आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में सिंचाई परियोजना एवं विशेष पुनर्वास पैकेज

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मंत्रि-परिषद ने धार जिले की रिंगनोद लघु सिंचाई परियोजना की 425 हेक्टेयर रबी सिंचाई के लिये 25 करोड़ 58 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी।

भोपाल : मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ जिले की पार्वती परियोजना के कुल सैंच्य क्षेत्र 48,000 हेक्टेयर के लिए 1815 करोड़ 54 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी। परियोजना से राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ तथा ब्यावरा एवं भोपाल जिले की बैरसिया विकासखण्ड के 132 ग्राम लाभांवित होंगे।

मंत्रि-परिषद ने लोअर ओर वृहद सिंचाई परियोजना के लिये भू-अर्जन अधिनियम 2013 एवं पुनर्वास नीति 2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन के अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया।  इसके फलस्वरूप शासन द्वारा इस परियोजना में भू-अर्जन एवं पुनर्वास पर 199 करोड़ 56 लाख के स्थान पर 236 करोड़ 10 लाख की राशि व्यय की जायेगी।

मंत्रि-परिषद ने बरखेड़ा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए भू-अर्जन अधिनियम 2013 एवं पुनर्वास नीति 2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने कारम मध्यम सिंचाई परियोजना के लिये भू-अर्जन अधिनियम 2013 एवं पुनर्वास नीति,2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास कार्य के लिये 49 करोड़ 55 लाख रूपये का प्रावधान है।

डूब क्षेत्र के ऐसे कृषक, जिनकी भू-अर्जन अधिनियम,2013 के तहत सोलेशियम सहित मुआवजा राशि 10 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर से कम है, को विशेष पुनर्वास पैकेज में न्यूनतम 10 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से एकमुश्त राशि देने की स्थिति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास पर 46 करोड़ 35 लाख रूपये की राशि व्यय की जायेगी।

मंत्रि-परिषद ने छीताखुदरी मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए भू-अर्जन अधिनियम,2013 एवं पुनर्वास नीति,2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया।

परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास कार्य के लिये  91 करोड़ 29 लाख रूपये का प्रावधान है। डूब क्षेत्र के ऐसे कृषक जिन्हें भू-अर्जन अधिनियम 2013 में सोलेशियम सहित मुआवजा राशि 10 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर से कम है, को विशेष पुनर्वास पैकेज में न्यूनतम 10 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से एकमुश्त राशि देने की स्थिति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास पर 79 करोड़ 37 लाख रूपये की राशि व्यय की जायेगी।


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