छ.ग. सरकार ने अपने ही स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को बना दिया है पंगु – कोरोना के बहाने अपने स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री को हो रही है नाकाम करने की साजिश?

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

विजया पाठक की रिपोर्ट

 

छत्‍तीसगढ़ की राजनीति में टी.एस.सिंहदेव बाबा का बहुत बड़ा नाम है। सिंहदेव बाबा कांग्रेस के कद्दावर और प्रभावशाली राजनेता हैं। वे भूपेश बघेल सरकार में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के मंत्री हैं।

छ.ग. में शुरूआती कोरोना प्रबंधन एवं रोकथाम में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री की लोकप्रियता और महत्ता पूरे प्रदेश में ही नही दिल्‍ली मुख्‍यालय तक सुनाई देने लगी थी। इससे कहीं सरकार के मुखिया को बात चुभने लगी थी और साजिश रचकर उनकी अहमियत और काबिलियत को कम दिखाने की कोशिश छत्‍तीसगढ़ में होने लगी।

वर्तमान समय में छत्‍तीसगढ़ में कोरोना महामारी बेकाबू होती जा रही है। कोरोना संक्रमितों की संख्‍या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। ऐसी स्थिति में सभी नाकामयाबी का ढीकरा स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री पर फोड़ रहे हैं। दूसरी तरफ कोरोना रोकथाम के लिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर छत्‍तीसगढ़ के ही मुख्‍यमंत्री घुसपैठ कर पंगु बना रहे हैं। ऐसी साजिशे हो रही है कि पूरा का पूरा स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ही कटघरे में खड़ा हो जाये।

कोई नही चाहता स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के रूप में टीएस सिंहदेव के कार्यों को ज्‍यादा तवज्‍जो दी जाए। तब ही तो जब भी स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की महत्‍वपूर्ण मीटिंग होती है, उसमें स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री को नही बुलाया जाता। मीटिंगों की जो भी जानकारी स्‍वास्‍थ मंत्री को मिलती है वह अधिकारियों के माध्‍यम से मिलती है। स्‍वास्‍थ विभाग के बजट पर कुंडली मार कर बैठे हैं। वित्‍त विभाग भूपेश बघेल के पास है।

शुरूआत में कोरोना संक्रमण पर छत्‍तीसगढ़ में बहुत बढि़या काम हो रहा था। एक तरह से उसमें साफगोई भी थी और ईमानदार कोशिश भी थी। इसी के मद्देनजर पूरे देश में छत्‍तीसगढ़ के कोरोना प्रबंधन की चर्चा होने लगी। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सक्रिय और वैज्ञानिक तरीके से काम करने के कारण शुरूआत में कोरोना महामारी पर कंट्रोल किया हुआ था। पर एक दम से किसी ने जानबूझकर अपने प्रदेश के नागरिकों को अपने फायदे के लिये महामारी संक्रमण को बढ़ने दिया एवं उसका प्रबंधन में जानबूझ कर काफी ढ़ील दे दी गई।

यह सब स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के नम्‍बर कम करने के लिये किया गया। उनको शुरूआती प्रबंधन के बाद काम ही नही करने दिया जा रहा था। जिसका नतीजा अब कोरोना की महामारी जब छत्‍तीसगढ़ में बेकाबू होने लगी तो कोरोना कंट्रोल की नाकामी की वजह स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री और कलेक्‍ट्ररों के ऊपर डाल दी गई।

अब कोरोना को लेकर कलेक्‍टर रोज-रोज नई गाइडलाईन बना रहे हैं। उन नई-नई गाइडलाईनों के कारण स्‍वास्‍थ्‍य विभाग पूरी तरीके से परेशान है। मुख्‍यमंत्री स्‍वास्‍थ विभाग के कर्मचारियों की मांगों को पूरा नही कर रहे हैं, जिससे स्‍वास्‍थ विभाग की पूरी व्‍यवस्‍थाएं चरमरा गई हैं।

कोरोना की महामारी फैलने के कारण आज प्रदेश में डेढ़ लाख से ज्‍यादा कोरोना के मरीज हो गये हैं। कोरोना की शूरूआत में यदि कालोनी या वार्ड में कोरोना का एक भी मरीज निकलता था तो केन्‍द्र सरकार की गाइडलाईन के अनुसार पूरी कालोनी या वार्ड को कंटेनमेंट जोन में घोषित कर देते थे। जिसके कारण कोरोना का फैलाव नही होता था। उस क्षेत्र पर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग, पुलिस प्रशासन और नगरीय निकाय व ग्राम पंचायत के अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदारी के साथ रोकथाम के उपाय करते थे।

आज स्थिति बिलकुल विपरीत है। अब कोरोना पॉजीटिव मरीज के घर पर कोई निगरानी नही होती है। मरीज को भी आजकल होम कोरोनटाईन करके रख दिया जाता है। जिससे गांव और कॉलोनी में तनाव की स्थिति बनी रहती है और महामारी के फैलाव का खतरा बना रहता है। कोविड-19 के मरीज और उनके परिजन बिना नियंत्रण के घर के बाहर इधर-उधर घूमते रहते हैं। इसकी मुख्‍य वजह है कि मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना कंट्रोल की सारी जिम्‍मेदारी कलेक्‍टरों को सौंप दी है और स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को पंगु बना दिया है।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग का अमला कलेक्‍टर के आदेश का मुंह ताकता है, न कि स्‍वास्‍थ विभाग के अधिकारियों का। कुल मिलाकर जनता की नजरों में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री टी.एस. सिंहदेव को बदनाम करने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। जब प्रारंभ में पूरे देश में कोरोना का काल चल रहा था जब केन्‍द्र सरकार एवं छत्‍तीसगढ़ के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री कोरोना संक्रमण के लिये सख्‍ती कर रहे थे तब मुख्‍यमंत्री बघेल छत्‍तीसगढ़ से बाहर रहने वाले छत्‍तीसगढ़ के लोगों को बुलाने के लिये रेल मंत्रालय से रेल मांग रहे थे, विमान मंत्रालय से हवाई जहांज मांग रहे थे और भूतल परिवहन मंत्रालय से इंटर स्‍टेट बसों की अनुमति मांग रहे थे।

वर्तमान परिस्थितियों में छत्‍तीसगढ़ में मंदिरों में पूजा करना कठिन काम हो गया है, जबकि शराब की दुकानों पर भीड़ लगाना कठिन नही है और हो सकता है इसी शराबियों की भीड के कारण कोरोना छत्‍तीसगढ़ में बहुत फैला। कोरोना को यदि कंट्रोल करना है तो स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को मजबूत करना होगा। राजनीतिक द्धंदता से प्रदेश की जनता को कोरोना से नहीं बचाया जा सकता है। भूपेश बघेल प्रदेश के मुखिया हैं। उन्‍हें राजनीतिक खेल खेलने के लिए प्रदेश की जनता को दांव पर नहीं लगाना चाहिए।


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