भाजपा नेताओं को अपने निजी व घर के कार्यो के लिए भी शासकीय कर्मचारियों की आवश्यकता

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

जिला ब्यूरो चीफ उज्जैन, नागदा // विष्णु शर्मा : 8305895567

 

महिला कर्मचारी सविता पिपलौदीया ने अपना दर्द किया बयां

नागदा जं.। केन्द्रीय सामाजिक मंत्री थावरचंद गेहलोत के गृह नगर में शासकीय कन्या महाविद्यालय में विगत 4 वर्षो से कार्यरत महिला कर्मचारी को सिर्फ इस लिए हटा लिया गया कि वह भाजपा नेताओं के घरों में काम करने के लिए मना कर रही थी। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के घरों में शहर के विभिन्न शासकीय विभागों जिसमे नगर पालिका, तहसील व अन्य विभाग में कार्यरत कर्मचारी उनके यहां निजी काम करते है। यह बात कर्मचारी सविता पिपलौदिया के समर्थन में एनएसयुआई द्वारा दिए गए धरने के दौरान जिला कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध स्वामी ने कहीं।
श्री स्वामी ने कहां कि भाजपा नेताओं को अपने निजी व घर के कार्यो के लिए भी शासकीय कर्मचारियों की आवश्यकता होती है और यही कारण है कि 4 वर्षो से कार्यरत महिला कर्मचारी को बिना कोई सूचना पत्र दिए कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या शीला ओझा द्वारा हटाया जा रहा है। श्रम कानून में इस बात का स्पष्ट प्रावधान है कि 90 दिनों से ज्यादा एक ही स्थान पर काम करने वाला कर्मचारी वहां स्थायी कर्मचारी के रूप में कार्य करने की पात्रता रखता है। उसका भी उल्लंघन महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है।
इस अवसर पर मिडिया के समक्ष पूर्व जनभागीरी अध्यक्ष नरेन्द्र गुर्जर ने कहां कि एनएसयुआई के दबाव में 2 दिन पूर्व महिला कर्मचारी को पुनः काम पर रख लिया गया था लेकिन यह बात भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को नागवार गुजरी जिसके कारण आज पुनः महिला कर्मचारी को हटाने का दबाव प्राचार्या पर भाजपा द्वारा बनाया गया। कर्मचारी की नियुक्ति 4 वर्ष पूर्व भाजपा शासन काल में ही हुई थी और प्राचार्या शीला ओझा को 6 माह हो चुके है कन्या महाविद्यालय का प्रभार संभाले। आज उनको यह ज्ञात हो रहा है कि कर्मचारी की शैक्षणिक योग्यता कम होने के कारण उन्हें नौकरी से निकाल देना चाहिए। यह हास्यास्पद और महिला कर्मचारी के साथ भद्दा मजाक है। जिसको बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जरूरत पडी तो विक्रम विश्वविद्यालय के वरिष्ठों व उच्च शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री तक का घेराव कर कर्मचारी को न्याय दिलाने की लडाई कांग्रेस लडेगी।
महिला कर्मचारी सविता पिपलौदिया ने अपना दर्द बयां करते हुए कहां कि लोकसभा व विधानसभा चुनाओं में मैंने फुल को वोट दिया और आज मुझे उसका परिणाम भुगतना पड रहा है।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार आर.के. गुहा द्वारा प्राचार्य ओझा मैडम से चर्चा की गई चर्चा के उपरांत मंगलवार तक का समय समस्या के निराकरण के लिए मांगा गया। श्री गुहा ने नेताओं को आश्वास्त किया कि महिला कर्मचारी व प्राचार्य के मध्य जो भी मतभेद है उनका निराकरण दोनो को बिठाकर कर लिया जायेगा।
इस अवसर पर एनएसयुआई अध्यक्ष संदीप चैधरी, अभिषेक ठाकुर, संदीप गुर्जर, जितेन्द्र बाघेला, पंकज जाट, मुक्तेश सेन आदि उपस्थित थे।


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