ग्रेसिम ने दिया 90 लाख का प्रस्ताव, नपा 2.35 करोड़ पर अड़ी -अवैध निर्माण में नया मोड़

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

जिला ब्यूरो चीफ उज्जैन, नागदा // विष्णु शर्मा : 8305895567

खबर से जनता की तिजौरी में करोड़ों के राजस्व आय का मार्ग प्रशस्त

वरिष्ठ पत्रकार कैलाश सनोलिया जी से प्राप्त जानकारी के अनुसार

उज्जैन जिले के नागदा में संचालित ग्रेसिम उद्योग परिसर में करोड़ों की लागत से निर्माणाधीन जेएलडी प्लांट का कथित बिना अनुमति निर्माण कार्य में अब नया मोड़ आया है। खबर में यह मामला उठाया था कि नगरपालिका एवं ग्रेसिम उद्योग के बीच परंपरागत चला आ रहा एक अनुबंध वर्ष 2017 के बाद समाप्त हो गया। उसके बाद उसका नवीनीकरण नहीं हुआ। अनुबंध के तहत प्रतिवर्ष लाखों की राशि उद्योग प्रबंधन, नपा में जमा करता आ रहा था। अब यह राशि जमा होना बंद हो गई। ऐसी स्थिति में जेएलडी का निर्माण कार्य अवैधानिक है।

खबर के बाद ग्रेसिम उद्योग प्रबंधन ने 90 लाख रुपये प्रतिवर्ष अदा करने का प्रस्ताव नपा को भेजा है, जबकि नपा अब 2 करोड़ 35 लाख पर अड़ गई। जेएलडी प्रोजेक्ट निर्माण कार्य अभी भी विवादों में घिरा है, क्योंकि ऐसा कोई दस्तावेज नपा को उद्योग प्रबंधन ने प्रस्तुत नहीं किया, जिसमें यह उल्लेखित हो कि बिना अनुमति के उद्योग परिसर में निर्माण कार्य किया जा सकता है। अनुबंध के तहत जो राशि उद्योग जमा करता आ रहा है, वह निर्माण कार्य की है। इसे रोकने के दो नोटिस उद्योग प्रबंधक को भेजने के बाद भी जब कार्य को नहीं रोका गया तो नपा अब अदालत का दरवाजा खटखटाने को विवश हुई। अब सीएमओ ने उन दस्तावेजों की उद्योग प्रबंधन से मांग की है, जिसके तहत प्रबंधन यह दावा कर रहा है कि उद्योग परिसर में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। अब तक ग्रेसिम ऐसे कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाया।

सीएमओं ने की पुष्टि

मुख्य नपा अधिकारी अशफाक खान ने इस बात की पुष्टि की है कि ग्रेसिम उद्योग प्रबंधक उद्योग परिसर में निर्माण कार्य करने के बदले अनुबंध का नवीनीकरण 2017 में समाप्त हो चुका है। अनुबंध के तहत उस समय तक राशि लगभग 50 लाख प्रतिवर्ष नपा को मिला करती थी। अब नवीनीकरण के तहत उद्योग प्रबंधन ने प्रतिवर्ष 90 लाख का प्रस्ताव दिया है, लेकिन नपा ने 2 करोड़ 35 लाख प्रतिवर्ष लेने की मांग की है। साथ ही गत तीन वर्षो का एरियर भी मांगा जा रहा है। ग्रेसिम अब राशि को एक मुश्त देने के बजाय 5 वर्षो की किस्तों में देने का प्रस्ताव दे रहा है। जिसको सीएमओ ने ठुकरा दिया।

क्या है अनुबंध

उद्योग परिसर में होने वाले निर्माण कार्य के बदले नपा एवं ग्रेसिम के बीच एक निर्धारित राशि प्रदान करने का अनुबंध होता आया है। वर्ष 2017 में जब अनुबंध समाप्त हुआ तब उद्योग प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख दे रहा था।

नपा की नोटशीट लगी हाथ

प्रकरण से जुड़ी नपा की नोटशीट समेत कई दस्तोवजों की प्रमाणित प्रतिलिपियां समाचार एजेंसी के हाथ लगी है। नोटशीट में यह लिखा गया है कि यह पूरा मामला अभिषेक चौरसिया निवासी नागदा की एक शिकायत के बाद सामने आया है। उसके बाद अधिकारीगण मौेके पर ग्रेसिम के खिलाफ निर्माण कार्य का पंचनमा बनाने पहुंचे थे।

अधिकारी के आदेश का उड़ाया मखौल

सीएमओं ने बताया जेएलडी निर्माण को रोकने के लिए दो बार नोटिस ग्रेसिम प्रबंधन को दिया जा चुका है। उन्होंने स्वयं एक टीम के साथ मौका मुआयना भी किया जिसमे पाया गया कि निर्माण कार्य अभी भी चल रहा है। सीएमओं के मुताबिक आदेश का उल्लघंन करने पर अब नपा ने कोर्ट जाने की तैयारी की है। नपा के कानूनी सलाहकार रमेश चंद चंदेल से संपर्क किया है। शीघ्र न्यायालय में मामला प्रस्तुत किया जाएगा।

क्या बोले नपा के लीगल एडवाईजर

नपा के अभिभाषक रमेश चंद्र चंदेल का कहना है कि सीएमओ अशफाक खान ने ग्रेसिम के जीएलडी प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को लेकर संपर्क किया है। इस प्रकरण का अध्ययन किया जा रहा है। शीघ्र वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।


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