दुर्गा उत्सव को लेकर शासन के आदेश के बावजूद मूर्तिकारों को नहीं मिले अपेक्षित आर्डर

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

ब्यूरो चीफ मुलताई, जिला बैतूल // राकेश अग्रवाल : 7509020406

 

मुलताई। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण सार्वजनिक तौर पर गणेश उत्सव में शासन का प्रतिबंध रहने से नगर सहित पूरे क्षेत्र के मूर्तिकारों का धंधा प्रभावित हुआ, लेकिन दुर्गाउत्सव सार्वजनिक तौर पर मनाए जाने के शासन के आदेश के बाद मूर्तिकारों को दुर्गा प्रतिमाओं का व्यवसाय ठीक-ठाक होने की उम्मीद बंध गई थी। इसके बावजूद मूर्तिकारों को इस वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा अपेक्षित आर्डर नहीं मिले हैं।

इस वर्ष अधिक मास लगने से वैसे ही मूर्तिकारों द्वारा पिछले वर्ष की अपेक्षा विलंब से दुर्गा प्रतिमाएं बनाना प्रारंभ किया गया। प्रतिमाएं अभी निर्माण के दूसरे चरण में चल रही हैं तथा मूर्तिकारों के पास अभी एक माह प्रतिमाएं पूरी करने के लिए बाकि है, लेकिन पर्याप्त आर्डर नहीं मिलने से मूर्तिकार भी फिलहाल असमंजस में हैं, क्योंकि बड़ी प्रतिमाएं सिर्फ आर्डर पर ही तैयार की जाती है, लेकिन अभी गिने-चुने ही आर्डर मिले हैं। इसलिए जिस रफ्तार से मूर्तियों का निर्माण होता है उस रफ्तार से प्रतिमाएं नहीं बनाई जा रही है। ताप्ती तट पर वर्षों से प्रतिमाओं का निर्माण करने वाले मूर्तिकार धनराज प्रजापति बताते हैं कि कोरोना संक्रमण के कारण फिलहाल प्रतिमाओं का आर्डर देने वाले दुर्गा मंडल भी असमंजस में हैं ,इसलिए आर्डर आने में देरी हो रही है। अधिकांश लोग सिर्फ इसलिए पहले से आर्डर नहीं दे रहे हैं कि कहीं ऐन वक्त पर शासन के कोई नए दिशा-निर्देश आ गए तो फिर क्या करेगें। मूर्तिकार गोवर्धन प्रजापति ने बताया कि गणेश उत्सव का धंधा चौपट हो गया, लेकिन दुर्गा उत्सव से कुछ उम्मीदें बंधी है, लेकिन फिलहाल अपेक्षित आर्डर नहीं आने से यह समस्या सामने आ रही है कि आखिर बड़ी प्रतिमाओं का निर्माण किस आधार पर करें। उन्होने बताया कि हो सकता है अधिक मास में आर्डर मिले और इस वर्ष दुर्गाउत्सव विगत वर्ष की भांति धूमधाम से मनाया जाए इसी उम्मीद पर प्रतिमाओं का निर्माण भी किया जा रहा है।
प्रतिमाओं की उंचाई को लेकर दिशा निर्देश नहीं

एक तरफ जहां गणेश उत्सव में शासन द्वारा मात्र तीन फीट तक ही प्रतिमाओं के निर्माण के आदेश जारी किए गए थे, वहीं दुर्गा प्रतिमाओं को लेकर अभी तक शासन के कोई स्पष्ट आदेश नहीं आए हैं। मूर्तिकार गजानन प्रजापति तथा शिवदयाल प्रजापति ने बताया कि नगर सहित पूरे क्षेत्र में गणेश भगवान की अपेक्षा दुर्गा माता की बड़ी प्रतिमाएं ही स्थापित की जाती है। इससे बड़ी दुर्गा प्रतिमाओं का निर्माण बड़े स्तर पर ही किया जाता है। उन्होंने बताया कि शासन के कोई निर्देश नही होने से अभी वे मध्यम साईज की ही प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं। उन्होने बताया कि नगर सहित पूरे क्षेत्र के मूर्तिकार अभी भी असमंजस में हैं कि प्रतिमाएं कितनी उंचाई की निर्माण करें।
नगर सहित क्षेत्र में बढ़ रहा कोरोना इधर सार्वजनिक उत्सव को स्वीकृति

इन दिनों नगर सहित पूरे क्षेत्र में प्रतिदिन कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है जिससे लोगों में कोरोना को लेकर भय व्याप्त है। इसके बावजूद शासन द्वारा सार्वजनिक दुर्गा उत्सव को स्वीकृति दे दी गई है जिससे कहीं ना कहीं दुर्गा उत्सव के समय भीड़ बढ़ेगी एैसी स्थिति में समस्या गंभीर हो सकती है। जागरूक नागरिकों के अनुसार बढ़ते कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत दुर्गा उत्सव के लिए भी कुछ दिशा निर्देश होना आवश्यक था। हालांकि बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण विगत वर्षों की तरह दुर्गा उत्सव में उतनी भीड़ नहीं उमड़ेगी, लेकिन फिर भी कोरोना संक्रमण के लगातार बढऩे पर सतर्कता जरूरी है।


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