Online payment fraud से बचने के लिए payment करते समय रखें इन 5 बातों का खयाल, बैंक से करे शिकायत

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अगर कोई व्यक्ति आपको कॉल कर कहे कि आपके लोन खाते की तीन EMI आगे बढ़ानी है। आपके पास एक OTP ( ONE TIME PASSWORD ) आएगा। कृपया बतायें। इस तरह से पूछता है तो वह एक फ्रॉड कॉल है। कोई भी बैंक OTP नही माँगता। ध्यान रखे व अपना OTP नही बताये अन्यथा आपके साथ फ्राड हो जाएगा। यह सूचना सभी को भेजे। ऐसे लोग सक्रिय हो गए है।

डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) को बढ़ावा देने के लिए खासकर demonetisation होने के बाद से सरकार ने यूपीआई (UPI), बीबीपीएस (BBPS) से बिल पेमेंट (Bill Payment) की सुविधा देने के बाद एनईएफटी (NEFT) की सुविधा को भी चौबीस घंटों तक करने की सुविधा लोगों प्रदान की है । सस्ते इंटरनेट और स्मार्टफोन भी ऑनलाइन भुगतान बढ्ने का एक कारण है। सरकारी संस्था नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016-17 में ऑनलाइन भुगतान करने वालों की संख्या 55 फीसदी बढ़ी है जबकि 2016 से पिछले 5 साल में ऑनलाइन पेमेंट की रफ्तार 28 फीसदी बढ़ी है। हालांकि ऑनलाइन पेमेंट और डिजिटल पेमेंट का चलन बढ्ने से फ्रॉड होने के भी संभावना बढ़ जाती हैं। साइबर ठगों के सबसे ज्यादा शिकार होते हैं नए ग्राहक क्योंकि उन्हें सुरक्षित लेनदेन की जानकारी काफी कम होती है। ऐसे लोगों को अपने जाल में फसाने के लिए ऑनलाइन फ़्राड गिरोह ओटीपी से उनको ठगी का शिकार बनाते हैं। बहुत सारे ठग लोगों को फिशिंग और विशिंग द्वारा हमारी आपकी संवेदनशील जानकारी हासिल कर चुना लगा रहे है। आइये जानते है ऑनलाइन फ़्राड करने वाले कौन-कौन से तरीके अपनाते है।

Online payment fraud से बचने के लिए payment करते समय रखें इन 5 बातों का खयाल, बैंक से करे शिकायत

ओटीपी फ्रॉड कैसे होता है?

जब हम ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो सही व्यक्ति की पहचान के लिए हमारे नंबर पर या मेल पर एक ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड आता है. इस ओटीपी के बिना पेमेंट नहीं हो सकता. इसीलिए इस बात की हिदायत दी जाती है कि पासवर्ड किसी से शेयर न करें. लेकिन धोखाधड़ी करने वाले किसी न किसी तरह इस पासवर्ड तक ऐक्सेस पा लेते हैं और इसकी मदद से अकाउंट से एक बड़ी रकम गायब कर देते है। लेकिन कुछ कदमों को उठाकर इस तरह के फ्रॉड से बचा जा सकता है।

विशिंग द्वारा

इसमें ठगी करने वाले जालसाज टेली-कॉलिंग द्वारा फ्रॉड करने वाले एक फोन कॉल के द्वारा उपयोगकर्ता से किसी बहाने से उसकी संवेदनशील जानकारी निकाल लेते हैं। बाद में वो इस जानकारी का इस्तेमाल करके यूजर के खाते से रकम उड़ा लेते है। अक्सर ये फ़्राड करने वाले अपने आपको किसी कंपनी या बैंक से जुड़ा कर्मचारी बता कर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं।

ऑनलाइन फिशिंग द्वारा

Online Phising करते समय धोखेबाज इंटरनेटका सहारा लेते है जिसमें एक फर्जी मेल और जाली वेबपेज या लिंक के द्वारा लोगों से उनकी व्यक्तिगत व गोपनीय सूचनाएं हासिल कर गलत तरीके से उनका बैंक एकाउंट खाली कर देते है । दुनिभार में बढ़ते हुए ऑनलाइन शॉपिंग और ऑनलाइन पेमेंट के कारण यूजर्स बहुत सारी संवेदनशील जानकारी वेबसाइट को सही समझकर साझा कर देता है और बाद में वह ठगी का शिकार होकर सबकुछ गवां देते है।

अधिकृत मोबाइल ऐप प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से ही डाउनलोड करे

देश में 3G और फिर 4G आने के बाद लोग स्मार्टफोन का यूज़ ज्यादा करने लगे है हर काम के लिए मोबाइल ऐप है की । लेकिन कभी कभी अनिधिकृत ओपेन सोर्स या लिंक से ऐप्स डाउनलोड करके भी धोखाधड़ी का शिकार हो रहे है। हमेशा मोबाइल ऐप केवल अधिकृत प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से ही डाउनलोड करे ताकि ठग फोन में मौजूद दूसरे डिटेल्स और ओटीपी न चुरा पाये । ये कोई भी साधारण ऐप सकते हैं।

केवल विश्वशनीय सोर्स और सिक्यौर साइट से करें पेमेंट

जब भी आप डिजिटल पेमेंट करते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि इसे ट्रस्टेड सोर्स से ही किया जाए. इसके अलावा इस बात पर भी ध्यान रखें कि कितनी रकम कटने वाली है क्योंकि फ्रॉड होने पर अमूमन बड़ी रकम आपके अकाउंट से गायब हो सकती है. इसलिए अगर सोर्स विश्वसनीय न लगे तो फौरन पेमेंट कैंसल कर दें।

अपना ओटीपी किसी से न करें शेयर

इस मामले में सबसे जरूरी स्टेप है कि आप किसी से भी अपना ओटीपी शेयर न करें. इसी तरह से कॉल, वॉट्सऐप या ईमेल पर सामने कोई भी हो, भले ही वह खुद के बैंककर्मी होने का दावा करे, आपको ओटीपी शेयर नहीं करना है. बैंक कभी भी अकाउंट होल्डर से ओटीपी नहीं पूछते, ऐसे में झूठ बोलकर कोई आपको फ्रॉड का शिकार बना सकता है.

ओटीपी का प्रयोग केवल पेमेंट के लिए करे

सभी लोगों को ऑनलाइन पेमेंट करते समय इस बात का ध्यान रखें कि पैसे मंगाने और रिसीवकरने के लिए आपको ओटीपी की ज़रूरत नहीं होती है। ओटीपी केवल पेमेंट करने के लिए चाहिए। आजकल कई पेमेंट वालेट के सहारे फ्रॉड करने वाला खुद पैसे भेजने की बात कहकर यूजर्स से ओटीपी पूछ लेता है और बदले में उसका ही अकाउंट खाली कर देता है। बहुत सारी सीटेस जैसे ओएलएक्स पर भी ये हो चुका है।

ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर बैंक से करे शिकायत, आरबीआई ने जारी किए बैंको के लिए निर्देश

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बढ़ते ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम में ठगी को मॉनिटर और ट्रैक करने के लिए सेंट्रल पेमेंट फ्रॉड रजिस्ट्री (Central Payment Fraud Registry) स्थापित करने जा रहा है। आरबीआई ने कहा है कि पेमेंट सिस्टम के participant प्रतिभागियों को जल्दी ही धोखाधड़ी की जांच और निगरानी के लिए इस केन्द्रीय रजिस्ट्री तक पहुंच की अनुमति दी जाएगी। फिलहाल, सभी बैंक बैंकिंग फ्रॉड की रिपोर्ट आरबीआईकी सेंट्रल फ्रॉड मॉनिटरिंग सेल को करते हैं।

कैसे बचे ऑनलाइन ठगी से

फ्री और पब्लिक वाई-फाई से वित्तीय लेन-देन से बचें

वित्तीय लेनदेन करते वक़्त कभी भी फ्री और पब्लिक वाई-फाई के इस्तेमाल से बचें। हैकर्स सबसे पहले इन्हीं ग्राहको शिकार बनाते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग के लिए हमेशा एक अलग ई-मेल आईडी बनाएं जिससे वायरस और स्पैम का खतरा कम रहेगा।

हमेशा URL यूआरएल टाइप करें, क्लिक नहीं

हमेशा शॉपिंग करते और भुगतान करते समय यूआरएल में जाकर कंपनी का नाम टाइप करके वेबसाइट ओपन करें बजाय लिंक पर क्लिक करने के इसमे थोड़ा झंझट होता है लेकिन इससे आप फ्रॉड का शिकार होने से बच सकते हैं।
बिना पैड लाक यानि unsecure असुरक्षित sites पर ख़रीदारी और लेन-देन करने से बचे। केवल (https) sites पर ही वित्तीय लेन-देन या ख़रीदारी करे ।
अचानक आने वाले किसी लिंक या pop up पॉप अप पर क्लिक करके ख़रीदारी और पेमेंट करने की जगह url या website का पूरा एड्रैस डालकर उस पर transaction करे।

मौजूदा समय में ऑनलाइन भुगतान समय की जरूरत है और हम इसके इस्तेमाल से बच नहीं सकते है। ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड से बचने के लिए आपको कुछ सावधानियाँ रखनी होगी । इसका सबसे आसान और कारगर तरीका है कि आप कभी भी अपने कार्ड की कोई जानकारी किसी से शेयर न करें, किसी को भी कार्ड की CVV, पिन नंबर और OTP न बताएं। क्योंकि बैंक ऐसी कोई भी जानकारी नहीं मांगते हैं। अगर कोई आप से कोई ऐसी जानकारी मांगता है तो आप बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और वहां जाकर शिकायत करें । कार्ड के पीछे भी सभी बैंक अपने कस्टमर केयर का नंबर देते हैं । ऑनलाइन भुगतान हमे बहुत सी सुविधाएं देते है इसलिए आप सावधानी और जानकारी से आपको किसी भी फ्रॉड से बचा सकती है।


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