नौकरी को स्थायी करने की मांग पर पुलिस ने अपने ही साथी पुलिसकर्मियों पर किया जमकर लाठीचार्ज

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

विशेष संवाददाता

 

राजधानी रांची में पुलिसकर्मियों ने अपने ही साथी यानी सहायक पुलिसकर्मियों पर लाठीचार्ज कर दिया.
क्योंकि लगभग 2500 सहायक पुलिसकर्मियों का तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो चुका है. और ये नौकरी को स्थायी करने की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर ये पिछले एक सप्ताह से रांची के मोरहाबादी में धरना दे रहे थे. शुक्रवार को जब ये सीएम हाउस का घेराव करने जा रहे थे, पुलिस ने इनपर लाठीचार्ज कर दिया.

झारखंड में तीन साल पहले साल 2017 में बीजेपी की रघुवर दास की सरकार ने अति नक्सल प्रभावित 12 जिलों के ग्रामीण इलाकों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पुलिसबल में शामिल किया था. इन्हें कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर रखा गया था और 10 हजार रुपये प्रति माह दिया जाता रहा. इनका कॉन्ट्रैक्ट तीन साल का था जो 31 अगस्त को पूरा हो गया है.

ऐसे में खुद को स्थायी करने को लेकर सहायक पुलिसकर्मी प्रदर्शन कर रहे थे. जिसके बाद इन पर लाठीचार्ज कर दिया गया.
इस पूरे मामले पर इन्हें नियुक्त करने वाले और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ट्वीट किया है. उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लिखा है,
नक्सलियों और अपराधियों के सामने पस्त झारखंड सरकार अपने डंडे का जोर निहत्थे सहायक पुलिसकर्मियों पर आजमा रही है. यह राज्य सरकार की दमनकारी नीति है. अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हमारे आदिवासी-मूलवासी सहायक पुलिसकर्मियों पर लाठीचार्ज व आंसू गैस का प्रयोग करना घोर निंदनीय है.

नक्सलियों और अपराधियों के सामने पस्त झारखंड सरकार अपने डंडे का जोर निहत्थे सहायक पुलिसकर्मियों आजमा रही है। यह राज्य सरकार की दमनकारी नीति है। अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हमारे आदिवासी-मूलवासी सहायक पुलिसकर्मियों पर लाठीचार्ज व आंसू गैस का प्रयोग करना घोर निंदनीय है।

ये सभी पुलिसकर्मी नक्सल प्रभावित जिलों के ग्रामीण इलाकों के युवा हैं. इन्हें हथियार चलाने के अलावा सबकुछ सिखाया गया. दंगा से लेकर मेला तक, कोविड से लेकर ट्रैफिक संभालने तक में ड्यूटी लगाई गई. कहा गया था कि जिनका परफॉर्मेंस अच्छा रहा, तीन साल बाद उनकी नौकरी स्थायी कर दी जाएगी. इस पूरे मुद्दे को लेकर इनकी प्रशासन से दो बार बातचीत भी हुई है, लेकिन कोई हल नहीं निकला. अब ये बीते 11 सितंबर से धरना दे रहे थे फिर लाठीचार्ज हो गया.

 

इस पूरे मामले में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा,

सहायक पुलिस के विषय में हमारी सोच सकारात्मक है. लाठीचार्ज क्यों हुआ मैंने देखा नहीं है अभी. और मैं उनसे ये अनुरोध भी करूंगा की आप सभी लोग अपनी इस मांग को सरकार के समक्ष रख सकते हैं लेकिन किसी भी तरह की गैरकानूनी कदम उठायेंगे तो सरकार उस पर भी समझौता नहीं करेगी. वो अपनी बात सरकार के समक्ष रखें, सरकार उनकी बात सुनेगी.


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