लुइस ग्लूक को मिलेगा साहित्य का नोबेल पुरस्कार

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

विशेष संवाददाता

 

स्वीडिश नोबेल कमेटी ने गुरुवार को अमेरिकी कवियित्री लुइज ग्लूक को साहित्य का नोबेल पुरस्कार देने का ऐलान किया है. बीते 3 दिन में चिकित्सा, भौतिकी और रसायन के पुरस्कारों का ऐलान हो चुका है. सभी पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में दिए जाएंगे. 1968 में लुइस की पहली किताब फर्स्टबोर्न प्रकाशित हुई थी.

स्वीडिश नोबेल कमेटी ने गुरुवार को अमेरिकी कवियित्री लुइज ग्लूक (77) को साहित्य का नोबेल पुरस्कार देने का ऐलान किया है। बीते 3 दिन में चिकित्सा, भौतिकी और रसायन के पुरस्कारों का ऐलान हो चुका है। सभी पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में दिए जाएंगे।

येल यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी की प्रोफेसर हैं

1968 में लुइस की पहली किताब फर्स्टबोर्न प्रकाशित हुई थी। इसके बाद से वे अमेरिका की जानी-मानी समकालीन साहित्यकार बन गईं। लुइस की कविताओं के 12 संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। उनके कई निबंध भी लिखे हैं। लुइस कविताओं में साफगोई के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने बचपन, पारिवारिक जिंदगी, माता-पिता के बच्चों के साथ रिश्ते जैसे कई विषयों पर संजीदा कविताएं लिखी हैं। 1992 में आए ‘द वर्ल्ड आइरिस’ को लुइस के बेहतरीन कविता संग्रह में शुमार किया जाता है। इसमें ‘स्नोड्रॉप’ कविता में ठंड के बाद पटरी पर लौटी जिंदगी को दिखाया गया है। 1943 में न्यूयॉर्क में पैदा हुईं ग्लूक कैंब्रिज (मैसाच्युसेट्स) में रहती हैं। कविताएं लिखने के अलावा वे येल यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी की प्रोफेसर हैं।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसे पहली बार स्थगित किया गया था

साल 2019 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार आस्ट्रियाई मूल के लेखक पीटर हैंडका को दिया गया था। उन्हें यह पुरस्कार इनोवेटिव लेखन और भाषा में नवीनतम प्रयोगों के लिए दिया गया था। वहीं 2018 का साहित्य का नोबेल 57 साल की पोलिश लेखक टोकार्चुक को जीवन की परिधियों से परे एक कथात्मक परिकल्पना करने के लिए दिया गया था। वर्ष 1901 से शुरू हुए नोबेल पुरस्कार के 119 साल के इतिहास में दो बार साहित्य का नोबेल पुरस्कार स्थगित किया जा चुका है। 1943 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसे पहली बार स्थगित किया गया था। दूसरी बार इसे 2018 में इस स्वीडिश एकेडमी की ज्यूरी मेंबर कटरीना के पति और फ्रांसीसी फोटोग्राफर जेन क्लोड अरनॉल्टपर यौन शोषण के आरोप लगने के कारण स्थगित किया गया था।

क्या है नोबेल पुरस्कार?

स्वीडिश आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की पांचवी पुण्यतिथि से हर साल 10 दिसबंर को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदानों पर नोबेल पुरस्कार वितरित किया जाता है। नोबेल ने विस्फोटक डायनामाइट का अविष्कार किया था। अपने अविष्कार के युद्ध में इस्तेमाल होने की वजह से वह काफी दुखी थे। इसी के प्रायश्चित के रूप में उन्होंने अपनी वसीयत में नोबेल पुरस्कारों की व्यवस्था की थी। उन्होंने अपनी वसीयत में लिखा था कि उनकी संपत्ति का अधिकांश हिस्सा एक फंड में रखा जाए और उसके सालाना ब्याज से मानवजाति के लिए उत्कृष्ट योगदान देने वालों को पुरस्कृत किया जाए।

दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है नोबेल

नोबेल आज दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है। इसके विजेताओं में दुनिया की दिग्गज हस्तियां शामिल हैं। महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंसटाइन, लेखक जेबी शॉ, विंस्टन चर्चिल, अर्नेस्ट हेमिंग्वे, दलाई लामा और नेल्सन मंडेला जैसी हस्तियों को नोबेल पुरस्कार दिया जा चुका है। रॉयल स्वीडिश अकैडमी ऑफ साइंसेज फिजिक्स, केमिस्ट्री, लिटरेचर, शांति और इकनॉमिक में नोबेल पुरस्कार विजेताओं का चयन करती है। वहीं स्वीडिश रॉयल कैरोलिन मेडिको-सर्जिकल इंस्टिट्यूट चिकित्सा के क्षेत्र में विजेताओं के नाम की घोषणा करता है। स्वीडिश अकैडमी साहित्य के क्षेत्र में तथा नार्वे पार्लियामेंट्स अवार्ड्स शांति के क्षेत्र में नोबल पुरस्कारों की घोषणा करती है।

 


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