रूस देश ने रुसिया कोरोना वेक्सीन की लांचिंग की और रूस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन जी ने पूरी दुनिया के सभी देशों को भी चौंका दिया की रूस दुनिया का पहला देश बन गया जिसने पहला कोरोना वेक्सीन बनाया जिससे दुनियाभर में ख़ुशी की लहर फ़ैल गई।

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मुंबई // गुणवंत सिंह बघेल : 9967086023

 

रूस देश ने रुसिया कोरोना वेक्सीन की लांचिंग की और रूस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन जी ने पूरी दुनिया के सभी देशों को भी चौंका दिया की रूस दुनिया का पहला देश बन गया जिसने पहला कोरोना वेक्सीन बनाया जिससे दुनियाभर में ख़ुशी की लहर फ़ैल गई।

कोरोना वेक्सीन बनाने में सभी देशो से बहुत आगे निकल गया रूस देश और तो और कोरोना का जो टिका वेक्सीन बना है उसके द्वारा बनाये गए एक टिका की भी रेगुलेटरी अप्रूवल प्राप्त हो चुका है।

मंगलवार ११/०८/२०२० को रूस के राटरपति श्री व्लादिमीर पुतिन जी पूरी दुनिया को खुशखबरी सुनाते हुए एलान किया रूस में सबसे पहले बनने वाली पहली कोविड -१९ वेक्सीन स्वास्थ्य मंत्रालय ( हेल्थ मिनिस्ट्री) से अनुमोदन (अप्रूवल) प्राप्त हो। साथ साथ आगे उन्होंने बताया की उनकी बेटियों को ये टिका लगाया गया है और कोई सईद इफ़ेक्ट नहीं हुआ है। राष्ट्पति जी आगे बताया की कोरोना वायरस के विरोध खिलाफ में ये वेक्सीन को रजिस्‍टर्ड की गई है ये सुबह आज की दुनिया में कोरोना वायरस की दवाई जो वेक्सीन के रूप में आई उसके कोरोना के खिलाफ के लिए याद किया जायेगा। और जिन लोगो ने वेक्सीन बनाने में काम किया सभी को धन्यवाद किया। और कहा ये वेक्सीन सभी मापदंडो से गुजरी है हर तरह के टेस्ट किये गए और अच्छी तरह से गुजरी है और अब ये बड़े पैमाने में उत्पादन के लिए भेजा जायेगा जल्द से जल्द। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जी ने आग बताया की उनकी १ बेटी को ये टिका लगा गया है और वो दोनों अच्छा महसूस कर रही है खास बात ये की कोई भी सईद इफ़ेक्ट नहीं हुआ और आगे बताये की जब पहला टिका लगाए था तब उसका टेम्प्रेचर ३८ डिग्री सेल्सियस था उसके बाद ३७ डिग्री सेल्सियस से कुछ ऊपर था और अभी वो पूरी तरह से स्वस्थ है।

रूस सरकार के स्वस्थ मंत्री श्री मिखाइल मुरशको के कहे अनुसार सबसे पहले हेल्थ वर्कर्स को ये वेक्सीन देने की शुरुवात होगी क्यूंकि रूस ने अपने सबसे पहले फ्रंट लाइन में हेल्थ वर्कर्स को रखा है इसलिए उनको सबसे पहले टिका लगाया जायेगा। उसके बाद बुजुर्ग को ये वेक्सीन दी जाएगी क्यूंकि सीनियर सिटीजन को प्राथमिकता देना सराहनीय कदम है। वेक्सीन का रेगुलेटरी अप्रूवल पहले ही मिल चुका है इसलिए अभी वेक्सीन को सिमित मात्रा में टिका को तैयार किया जायेगा उसके बाद सितमबर में इंडस्ट्रियल प्रॉडक्‍शन में वेक्सीन बनाने का काम शुरू हो जायेगा साथ साथ रूस ने आगे कहा की ओक्टुबर से पुरे देशभर में टिका लगाने का काम की शुरुवात की जा सकती है।

कोरोना वेक्सीन का टिका को रूस विश्व के सभी देशों को देने की बात कही उसके बाबजूद कुछ देश कोई निर्णय नहीं ले पा रहे है इसलिए हिचक रहे है। सबसे बड़ी बात पचिमी देशो के साथ वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गनाइजेशन ने भी अपनी चिंता जाहिर की है , क्यूंकि उनको पूरी तरह से पर्याप्त डेटा बिना वेक्सीन को सप्लाई कैसे कर सकते है जो बिलकुल भी ठीक नहीं होगा। यूनाइटेड किंगडम ने खुले ढंग से सबके सामने साफ़ साफ़ बोल दिया की अपने देश के नागरिकों को वो ये कोरोना वेक्सीन का डोज किसी भी हालत में नहीं देगा। इससे ये होगा की शुरुवाती समय में ये वेक्सीन दुसरो देशों को ना भेजा जा सके, और जब ये वेक्सीन रूस की जनता को लगाए जायेंगे और उसका असर को देखते हुए ही कोई भी देश फैसला कर सकते है।

रूस के लोगो के लिए सबसे अच्छी बात है की वह की रुसी एजेंसी टॉस के कहे मुताबिक , पुरे रूस के लोगो के लिए मुफ्त मतलब ( फ्री ऑफ कॉस्ट ) दी जाएगी। जो खर्चा लगत आएगा वो देश के बजट से पूरा करा जायेगा। अभी दूसरे देशो के लिए कोरोना वेक्सीन की कीमत की कोई जानकारी नहीं दी गई। रूस के शहर मॉस्‍को के गामलेया रिसर्च इंस्टिट्यूट ने एडेनोवायरस को केंद्रबिंदु बनाके ये वेक्सीन को तैयार किया गया है। वहाँ के डॉक्टर बैज्ञानिक रिसर्चर्स ने दावा किया जो भी वैक्‍सीन में पार्टिकल्‍स यूज जो भी हुए हैं, वो खुद को कॉपी रेप्लिकेट कभी नहीं कर सकते।


सबसे बड़ी बात यहाँ काम करने वाले लोगो को भी वेक्सीन दिया गया इसमें रिसर्च के साथ साथ मैनुफैक्‍चरिंग में जो लोग थे शामिल उनको भी इस वेक्सीन का टिका दिया गया है और टिका देने के बाद बुखार आ सकता है इसलिए उनको पैरासिटामॉल का उपयोग करने को गया है।

कोरोना वेक्सीन बनाने के लिए विश्वभर में बड़े पैमाने में ट्रायल किये जा रहे है , इसमें ब्रिटेन , अमेरिका , चीन, जापान, इजरायल, और भारत बड़े देश इस वेक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल अच्छी तरह कर रहे है और कार्य अभी चालू है। इस ट्रायल में की आखिरी स्टेज में ५ वेक्सीन आ चुकी है और ओक्टुबर तक नतीजे आएंगे। वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गनाइजेशन ने रूस की कोरोना वेक्सीन में शक प्रगट किया है साथ रूस के अंदर भी इसका विरोध हो रहा है। उसका कारण है की रूस ने बहुत जल्दबाज़ी में ये वेक्सीन को लॉन्चिंग की है जो दुनियाभर के देशों और लोगो को गले नहीं उतर रही है और तो और नागरिको जल्द हो सकता इस हफ्ते ही वेक्सीन दी जा सकती है हुए उसका विरोध शुरू हो गया है। वही की एक कंपनी जिसका नाम है मल्‍टीनैशनल फार्मा कंपनीज की एसोसिएशन ने चेतावनी दी लोकल में जो इ क अच्छा संदेश नहीं देती। और साथ साथ कहा की बिना क्लिनिकल ट्रायल हुआ नहीं तो वेक्सीन का लोगो में सिविल उपयोग की पमिशन देना बहुत ही खतरनाक स्टेप हो सकता है, एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल ट्रायल्‍स ऑर्गनाइजेशन ने एक चिट्ठी भेजी है वह के स्वस्थ मंत्री मिखाइल मुरशको को और अपनी बात रखते हुए कहा है की १०० से भी कम लोगो को इसका टिका दिया गया है और ये सब देखते हुए इसको बड़े पैमाने में इस वेक्सीन का उपयोग होता है तो जो बहुत खतरनाक भी हो सकता है।

में राष्ट्रवादी गुणवंत सिंह बघेल अपनी ANI NEWS INDIA TEAM और भारत की सभी जनता के तरफ से रूस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन जी को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाये देता हूँ की आपने देश के मानव के लिए इंसानियत के लिए अपनी जो सवेंदना दिखाई तीव्रता के साथ वो वाकई वंदनीय सम्मानीय सराहनीय है मेरा प्रणाम स्वीकार करियेगा।

 

Russia Registers First Covid-19 Vaccine as Trials Continue

https://www.bloomberg.com/news/videos/2020-08-11/russia-registers-first-covid-19-vaccine-as-trials-continue-video

(Photo Social Media)

आज भारत के स्वास्थमंत्री श्री डॉक्टर हर्षवर्धनजी ने अपने ट्वीट के माध्यम से खुशखबरी दिए की भारत में ३ प्रकार की वेक्सीन का काम चालू है अलग अलग तरीके से।

Dr Harsh Vardhan
@drharshvardhan
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4h
प्रेस वार्ता में #COVID19vaccine को लेकर जानकारी देते हुए
@MoHFW_INDIA
के सचिव श्री राजेश भूषण जी ने बताया कि देश में इस समय तीन प्रकार की #vaccine पर अलग-अलग तरीकों से काम चल रहा है ।


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