इससे पहले सरकार ने इंदौर के पलासिया थाने में रिपोर्ट दर्ज होने पर थाना टीआई को हटाया ! उसके बाद आईडी श्रीनिवास वर्मा की अध्यक्षता वाली एसआईटी बनायी गयी ! फिर श्रीनिवास वर्मा से जांच लेकर संजीव शमी को सौंपी ! फिर संजीव शमी से जांच लेकर राजेंद्र कुमार को एसआईटी प्रमुख बनाया गया !

मानवाधिकार संरक्षण हेतू गठित अंतराष्ट्रिया सामाजिक संस्था पीस इंडिया (एनजीओ) प्रदेश अध्यक्ष मो. तारिक़ का इस पूरे मामले पर नज़र रखें हुये है जिसमे कुछ वीडीयो वाईरल होने की भी चर्चायें सामने आई है ! यदि कमलनाथ सरकार ने मामले को रफा दफा करा गया तो ऐसे चरित्रहीन अधिकारियों नेताओं को बल मिलेगा भविष्य में हर कोई किसी भी नारी कि आबरू से खिलवाड़ करेगा !

वैसे माना कि नारी ने अनेकानेक बार अपने रुप योवन सौंदर्यता से ऋषि मुनियों साधू संतो को अपने जाल में फंसा उनकी तपसस्या भंग की ऐसा ही विश्व में ऐसे किस्से सुनने व देखने को मिलते रहें सहित अब नारी ने तो अपने यौवन का प्रदर्शन कर चलचित्रों के माध्यम से धन कुबेर बनने का सपना पूरा कर रहीं ! लेकिन मप्र में तो भ्रष्ठ अधिकारियों नेताओं ने अपनी अय्याशी के लिए अपने पद का दुरूपयोग कर उसके बदले उन महिलाओं पर शासकिया ख़ज़ाना लुटा दिया ! जिसकी पूर्ण जांच व दौषियों के विरुद्ध कठौर से कठौर कार्यवाही होना ज़रूरी है !

*”अब तो फिर वैचारिक द्वंद हैं”*
*मो. तारिक़*
*स्वतंत्र लेखक*


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