मध्यप्रदेश विधानसभा : पाँच दिन को बुलाया सत्र बिना चर्चा पूरक बजट और डेढ़ दर्जन विधेयक पारित कर दो दिन में ही खत्म

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♦ सतीश एलिया

मध्यप्रदेश विधानसभा का पाँच दिवसीय पावस सत्र आज दूसरे दिन ही अनिश्चित काल तक के लिए स्थगित हो गया। भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करना पड़ी। शोर शराबे के बीच बिना चर्चा के ही डेढ़ दर्जन विधेयक और करीब ग्यारह हजार एक सौ बासठ करोड़ का पूरक बजट ध्वनि मत से पारित हो गया। आज सदन की कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आपातकाल का जिक्र किया। कांग्रेस विधायक सत्ताधारी दल पर गाँधी जी के हत्यारों के समर्थक होने का आरोप लगाने लगे।

हंगामे के बीच अध्यक्ष सीतासरन शर्मा ने सदन की कार्यवाही पहले दस मिनट और फिर आधा घंटे के लिए स्थगित कल दी प्रश्नकाल नहीं हो सका। शून्यकाल में कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रामनिवास रावत पाइन्ट एफ आर्डर उठाना चाहते थे लेकिन संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने फिर आपातकाल का जिक्र करथे हुए कहा कि कि इंदिरा गाँधी ने औलाद के लिए देश को दांव पर लगा दिया था। भाजपा और कांग्रेस के विधायको के बीच फिर नोंकझौक होने लगी। इसी बीच सत्ता दल भाजपा की विधायक नीलम मिश्रा ने कहा कि एक मंत्री के इशारे पर मेरे पति रीवा जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा को पुलिस प्रशासन प्रताड़ित कर रहे हैं। पति परिवार और उन्हे सुरक्षा नहीं मिल रही है।

नीलम ने कहा वे विधायक नही रहना चाहतीं और न ही अब चुनाव लडेंगी। वे इस्तीफा देना चाहतीं हैं। कांग्रेस और बसपा विधायक नीलम के समर्थन में बोलने ने लगे। सदन एक बार फिर हंगामे में डूब गया। बसपा के चारों सदस्य प्लेकार्ड लेकल सदन के बीचोंबीच पहुँच गये। भाजपा सदस्य कांग्रेस पर महिला को आगे करके सियासत करने का आरोप लगाने लगे। अध्यक्ष ने ग्रह मंत्री से सरकार का पक्ष रखने को कहा। गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने विधेयक को पर्याप्त सुरक्षा का आश्वासन दिया। भाजपा विधायक नीलम मिश्रा ने कहा कि बात उनके परिवार और पूरे छेत्र की है।

मंत्री एसपी को निर्देश दे कि साजिशन कार्रवाई न करें। मंत्री ने कहा कि वे निर्देशित करेंगे। नीलम ने कहा कि उनके पति जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा ने कांग्रेस की बैठक तो उनके खिलाफ षड्यंत्र किया जा रहा है। छेत्र में 6 हत्या हो चुकी हैं। कांग्रेस विधायक एक साथ बोलने लगे। बसपा विधायक अध्यक्ष के आसन के नीचे बैठ गये। अध्यक्ष ने कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। सदन समवेत हुआ तो कार्यवाही चलने लगी।

दो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पूरे होते ही कांग्रेस के मुख्य सचेतक रामनिवास रावत ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का मामला उठाया और कहा कि सदश के नेता मुख्यमंत्री सदन में मौजूद नहीं है। आसंदी पर सभापति कैलाश चावला थे उनहोंने कहा कि इस विषय पर कल अध्यक्ष व्यवस्था दे चुके हैं। वे ही फैसला करेंगे। शोर शराबे के बीच अध्यक्ष आसंदी पर आए तो संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कांग्रेस सदन नहीं चलाना चाहती। नोंकझौक के बीच जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती करने का संकल्प पारित हो गया।

वित्तमंत्री जयंत मलैया ने पूरक बजट पारित करने का प्रस्ताव किया। कांग्रेस विधायक गोविन्द सिंह ने इसे नियम विरुद्ध बताया। सिंह ने कार्यसूची फाडकर फैंक दी कई कांग्रेस विधायको ने भी ऐसा ही किया हंगामे के बीच पूरक बजट पारित हो गया। विधेयक पारित होने लगे। इसी बीच सदन में लौटीं भाजपा विधायक नीलम मिश्रा ने कहा कि ग्रह मंत्री भूपेन्द्र सिंह के सदन में आश्चर्यजनक के बावजूद उनके पति रीवा जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कल लिया है। नीलम ने पति की रिहाई तक सदन में धरना देनै का ऐलिन किया और वे अध्यक्ष के आसन के दाहिने तरफ मुख्यमंत्री की सीट के पास बैठ गयीं।

उनके साथ बसपा की दो और कांग्रेस की एक महिला विधायक भी बैठ गयीं। कांग्रेस विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने खड़े होकर नारेबाजी और सत्ता पक्ष से नोंकझौक करने लगे। इस बीच बिना चर्चा के ध्वनि मत से विधेयक पास किए जाने लगे। संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने धरनारत भाजपा विधायक नीलम मिश्रा को मनाने की कोशिश की ।

गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने भी प्रयास किया। कुछ देर बाद नीलम ग्रह मंत्री भूपेन्द्र सिंह के पास बैठकर बात करती रहीं और फिर धरने पर बैठ गयीं। कांग्रेस विधायक इमरती देवी उन्हे ग्रहमंत्री के पास से धरना जारी रखने के लिए बुलाने गई तो राज् मंत्री ललिता यादव ने विरोध किया ललिता यादव और भाजपा विधायक ममता मीना ने कांग्रेस विधायको से कहा कि वे नेता प्रतिपक्ष की मां को न्याय क्यों न्याय नहीं दिला रहे। हंगामे के बीच भाजपा विधायक नीलम मिश्रा धरना छोड़कर अपनी सीट पर पहुँच गयीं। उन्होंने कहा कि ग्रह मंत्री ने एसपी से ऊनके पति रीवा जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा को छोड़ने को कह दिया है।

कुछ देर बाद बसपा की दोनों विधायक और कांग्रेस की इमरती देवी अपनी अपनी सीट पर पहुँच गयीं। हंगामा जारी रहा और सभी 18 विधेयक बिना चर्चा के पास हो गये। नेथे प्रतिपक्ष अजय सिंह ने अध्यक्ष से कहा कि क्या वे ही सदन नहीं चलाना चाहते। वे पद की गरिमा का ध्यान नहीं रख रहे। कार्य सूची पेरी हेतै ही संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर सदन न चलने देने का आरोप लगाते हुए कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव पेश किया जिसे ध्वनिमत से पारित कर सत्र समाप्त कर दिया गया।

♦ सतीश एलिया जी की फैसबूक से पोस्ट से साभार 

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