वर्ष 2018-19 में पाले से खराब हुई फसलों के वंचित किसानों को तत्काल मिले बीमा क्लेम – विधायक गुर्जर

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

जिला ब्यूरो चीफ उज्जैन, नागदा // विष्णु शर्मा : 8305895567

किसान बीमा राशी से वंचित हो गए तो प्रमाण मांगा जा रहा है.

नागदा जं.। वर्ष 2018-19 में अत्यधिक ठण्ड पाले से खराब हुई फसलों की बीमा राशी से वंचित किसानों को तत्काल बीमा राशी का भुगतान कराये जाने की मांग विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने मुख्यमंत्री व कलेक्टर और बीमा कंपनी को पत्र लिखकर की है।

श्री गुर्जर ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि खाचरौद-नागदा क्षेत्र में 2018-19 में अत्याधिक ठण्ड (पाला) पडने से किसानों के गेहूॅं, चना आदि की फसल पुरी तरह जल गई थी, नष्ट हो गई थी उन्होंने बैंको के माध्यम से ऋण लेते समय फसल बीमा कराया था लेकिन जो बीमा क्लेम की राशी जारी हुई है उसमें क्षेत्र के दर्जनों गांव के किसानों के नाम सूची में नदारद होने से क्षेत्र के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा सकती है। बीमा राशी की सूची जारी होने के बाद क्षेत्र के किसानों की लगातार शिकायतें मिल रही है कि फसल बीमा की राशी जमा कराई थी बीमा कराने के बाद भी गांव के गांव बीमा राशी जारी सूची में नाम नहीं आने से किसान काफी परेशान हो रहे है।

श्री गुर्जर ने मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर व बीमा कंपनी को कडा पत्र लिखकर मांग की है कि क्षेत्र के हर गांव के किसान की फसल पाले से खराब हुई है। तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने कलेक्टर उज्जैन ने हर किसान की खराब फसल का गांव-गांव टीम गठित कर मुआयना कराये जाने के निर्देश दिये थे  गठित टीम ने सर्वे कर शासन को प्रतिवेदन दिया था लेकिन हर गांव के किसान की फसल खराबी का मौके पर जाकर मुआयना होने के बाद भी बीमा क्लेम राशी की जारी सूची में गांव के गांव छुट जाना क्षेत्र के किसानों के साथ सरासर अन्याय है।

श्री गुर्जर ने पत्र में यह भी बताया कि जिला सहकारी बैंक क्षेत्र के किसानों से खाद, बीज ऋण लेते समय फसल बीमा की राशी तो प्राप्त कर लेते है लेकिन रसीद नहीं देने से किसान के पास प्रमाण नहीं रहता है किसान बीमा राशी से वंचित हो गए तो प्रमाण मांगा जा रहा है जब रसीद दी ही नहीं तो प्रमाण कैसे देगा।

श्री गुर्जर ने पत्र में अवगत कराया कि 2017 के फसल बीमा राशी वितरण में भी भैंसोला, बरथुन, राजपुर रायती, अर्जला, परमारखेडी, किलोडिया, भगतपुरी, खामरिया, नायन, उंचाहेडा, कलसी, अलसी, नागदा, पाडल्या कलां आदि दर्जनों गांव बीमा क्लेम की राशी से वंचित है जबकि फसल बीमा प्रीमियम की राशी किसानों के ऋण खातें से सीधी जमा कर ली गई थी लेकिन क्षेत्र के किसान क्लेम से वंचित है।

फसल बीमा कराने के पश्चात यदि प्राकृतिक प्रकोप या अन्य किसी कारण से फसल खराब हो जाती है तो किसान बीमा क्लेम का अधिकारी है बीमा कंपनी को बीमा राशी का भुगतान करना जरूरी है नहीं तो किसानों को आंदोलन के लिए मजबुर होना पडेगा।


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