मंगेतर के साथ मिलकर ठगी करने बनाई 10 वेबसाइट – देश भर में 10 हजार लोगों से 10 करोड़ ठगे

Spread the love

ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

भोपाल // विनोद मिश्रा : 8770448757

 

भोपाल में सस्ते लोन के नाम पर एक युवक से ठगी करने वाला गिरोह नोएडा में कॉल सेंटर चलाकर यह कारोबार कर रहा था। अब तक की जांच में मुख्य आरोपी ने अपने से 2 साल बड़ी मंगेतर के लिए धोखाधड़ी करने 10 फर्जी वेबसाइट तैयार की थी। इसके लिए लड़की ने अपनी बहन के साथ डेढ़ लाख रुपए के किराए पर कॉल सेंटर शुरू किया। यहां पर करीब 30 लड़कियां देश भर में लोगों को सस्ता लोन दिलाने का झांसा देती थीं। अब तक यह गिरोह 10 हजार लोगों से 10 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी कर चुके हैं।

एडीजी भोपाल उपेंद्र जैन ने बताया कि जनवरी 2020 में आवेदक पद्मेश सिंह ने शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2019 में www.swiftfinance.in पर पर्सनल लोन का विज्ञापन देखा। कॉल करने पर आरोपियों ने बहुत कम दर पर लोन दिलाने का भरोसा दिलाया। उसके बाद उन्होंने अलग-अलग खातों में रुपए जमा करवा लिए।

रुपए पहुंचने के बाद बेवसाइट दिखना बंद हो गई। उनकी शिकायत की जांच में सायबर क्राइम ब्रांच को 9 महीने तक मेहनत करना पड़ी। इस मामले में पुलिस ने नोएडा से मुख्य आरोपी डेविड कुमार जाटव उसकी मंगेतर नेहा भट्ट और उसकी बहन मनीषा भट्ट को गिरफ्तार किया। उनका एक साथी कमल कश्यप नाम का चौथा आरोपी फरार है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कॉल सेंटर और ठगी की वारदात करने के लिए उपयोग दस्तावेजों के साथ ही उपकरण भी जप्त किए हैं।

आरोपी फर्जी वेबसाइट का गूगल के माध्यम से विज्ञापन देते थे। इस पर ग्राहक लोन लेने के लिए अपनी पर्सनल जानकारी डालते थे। जानकारी के अनुसार कंपनी के कॉल सेंटर से ग्राहकों को लड़कियां कॉल करती थीं। लोगों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्यूरिटी डिपोजिट, जीएसटी एवं वनटाइम ट्रांजेक्शन के नाम पर अलग-अलग चार्ज के लिए करीब 40 हजार रुपए ऑनलाइन जमा करवाते थे।

एक वेबसाइट करीब ढाई माह ही चलाते थे। इस दौरान करीब 12 लोगों को शिकार बना लेते थे। हर महीने फर्जी बैंक खातों एवं सिम कार्ड बदल देते थे।

एडीजी भोपाल उपेंद्र जैन ने बताया ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए 9 महीने तक लगातार काम करना पड़ा।
आरोपियों ने नोएडा में दो कॉल सेंटर किराए पर ले रखे थे। इनका 1.50 लाख रुपया एक महीने का किराया था। इसमें 10 से 15 हजार रुपए के वेतन पर 30 लड़कियों को रखा गया था। लड़कियों को प्रत्येक ग्राहक का रिकार्ड साफ्ट कॉपी में एक्सल में नोट करना होता था। इनसे अब तक करीब 10 हजार लोगों का रिकॉर्ड मिला है।

आरोपियों से छह लेपटॉप, 25 मोबाइल फोन, 21 पेन ड्राइव, 8 एक्टिवेटेड सिम कार्ड, 19 डेबिट कार्ड, 3 रेंट एग्रीमेंट संबंधी दस्तावेज, 3 वेबसाइट संबंधी दस्तावेज, 1 राउटर मय मोडेम मय इंटरनेट कंवेटर व एक बलेनो कार जप्त किया गया


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!