ठेका श्रमिकों को कार्य पर रखे उद्योग नहीं तो कांग्रेस द्वारा स्वेच्छिक नागदा बंद की चेतावनी।

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जिला ब्यूरो चीफ उज्जैन // विष्णु शर्मा : 8305895567

उद्योग का अधिकारी वर्ग श्रमिकों पर मानसिक दबाव डाल कर कार्य करने पर बाध्य कर रहा है

नागदा जं.। उद्योग प्रबंधन द्वारा उत्पादन प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने के बाद भी विगत 6 माह से 3500 ठेका श्रमिकों को कार्य पर नहीं बुलाया जा रहा है, शासन ग्रेसिम उद्योग समुह से चर्चा कर कार्य पर रखने का आदेश प्रदान करें नहीं तो मजदुर हित में कांग्रेस पार्टी द्वारा विधायक दिलीपसिंह गुर्जर के नेतृत्व में स्वेच्छिक नागदा बंद 16 सितंबर बुधवार को किया जायेगा।

जिला कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध स्वामी व शहर अध्यक्ष राधे जायसवाल द्वारा चर्चा में बताया गया कि कोरोना कोविड-19 के कारण 22 मार्च से नागदा स्थित उद्योग को बंद किया गया था।

शासन द्वारा 3 मई को अनलाॅक-01 की घोषणा करने के पश्चात 50 प्रतिशत श्रमिकों के आधार पर ग्रेसिम उद्योग चालू करने की अनुमति प्रदान की गयी थी। परंतु उद्योग द्वारा सिर्फ स्थायी श्रमिकों से कार्य लिया जा रहा है। ठेका श्रमिकों को कार्य पर नहीं बुलाया जा रहा है। जिसके कारण ठेका श्रमिकों के परिवार के भुखे मरने एवं आत्महत्या करने की नौबत पैदा हो चुकी है जबकि ठेका श्रमिकों को रोटेशन पद्धति पर 10-15 दिन कार्य पर रखा जा सकता है।

जिला कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष स्वामी द्वारा बताया कि उद्योग द्वारा अपना उत्पादन 70 से 80 प्रतिशत किया जा रहा है। जबकि उद्योग में कार्यरत स्थायी श्रमिकों पर वर्क लोड बढाकर ठेका श्रमिकों का भी काम करवाया जा रहा है। जबकि श्रम कानूनों में स्पष्ट उल्लेख है कि स्थायी श्रमिकों से अस्थायी नेचर का कार्य नहीं करवाया जा सकता है और यदि करवाया जाता है तो श्रम कानूनों का उल्लंघन है।

उद्योग का अधिकारी वर्ग श्रमिकों पर मानसिक दबाव डालकर कार्य करने पर बाध्य कर रहा है। जिससे श्रमिकों के साथ कभी भी कोई घटना घट सकती है। पूर्व में भी इसकी शिकायत कांग्रेस कमेटी द्वारा बिरलाग्राम थाने में की जा चुकी है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व में दिनांक 26 अगस्त 2020 को कांग्रेस कमेटी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी नागदा को ज्ञापन देकर उद्योग से चर्चा कर ठेका श्रमिकों को कार्य पर रखने का अनुरोध किया गया था। परंतु अभी तक इसमें कोई पहल नहीं हो पायी है। शासन शीघ्र ही उद्योग प्रबंधन व ठेका श्रमिकों से चर्चा कर उत्पादन प्रक्रिया में 3500 ठेका श्रमिकों को कार्य पर रखा जावे।

नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहां है कि ठेका श्रमिकों की वाजिब मांगों पर शासन, प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया गया तो हमें श्रमिक हित में स्वेच्छिक नगर बंद दिनांक 16 सितंबर 2020 बुधवार को करना पडेगा। जिसकी समस्त जवाबदारी शासन, प्रशासन की होगी। शासन द्वारा लाॅकडाउन समाप्त कर दिया गया है। स्वेच्छिक नागदा बंद से सम्पूर्ण शहर में लाॅकडाउन की स्थिति रहेगी। जिससे शासन को निर्धारित कोरोना नियमों के पालन में सहायता मिलेगी।

विधायक गुर्जर तथा कांग्रेस अध्यक्षद्वय स्वामी व जायसवाल ने सभी राजनैतिक दलों, समस्त व्यापारी संगठनों व सामाजिक संगठनों आदि सभी से स्वेच्छिक नागदा बंद में अपने प्रतिष्ठान बंद करके ठेका श्रमिकों के हक की लडाई में अपना समर्थन व्यक्त करने का आह्वान किया है। कांग्रेस कमेटी द्वारा पत्र लिखकर भी अनुरोध किया जायेगा।

इस अवसर पर सरनाम सिंह चोहान, रघुनाथसिंह बब्बु, हरहंगी तिवारी, योगेश मीणा, औमप्रकाश मौर्य, अजय शर्मा, अय्यूब कामरेड, स्वदेश क्षत्रिय, अनिस खांन, प्रमोदसिंह चैहान, कमलेश चावण्ड, मेघा धवन, साबिर पटेल, मोहम्मद रंगरेज, असीफ खांन, फकरू भाई, शैलेन्द्रसिंह चैहान,दिनेश दुबे, कम्मु भाई, अशोक मीणा आदि उपस्थित थे।


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