राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद ने नारे लगाये जो जमीन सरकारी है वो जमीन हमारी है प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम पर तहसीलदार को सौपा ज्ञापन

Spread the love

 ANI  NEWS INDIA  @ http://aninewsindia.com

ब्यूरो चीफ ढीमरखेड़ा, जिला कटनी // रमेश कुमार पांडे : 6264045369

खबरों और जिले, तहसील की एजेंसी के लिये सम्पर्क करें : 9893221036

 

कटनी जिला-ढीमरखेड़ा विकास खण्ड क्षेत्र के संगठन राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद ढीमरखेड़ा ने आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार के विरोध में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम पर नायब तहसीलदार सुनीता मिश्रा को ज्ञापन सौपा है। 

जिला महासचिव गौतम सिंह के नेतृत्व में आदिवासियों द्वारा सौपे ज्ञापन में बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में निवास करने वाले आदिवासियों की संस्कृति और पहचान खत्म करने के लिए विकास के नाम पर जल जंगल और जमीन से बेदखल करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
अनुसूचित जातियों के लिए संविधान की अनुसूची पर अमल करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय से अध्यादेश जारी किया जाए आजादी के बाद से जनजाति मंत्रणा परिषद का गठन नहीं किया गया है।

आदिवासी समुदायों को गोंडी, सारणी, आदिधर्म, आदिम, ट्राईबल आदि धार्मिक पहचान लिखने का अधिकार दिया जाए।
2021 की जनगणना को अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधियों से राय ली जाए।

गजराज अभ्यारण, बाघ अभ्यारण के नाम पर 22 लाख से ज्यादा आदिवासियों को बेदखल किया गया है इसे तत्काल रद्द किया जाए।

अनुसूचित जातियों के लिए निर्गत होने वाले जाति प्रमाण पत्रों से धर्म का कालम हटाया जाए। राज्य सरकारों द्वारा वन संरक्षण के नाम पर जंगलों का निजीकरण किया जा रहा है। इससे आदिवासियों में विस्थापन और बेरोजगारी बढ़ेगी। इसे रद्द किया जाए।ज्ञापन सौंपते समय नायब तहसीलदार सुनीता मिश्रा ने सलाह दी कि शासन के नियमों का पालन करें एवं माक्स का उपयोग करें।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!