मुलताई में होगा स्थाई हैलीपेड का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने मांगी राजस्व विभाग से जमीन, राशि भी आई

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

ब्यूरो चीफ मुलताई, जिला बैतूल // राकेश अग्रवाल : 7509020406

 

मुलताई। मुलताई ब्लाक में जल्द ही स्थाई हैलीपेड का निर्माण होगा, इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने राजस्व विभाग से जमीन की मांग की हैै। बताया जा रहा है कि हैलीपेड निर्माण के लिए राशि भी आ चुकी है, एवं राजस्व विभाग द्वारा मुलताई सहित आसपास के दायरे में जमीन की तलाश की जा रही है।

 

मुलताई में हमेशा ही बड़े नेताओं, मंत्रियों सहित वीआईपी लोगों का आना-जाना लगा रहता है, ऐसे में सरकार द्वारा एक स्थाई हैलीपेड बनवाया जा रहा है। फिलहाल किसी नीजि भूमि पर अस्थाई हैलीपेड बनाकर काम चलाया जाता है, हर बार वीआईपी के आने पर नया हैलीपेड बनाना पड़ता है, जो बाद में किसी काम का नहीं होता।

पवित्र नगरी मुलताई में जल्द ही एक स्थाई हैलीपेड का निर्माण किया जाएगा। जिसके लिए प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। पीडब्ल्यूडी ने राजस्व विभाग को पत्र लिखकर सरकारी भूमि प्रदान करने का आग्रह किया है। राजस्व विभाग द्वारा इसके लिए भूमि ढंूढी जा रही है, हालाकि अभी तक हैलीपेड के लिए भूमि फायनल नहीं हो पाई है, लेकिन इस काम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। दरअसल मुलताई में लगातार वीआईपी परर्सन मूवमेंट बढऩे से स्थाई हैलीपेड की आवश्कता महसूस हो रही है। स्थाई हैलीपेड बनने से किसी भी भी हैलीकाप्टर की लैङ्क्षडग मुलताई में हो सकेगी। मुलताई के समीप ही छिंदवाड़ा पूर्व सीएम कमलनाथ की कर्मभूमि है, वहीं इसके पूर्व पीएचई मंत्री का पद मुलताई विधायक सुखदेव पांसे संभाल चुके हैं। वहीं पड़ोसी जिला हरदा से वर्तमान कृषि मंत्री कमल पटेल है। ताप्ती नगरी होने के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति का मुख्य केंद्र भी मुलताई बन चुका है। जिसके चलते मुलताई में स्थाई हैलीपेड की आवश्कता महसूस हो रही है। जिसी के चलते हैलीपेड बनाने को लेकर अब भूमि आबंटन के लिए पत्राचार शुरू हो चुका है। जिसको लेकर राजस्व विभाग भी सक्रिय हो चुका है।

 

100 मीटर बाय 100 मीटर भूमि में बनेगा हैलीपेड

 

हैलीपेड बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी द्वारा राजस्व विभाग से 100 मीटर बाय 100 मीटर भूमि की मांग की गई है। इस भूमि में हैलीपेड का निर्माण किया जाएगा। बताया जा रहा है कि अमरावती रोड सहित बैतूल रोड की ओर भूमि की खोज की जा रही है। मासोद रोड पर भी पांच किमी के दायरे में सरकारी भूमि है, इस रोड पर भी भूमि आबंटित की जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही भूमि आबंटित की जाएगी।


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