बुराड़ी केस : क्या मोक्ष प्राप्ति है इस परिवार के 11 लोगों की मौत की वजह, जाने क्या हो रही जांच ?

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दिल्ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों के शव मिलने के मामले पुलिस की जांच जारी है. यह परिवार राजस्थान के चित्तौड़गढ़ का रहने वाला था. इस भाटी परिवार में नारायणा (75) , नारायणा की बेटी प्रतिभा (60), प्रतिभा की बेटी प्रियंका (30), नारायणा का बेटा भूप्पी (46), भूप्पी की पत्नी श्वेता (42), भूप्पी की बेटी नीतू (24) और मीनू (22) और बेटा धीरू, नारायण का दूसरा बेटा ललित (42), ललित की पत्नी टीना (38) और उसका बेटा शामिल है. पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक तीन लोगों ने सबकी हत्या की और लास्ट में खुद आत्महत्या कर ली.

# पुलिस के मुताबिक यह सब एक प्लानिंग से किया गया. पहले खाने में बेहोश करने वाला पदार्थ मिलाया गया था. खाना खाने के बाद तीन लोगों के अलावा सब बेहोश हो गए. बेहोश होने के बाद उन्होंने सबके हाथ और मुंह बांधे जिससे कोई होश में आने पर विरोध न कर सके.

# माना जा रहा ऐसा करते हुए बुजुर्ग महिला की 60 वर्षीय बेटी को होश आ गया. इसलिए उसकी गला रेतकर हत्या कर दी. इसके बाद एक-एक कर सबको चुन्नी से फांसी का फंदा बना लटका दिया गया.

# घर में एक कुत्ता भी था. इस घटना को अंजाम देने से पहले कुत्ते को छत पर ले जाकर बांध दिया. जिससे यह सब देखने के बाद वह भौंके नहीं. पुलिस कुत्ते के पट्टे पर फिगंरप्रिंट्स की जांच करवा रही है जिससे पता लग सके कि कौन इसे छत पर लेकर गया.

# इन तीन लोगों ने सुसाइड लेटर भी लिखने की कोशिश की लेकिन बाद में नहीं लिखा. पुलिस ने एक कागज बरामद किया है जिसपर कुछ लिखने की कोशिश की गई है.

# पुलिस परिवार के लोगों के कॉल रिकॉर्ड्स भी खंगाल रही है. जिससे कुछ जानकारी हाथ लग सके.

# पड़ोसियों के मुताबिक यह परिवार बहुत धार्मिक प्रवृत्ति का था. इनकी दुकान पर रोज धार्मिक प्रवचन लिखे जाते थे. परिवार के लोग भी शांत प्रवृत्ति के थे. घर से भी कभी किसी तरह की लड़ाई-झगड़े की आवाज नहीं आई थी. पुलिस धर्मांधता के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है.

# मृतक परिवार की प्लाईवुड की दुकान पर पिछले चार साल से काम कर रहे रामविलास ने बताया कि दोनों भाइयों में आपसी संबंध अच्छे थे. कहासुनी या झगड़े जैसी कोई बात नहीं थी. कोई आर्थिक परेशानी भी नहीं थी. बीते दिन ललित दुकान पर आया था. वो देखने में परेशान नहीं लग रहा था. लगता नहीं कि परिवार आत्महत्या करेगा.

#बुराड़ी मामले में एडीशनल डीसीपी विनीत कुमार के मुताबिक घर की तलाशी में कुछ हाथ से लिखे नोट्स मिले है जिनसे ऐसा लग रहा है कि पूरा परिवार किसी विशेष आध्यात्मिक, धामिर्क क्रिया का अभ्यास करता था. संयोगवश जो इन नोट्स में लिखा है उसी तरीके से इनके मुंह और आंखे बंधी हुई थी और उन पर टेप लगी हुई थी. इसी एंगल से जांच की जा रही है.

बहरहाल पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर क्राइम ब्रांच को मामला ट्रांसफर कर दिया है. परिवार का एक बेटा चित्तौड़गढ़ में ही रहता है. उसे सूचना दे दी गई है. पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है उसके बाद जांच आगे बढ़ेगी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी घटनास्थल का दौरा किया.


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