युवक की हत्या कर नाले मे हाथ पैर बांधकर फैंकी गयी लाश की गुत्थी को पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाया

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ANI NEWS INDIA 

फैक्ट्री की गाड़ी के ड्रायवर द्वारा, अपनी ही फैक्ट्री में चोरी करते समय चौकीदार द्वारा देख लेने पर, कर दिया चौकीदार का काम तमाम।

इन्दौर- दिनांक 05.06.2018 को सुबह 08.00 बजे पुलिस को सुचना मिली कि एमआर. 04 पर पंचमौरी पुलिया के नीचे नाले मे एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है जिसके हाथ व पैर बधे हुऐ है। इस सूचना पर तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत चौबे, नगर पुलिस अधीक्षक परदेशीपुरा श्री हरीश मोटवानी व थाना प्रभारी बाणगंगा मय बल के फोरेंसिक एक्सपर्ट के साथ मौके पर पहुचकर वहां का निरीक्षण किया गया तो देखा कि पंचमौरी पुलिया के नीचे नाले किनारे मृतक का शव पड़ा हुआ था

जिसके दोनो हाथ पीछे से एवं दोनो पैर बंधे हुऐ थे, मृतक व्यक्ति के शऱीर पर जगह जगह चोटो के निशान थे मृतक का गला दोनो तरफ से कटाँ हुआ था और सिर मे गहरी चोट होकर खून निकल रहा था और मृतक के चेहरे पर चोट होकर चेहरा स्पष्ट रुप से पहचान मे नही आ रहा था। मौके पर देखने से ही मामला स्पष्ट रुपसे हत्या का दिखाई दे रहा था। घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए, पुलिस उप महानिरीक्षक इन्दौर शहर श्री हरिनारायणाचारी मिश्र एवं पुलिस अधीक्षक इन्दौर पूर्व श्री अवधेश गोस्वामी द्वारा घटना का पर्दाफाश कर, आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिये गये। जिस पर अति. पुलिस अधीक्षक पूर्व जोन-3 डॉ. प्रशांत चौबे एवं नगर पुलिस अधीक्षक परदेशीपुरा श्री हरीश द्वारा  थाना प्रभारी बाणगंगा तारेश कुमार सोनी के नेतृत्व में टीम गठित कर, आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

लाश मिलनें के स्थान पर ही पुलिस को मृतक के शरीर के पास से दो कागज के टुकड़े मिले जिसमे एक पैनकार्ड की फोटोकापी एवं एक बैंक आफ बड़ोदा की पासबुक की फोटोकापी थी जिस पर सुरेश पिता बाबुलाल दाबोदिया निवासी 264 धर्मराज कालोनी इन्दौर का पता लिखा हुआ था। उक्त पते पर पुलिस टीम भेजकर तस्दीक की गई तो वहां पर सुरेश नाम का व्यक्ति मौजूद मिला जिसे मृतक का शव दिखाया गया तो उसने पहचानने से इंकार किया, जिससे पुछा कि तुम्हारे नाम की आयडी इसके पास कैसे मिली तो उसने बताया कि मै वाडीलाल केमिकल्स लिमिटेड फैक्ट्री पोलोग्राउन्ड इन्दौर मे काम करता हूं और वहां पर मेने यहआयडी दे रखी है।

उक्त जानकारी के आधार पर सुरेश को लेकर थाना प्रभारी तारेश कुमार सोनी उक्त फैक्ट्री पर पहुचे तो वहाँ उपस्थित मेनेजर संजय देवधर ने बताया कि सुरेश उनकी फैक्ट्री मे लोडिग गाड़ी चलाता है और फैक्ट्री का कर्मचारी है पूछताछ मे मैनेजर ने यह भी बताया कि रविवार की रात को उनकी फैक्ट्री से 45 आर्गन व नायट्रोजन गैस के खाली सिलेन्डर चोरी गये है और फैक्ट्री का चौकीदार शिवशंकर गुप्ता गायब है। पुलिस टीम ने फैक्ट्री के समस्त कर्मचारियो से पूछताछ की और फैक्ट्री की तलाशी ली तो चौकीदार का कमरा अस्त व्यस्त दिखाई दिया जिसकी सूक्ष्मता से जाँच करने पर पाया गया कि उक्त कमरे मे फर्श व दीवार पर खून के धब्बे है जिससे इस बात की पुष्टी हो रही थी कि शायद मृतक शिवशंकर की हत्या फैक्ट्री स्थित उसके कमरे मे करके अपराध व साक्ष्य छुपाने के उद्धेश्य से मृतक का शव नाले मे फैक दिया गया है।

जाँच कर रही पुलिस टीम को यह संदेह हुआ कि कोई परिचित व्यक्ति ही फैक्ट्री की चोरी और चौकीदार शिवशंकर की हत्या मे शामिल है इसी लिये उसने पहचान छुपाने के लिये मृतक का शव नाले मे फैक दिया और इसी आधार पर पुलिस ने फैक्ट्री के समस्त कर्मचारियो सेबारी बारी से पूछताछ की तो पुलिस को यह पता चला कि फैक्ट्री की लोंडिग गाड़ी सुरेश उर्फ राकेश चलाता है और इन्दौर व आसपास के क्षैत्रो मे गैस सिलेंडर सप्लाय करता है। उक्त विशेष प्रकार के गैस सिलेन्डरो की चोरी और चोरी गये गैस सिलेन्डरो की खपत भी जानकार व्यक्ति ही कर सकता है, इस आधार पर पुलिस ने लोडिग पीकअप वाहन के ड्रायवर सुरेश उर्फ राकेश पिता बाबूलाल दबोदिया निवासी 264 धर्मराज कालोनी इन्दौर को अभिरक्षा मे लेकर पूछताछ की तो सुरेश मृतक को पहचानने से और घटना से इंकार करता रहा और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा।

पुलिस द्वारा हिकमतअमली से पूछताछ की तो सुरेश ने घटना करना स्वीकार किया और फिर उसने पुलिस को पूरा घटनाक्रम बताया कि वह पिछले 5-6 साल से उक्त फैक्ट्री मे लोडिग वाहन चलाने का काम करता है और इन्दौर, पीथमपुर, रतलाम , देवास आदि स्थानो पर कंपनी के गैस सिलेन्डर सप्लाई का काम करता है। वह काफी दिनो से सिलेन्डरो की बड़ी खैप चुराने की योजना बना रहा था, फिर उसने यह बात अपने दोस्त मनोज लोधी, जितेन्द्र प्रजापति को बताई और फैक्ट्री मे चोरी की योजना बनाई, इस काम मे इन्होने सुरेश के जीजापप्पू को भी शामिल कर लिया।

घटना की रात को सुरेश उसके घर के पीछे रहने वाले जीतू बौरागी से स्वीफ्ट कार रतलाम जाने का बोलकर मांगकर लाया, फिर चारो ने कलाली पर शराब पी और घटना की योजना बनाई, उसके बाद चारो स्विफ्ट कार मे पोलोग्राउन्ड स्थित फैक्ट्री पर पहुचे और गेट कूदकर फैक्ट्री के अन्दर पहुचे। फैक्ट्री पर गैस सिलेन्डर चोरी करते समय खटपट की आवाज होने से फैक्ट्री का चौकीदार शिवशंकर गुप्ता जाग गया, जिसने सुरेश और जीतू को पहचान लिया तो सुरेश ने शिवशंकर पर हमला कर दिया और ब्लेड से उसका गला काट दिया, मनोज ने शिवशंकर पर ईट से लगातार वार किये जिससे उसके सिर व चेहरे पर गहरी चोट होने से उसकी मृत्यु हो गई।

फिर चारो ने फैक्ट्री मे खड़ी लोडिग पीकअप गाड़ी मे 45 गैस सिलेन्डर भरे और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से मृतक शिवशंकर का शव स्विफ्ट डिजायर कार की डिक्की मे रखा और दोनो गाडियो से चारो लोग धर्मराज कालोनी पहुचे तथा पुलिया के पास खाली जमीन पर गैस सिलेन्डर फैक्ट्री की पीकअप मे से उतार कर रख दिये और वहां पर जीजा पप्पू को छोड़ दिया और दोनो गाडियो से सुरेश, मनोज व जीतू वापस फैक्ट्री पर आये लोडिगगाड़ी जीतू प्रजापति चला रहा था और स्विफ्ट कार सुरेश चला रहा था।

तीनो ने फैक्ट्री पहुंचकर लोडिग पीकअप गाड़ी को फैक्ट्री मे खड़ी कर दी और तीनो स्वीफ्ट कार से एमआर-04 के सुनसान रास्ते पर पहुचे और एमआर-04 स्थित पंचमौरी पुल के नीचे नाले मे मृतक शिवशंकर पिता कौशल प्रसाद गुप्ता निवासी ग्राम सिरमौर जिला रीवा मप्र का शव फैक दिया और वहां से चलकर स्कीम न. 51 के मेन रोड पर खड़ी लोडिग गाड़ी के ड्रायवर को बुलाकर धर्मराज कालोनी ले गये और वहां पर से गैस के सिलेन्डर गाड़ी मे चड़ाकर, सिलेण्डरों को लेकर चारो स्विप्ट कार से पीथमपुर पहुचे और पीथमपुर स्थित एक फैक्ट्री मे सिलेन्डर रख दिये फिर चारो स्विफ्ट कार से वापस इन्दौर आकर अपने अपने घर पर चले गये।

इस प्रकार पुलिस टीम द्वारा इस सनसनीखेज अंधेकत्ल  व चोरी के प्रकरण का चंद घण्टो मे खुलासा कर प्रकरण मे शामिल मुखय आरोपी सुरेश उर्फ राकेश पिता बाबुलाल दाबोदिया 264 धर्मराज कालोनी इन्दौर को गिरफ्तार किया जाकर घटना मे प्रयुक्त की गई मारुती स्विफ्ट डिजायर कार क्र. एमपी-09/सीपी-3191 को जप्त किया जा चुका है। घटना मे शामिल तीन अन्य आरोपियो जितेन्द्र, मनोज व पप्पू की तलाश पुलिस द्वारासरगरमी से की जा रही है, फैक्ट्री से चोरी किये गये 45 गैस सिलेन्डर की बरामदगी के लिये भी एक टीम पीथमपुर रवाना की जा चुकी है।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में त्वरित व सराहनीय कार्यवाही कर उक्त अंधेकत्ल का चंद घंटो में पर्दाफाश कर, आरोपी को पकड़ने में थाना प्रभारी बाणगंगा श्री तारेश कुमार सोनी, उनि. विनोद शर्मा, उनि, आर.एन.मिश्रा, प्रआर. चंद्रशेखर, आर. सौरभ, आर. राजकुमार, आर. भूपेन्द्र, आर. मनीष तथा आर, विक्रम का महत्वपूर्ण एवं उल्लेखनीय योगदान रहा।

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