पूर्व डीजेपी मध्य-प्रदेश को उन्हीं के डीएसपी मिश्रा ने अफसरों के तबादले को लेकर पीएमओ से की शिकायत

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दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की याचिका 21 अप्रैल को दो सुनवाई

सीबीआई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के मौजूदा डायरेक्टर और मध्य प्रदेश के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे ऋषि कुमार शुक्ला पिछले दिनों 80 सीबीआई अधिकारियों के तबादले को लेकर विवादों में आ गए हैं.

सीबीआई के दिल्ली मुख्यालय में पदस्थ डीएसपी एसपी मिश्रा ने शुक्ला पर अनियमितताएं के आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय पीएमओ में शिकायत की है साथ ही मिश्रा ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की है इसे याचिका पर हाईकोर्ट में 21 अप्रैल को 2 जजों की बेंच सुनवाई करेगी.

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सीबीआई ने पिछले महीने 5 साल से एक ही ब्रज में जमे और 10 साल से एक ही स्टेशन पर पदस्थ होने का आधार बनाकर 80 अधिकारियों के तबादले किए गए थे किसी को लेकर डीएसपी मिश्रा ने सवाल खड़े करते हुए याचिका दायर की है याचिका में मिश्रा ने कहा है कि डायरेक्टर शुक्ला सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर अजय भटनागर डिप्टी डायरेक्टर अनुराग मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस एसपी मनोज वर्मा ज्वाइंट डायरेक्टर ताई मनोहर मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस और ज्वाइंट डायरेक्टर अमित कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ना खाऊंगा ना खाने दूंगा के सपने को खत्म कर रहे हैं हाल ही में 5 साल से एक ही ब्रांच और 10 साल से एक ही स्टेशन में जमा होने का आधार बनाकर 80 अधिकारियों के तबादले किए गए.

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इसमें ताकतवर और अपने चहेते अधिकारियों का तबादला ना करते हुए अच्छी छवि के ईमानदार अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं कुछ अधिकारी तो ऐसे हैं जो 15 साल से एक ही स्थान पर जमे हैं लेकिन उनके तबादले नहीं किए हैं सीबीआई के पूरे सिस्टम को शुक्ला समेत कुछ अधिकारियों ने हाईजैक कर लिया है याचिका के साथ मिश्रा ने उन अधिकारियों की सूची भी लगाई है जो पिछले 15 साल से एक ही स्थान पर जमे हैं लेकिन उनका तबादला नहीं किया गया है मिश्रा ने मांग की है कि जनवरी 2020 में हुए तबादलों का विशेष ऑडिट कराया जाना चाहिए इससे पूरा भ्रष्टाचार उजागर हो जाएगा शुक्ला मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारी है जनवरी 2019 में प्रदेश सरकार ने उन्हें डीजीपी पद से हटाया था.

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इसके बाद उनकी नियुक्ति सीबीआई डायरेक्टर पद पर हो गई थी 177 सीबीआई आरक्षक बंगले पर कर रहे काम याचिका में मिश्रा ने आरोप लगाया है कि सीबीआई के 177 आरक्षक घरेलू नौकरियों की तरह काम कर रहे हैं इनका वेतन सीबीआई दे रही है मिश्रा के मुताबिक एक सीबीआई अधिकारी जयंत कश्मीरी तबादले से नाराज होकर नौकरी से इस्तीफा भी दे चुका है दिल्ली में पदस्थ जयंत का तबादला कोलकाता कर दिया था.

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उनकी नौकरी को डेढ़ माह से भी कम समय बचा था जबकि 2 साल से कम नौकरी वाले अधिकारियों का तबादला करना सही नहीं है हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब मिश्रा ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कोई आरोप लगाए हैं इसके पहले मिश्रा ने पिछले साल सितंबर 2019 को भी प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर एके भटनागर पर झारखंड में 14 लोगों पर फर्जी एनकाउंटर करने के आरोप लगाए थे.


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