गाडरवारा : भ्रष्टाचार की बली चड़़ी प्रधानमंत्री आवास योजना, पात्र हितग्राही भटक रहे आपात्र बने कृपापात्र, दो करोड़ तीस लाख की राशि अधर में

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व्यूरो चीफ गाडरवारा // अरूण श्रीवास्तव : 8120754889

गाडरवारा / सालीचौका । प्रधानमंत्री आवास योजना षहरी का उद्येष्य कच्चे मकानां में रहने वालो को पक्की छत व आवासहीनों को घर उपल्बध कराने वाली महत्वपूर्ण योजना नगर परिषद की लचर कार्यप्राणाली से भ्रष्टाचार की बली चढ़ गई। जहाँ एक ओर आपात्र हितग्राहियों को आवास निर्माण की राषि का लाभ पहुंचाया जा रहा है। वही दूसरी ओर गरीब तब के लोगों का सपना अपना घर हो सपना बन कर ही रह गया। आवास योजना और जिनके कच्चे मकान है।

वह लोग इस योजना के लाभ से बंचित है, इस योजना का लाभ पाने के लिए नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काट रहे है। दो माह पूर्व सर्वे के आधार पर नगर परिषद कार्यालय द्वारा एक हजार इक्कीस हितग्राहीयां का चयन कर उनके बैंक के खातो में पहली किस्त एक लाख रूपये जमा करा दी गयी। हितग्राहीयों द्वारा बैंको से तो राषि आहरण कर ली लेकिन भवन निमार्ण का कार्य अभी भी आधा-अधूरा पड़ा हुआ है।
चौकाने वाला खुलासा उस समय हुआ जब मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजीव लोचन कटारे द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चयनित हितग्राहीयों के यहाँ निरीक्षण करने पहुंचे जिसमें पन्द्रह वार्डो में दो सौ तीस ऐसी हितग्राही भी है। जिन्होनें महिनों पहले मकान निमार्ण हेतु बैंक से राषि आहरण कर अपने निजी स्वर्था के लिए उपयोग कर ली। लेकिन अभी तक मकान निमार्ण कार्य का षुभआरम्भ तक नही किया अब ऐसे हितग्राहीयों को नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया है। समय सीमा पर अगर मकान निमार्ण कार्य नही किया गया तो उनके खिलाफ पुलिस में षासकीय राषि का दुरउपयोग करने के आरोप में प्रथामिकी दर्ज कराने की तैयारी की जा चुकी है।
राषि जारी होने के बाद कई गड़वड़ियाँ सामने आने लगी है, की किस तरह से इस योजना को पलीता लगाया गया है। जिनके पास पूर्व में ही पक्के मकान एवं अलीषान बगंले बने हुए है। उनको भी इस योजना की राषि से नवाजा गया है। अब बात यहाँ आकर अटक गई की अब वह आपात्र हितग्राही या तो पक्का मकान टुड़बाकर प्रधानमंत्री आवास बनाए लेकिन इसका तोड़ भी आपात्र लोगों निकाल लिया। अब वह नियमों को दर किनार कर  अन्य जगहों पर मकान बना रहे है। बावजूद इसके परिषद कर्मचारीओं आपात्रों को पात्र बनाने में तुले हुए है। वहीं नगर परिषद कार्यालय द्वारा प्रत्येक वार्ड में वार्ड प्रभारी नियुक्त किये गये है इनकी भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

सर्वे कार्य में व्यापक लापरवाही उजागर

राषि जारी करने के पूर्व नगर परिषद के कुछ नोसिकिए कर्मचारीयों को प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ के लिए पात्र हितग्राहियों का चयन का जिम्मा सौप दिया। इस वजह से भी यह हालात सामने आ रहे सर्वे कार्य गलत तरीके से किया गया है, जो विषन्गतियाँ उभर कर सामने आ रहा है वह कच्चे मकान में रहने वाले पात्र हितग्राहीओ को बंचित कर आपात्र पक्के मकानों में रहने वाले व्यक्तियों का चयन कर दिया गया। यह सबके सामने है कई एक ही परिवार के चार सदस्यों को इस योजना का लाभ दिला दिया गया। जिनके पास पहले से ही अलीषान पक्के मकान बने हुए है। वजह यह भी है कि सर्वेकर्ताओ को वह झोपड़े या घर नजर क्यों नहीं आये जिनमें गरीब लोग पन्नी तान कर सालों से रह रहे है। हुआ उल्टा सर्वे दौरान  कर्मचारीयां के ऊपर भाई भतीजा वाद एवं भ्रष्टाचार करने के आरोप लगते रहे।

आपात्र लोगो की होगी जांच रूकेगी किस्त 

जो माकान नहीं बना रहे है उनको नगर परिषद द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर दिये है। अब यह बात स्पष्ट हो गई है, कि अब नगर परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी गलतियों पर पर्दा डालते हुए ऐसे हितग्राहीओ को धूड़ने में लगे हुए है। जिनके पास पहले से ही पक्का मकान बना हुआ है। और धोखे में रखकर गलत जानकारियां देकर इस योजना का लाभ लेकर षासन की राषि दुरउयोग कर चूना लगा रहे है। उनकी जांच कर आगामी राषि जारी करने पर रोक लगाई जायेगी। वहीं योजना के सही तरीके से किर्यान्वन हो रही है। नहीं देखने वाले सब इंजीनियर छुट्टी पर चल रहे है। हितग्राहीओ को सिर्फ इतना पता है साढ़े चार सौ इस्वकेर्य फिट पर मकान बनाना है।

दो करोड़ तीस लाख की राषि खटाई में जिम्मेदार कौन?

परिषद के पन्द्रह वार्डा में ऐसे दो सौ तीस लोग है जिन्होनें राषि निकालने के वाद काम षुरू नही किया है। उनके द्वारा किस्त से मिलने वाली एक लाख रूपये की राषि पूरी बैंक से आहरण कर ली ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य कैसे पूरा होगा। हाल में उक्त राषि खटाई में है। दो सौ तीस लोगों के खातों में लगभग तीन करोड़ तीस लाख राषि हो रही है। मकान निर्माण काम नही करने से उक्त राषि का जिम्मेदार कौन होगा।

इनका कहना है

विभिन्न वार्डो में दो सौ तीस ऐसे हितग्राही है जिन्होनें राषि बैंक से निकालकर मकान निर्माण का कार्य नहीं किया जा रहा है। निरीक्षण दौरान पाया गया। कि कुछ हितग्राहीयों द्वारा राषि खर्च कर ली गई है जिनको नोटिस जारी कर मकान बनाने को कहा गया है। वह लोग षीघ्र ही मकान का निर्माण कार्य षुरू नहीं करते है। तो उनके खिलाफ षासकीय राषि के दुरूउपयोग करने के लिए पुलिस में प्रथमिकी दर्ज करयी जायेगी।
राजीव लोचन कटारे 
मुख्य नगर पालिका अधिकारी 

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