प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदी जी की बाल दाढ़ी में छिपा है राज की क्यों नहीं कटवा रहे अपने केश ? कसम / संकल्प / वचनबध्दता / प्रतिज्ञा ये सब सिर्फ देशभक्त ही कर सकता है।

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मुंबई // गुणवंत सिंह बघेल : 9967086023

 

 प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदी जी की बाल दाढ़ी में छिपा है राज की क्यों नहीं कटवा रहे अपने केश ? कसम / संकल्प / वचनबध्दता / प्रतिज्ञा ये सब सिर्फ देशभक्त ही कर सकता है।

भारत में आदरणीय प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदी जी की दाढ़ी  ( बाल ) बढ़ाने से देश के अंदर लोगों ने अलग अलग तरीके देखा किसी ने कहा की ये राजनैतिक है तो किसी ने कहा ये देश के नाम सन्देश तो एक भक्त ने कहा की जब तक कोरोना वायरस महामारी की वेक्सीन नहीं आ जाती तब तक प्रधानसेवक जी अपने दाढ़ी ( बाल ) नहीं कटवाएंगे इस तरह अलग अलग चर्चाएं होती रही और उनके मायने भी अलग अलग निकाले गए। भारत के साथ साथ विश्व में जब कोरोनाकाल का समय आया जब कोरोना वायरस महामारी ने देश ही नहीं पुरे विश्व को अपने जकड में ले लिया था और कोरोना तेजी से फैलता जा रहा था उसी वक्त प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी ने मार्च २०२० में देश को सन्देश दे रहे थे की ” एक दिन का जनता कर्फ्यू” के लिए तब उनकी दाढ़ी तरीके से कटी हुई थी जिसको दुनिया ने देखा। और जब वी दुबारा अनलॉक २ में जब देश को सन्देश दे रहे थे तब उनकी दाढ़ी बहुत बढ़ चुकी थी क्यूंकि ये सन्देश ३ महीने के बाद दे रहे थे इसी बीच प्रधानसेवकजी दाढ़ी नहीं कटवाई।

अनलॉक २ के बाद से प्रधानसेवक जी साफ साफ सन्देश दे दिए देशवासियों को अपनी दाढ़ी ( बाल ) ना कटवाके और आज २०२० का आखिरी दिन भी समाप्त होने जा तब भी उनकी दाढ़ी ( बाल ) अभी तक नहीं कटे। और देश के अंदर अलग अलग चर्चाये होती रही और सबसे जबरदस्त अवधारणा देखने को मिली विरोधी की तरफ से की प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदी जी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को देखते हुए वहां की जनता से भावनात्मक जुड़ने की राजनैतिक चुनावी स्टंट रणनीति के रूप में देख रहे थे। प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदीजी की दाढ़ी ( बाल ) क्यों बढ़ाये इसकी पुख्ता कोई भी जानकारी देखने को नहीं मिली और उनकी दाढ़ी दिन बा दिन बढ़ती ही जा रही है जिसके बारे में कर्नाटका के ( उडुपी पीजवारा पीठ ) के अध्यक्ष स्वामी विश्वप्रसन्ना तीर्थ जी जो  अयोध्या में निर्माणाधीण राम मंदिर ट्रस्ट बोर्ड के प्रमुख सदस्य भी है उन्होंने कहा की प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदी जी की दाढ़ी  बढ़ने का राज को ( राम मंदिर ) जो अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण जोरशोर से चल रहा है उससे जोड़के देख रहे है।

कर्नाटक के स्वामी विश्वप्रसन्ना तीर्थ जी ने कन्नड़ के टीवी ९ के अनुसार बीते सन्डे को बगलकोट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मिडिया से बताये की क्यों श्री नरेंद्र मोदी जी अपनी दाढ़ी नहीं कटवा रहे है उसको अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर से जोड़ते हुए कहा की ये सनातन धर्म की एक परम्परा का उल्लेख किये मगर इसकी पुष्टि नहीं की गई जो कारण बताया गया उसके बाबजूद बहुत मिडिया में इसकी चर्चा का जिक्र किया गया है। जो भी खबर मिडिया द्वारा आ रही है उनके अनुसार स्वामी विश्वप्रसन्ना तीर्थ जे मोदीजी की दाढ़ी बढ़ाने को राम मंदिर जोड़ते हुए आगे कहा की एक कारण राम मंदिर हो सकता है क्यूंकि बहुत लम्बे समय से बीजेपी का राम मंदिर सबसे बड़ा मुद्दा था की  रामलला आएंगे मंदिर वही बनाएंगे” का एकमात्र एजेंडा था की जल्द राम मंदिर बनाएंगे और बल जब मिला की सुप्रीमकोर्ट ने अपने निर्णय में रामलला विराजमान के पक्ष में कार्यवाही करते हुए राम मंदिर का पक्ष लिए और २०२० के अगस्त में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के करकमलो से  राममंदिर निर्माण की आधारशिला का आयोजन हुआ और मोदीजी के हांथो से भूमिपूजन हुआ।

अलग अलग मिडिया में अलग अलग प्रतिक्रिया देखने को मिली उनके मुताबिक राम मंदिर बनने में ३. ५  ( साढ़े तीन साल ) लग सकते है ऐसा खबर है मगर वो डिजाइन और उनके बदलाव को देखते हुए समय सीमा बढ़ भी सकती है मगर सबसे बड़ी तो ये है की यदि राममंदिर से को लेकर मोदी जी अपनी दाढ़ी बढ़वाई है तो क्या मोदी जी को ३. ५  ( साढ़े तीन साल ) या उससे ज्यादा समय दाढ़ी बढा कर रखना होगा यदि उनका वचनबध्द / संकल्प / प्रतिज्ञा ली है तो अगले ३. ५  ( साढ़े तीन साल ) तक वो दाढ़ी नहीं कटवा पाएंगे ऐसा मेरा सोचना है। श्री स्वामी विश्वप्रसन्ना  जी ने आगे कहा की मोदीजी ने राममन्दिर की आधारशिला रखे इसलिए मंदिर के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी उनके ऊपर ही होगी क्यूंकि उनके हांथो भूमिपूजन हुआ तो मंदिर निर्माण की को सही दिशा में कार्य करने जबाबदेही उनकी ही होगी यही तो सनातन धर्म की संस्कृति कहती है उनके बाल नहीं काटे जायेंगे इसलिए उन्होंने अपनी दाढ़ी बाल बढ़वाए हुए है।

भारतीय सनातन धर्म संस्कृति की धार्मिक मान्यता यही कहती है इसी को लेकर श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी जी संसदीय क्षेत्र वाराणसी काशी से सांसद है वहा के महँ पंडित श्री दयानन्द पांडेय जी ने भी अपनी प्रतिक्रिया तो नहीं दी है मोदीजी के बढ़े हुए बाल दाढ़ी को लेकर मगर सनातन धर्म की धार्मिक मान्यताओं का जिक्र जरूर किये ये सब वो हिंदी के टीवी ९ डिजिटल में चर्चा करते हुए इसका जिक्र किया की सनातन परम्परा के अनुसार किसी बड़े महायज्ञ या कोई बड़े प्रयोजन करने के लिए घर के बड़े  समाज के व्यक्ति ही प्रतिज्ञा संकल्प लेता है और जब तक प्रतिज्ञा / संकल्प पूरा नहीं होता तब तक वो अपने बाल केश नहीं कटवा सकता और जैसे उसकी प्रतिज्ञा / संकल्प या जो भी बड़े प्रयोजन पूरा हो जाए तो वो अपने बाल ( केश ) को दान कर सकता या गंगा जी में प्रवाहित कर सकता है यही सनातन परंम्परा कहती है। 

सनातन हिन्दू धर्म संस्कृति परंम्परा की मान्यताएं के बारे आगे कहा की केश दान को लेकर बहुत सी मान्यतायें है दक्षिण भारत की नारी कशी में अपना सिर का मुंडन करवाती और अपना केशदान करती है।  ये सब इसलिए करते है क्यूंकि धार्मिक मान्यतायें की माने तो दान हमेशा अपनी सबसे प्यारी चीज का करना होता है इसलिए महिलाएं के बाल सुंदरता के जाने जाते है जो बहुत महत्वपूर्ण होते है ऐसा मन्ना है की ये ईश्वर का आशीर्वाद और प्राकृतिक सौन्दर्यता श्रृंगार माना है और नारियों को अपने बाल केश सबसे ज्यादा प्रिय होते है इसलिए तो वो अपने बाल केश दान करती है मान्यतायों के अनुसार सनातन हिन्दू धर्म संस्कृति के बारे में श्री पंडित दयानन्द पांडेय जी बताया की नवरात्र नवदुर्गा के समय पुरे ९ दिन तक यजमान अपने बाल दाढ़ी  नाख़ून बिलकुल भी नहीं कटवाते उदाहरण देते हुए बता रहे थे।  की नवदुर्गा नवरात्री के प्रथम दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री रूप का पूजन पहले कलश स्थापना की जाती उसके बाद घर के मुखिया यजमान को संकल्प दिलाते है पुरोहित जी की नवदुर्गा नवरात्री के पहले दिन से नोवे दिन तक वो यजमान  अपने नख केश मतलन नाख़ून और बाल या दाढ़ी नहीं कटवा सकते और जब नोवे दिन अनुष्ठान समाप्त के बाद हवन होता है उसके उपरांत ही यजमान अपने नाख़ून बाल दाढ़ी कटवा सकता है।  आगे कहा की देशभर में अलग अलग छेत्र में अनुसार और भी कई तरीके की धार्मिक मान्यतायें होती है

जबकि प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदी जी के दाढ़ी बाल ( केश ) बढ़ाने को लेकर कोई भी पक्की रिपोर्ट या जानकारी आज तक सामने नहीं आई और तो और नाही कभी प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदीजी ने इसके पीछे का कारण नहीं बताये इसी को लेकर देश क अंदर दाढ़ी बाल बढ़ाने को लेकर अलग अलग कयास लगाते रहे है लोग इसलिए सबकी अपनी अपनी टिप्पणी संभावना मात्र है।

इन सबके बाबजूद प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदी जी के सबसे बड़े प्रशंसक ( भक्त ) टिंकू बघेल मध्यप्रदेश निवासी ने अपने लिखित पत्र में कहा की प्रदानसेवक जी की दाढ़ी  बाल ( केश ) बढ़ाने के पीछे सिर्फ उनकी सवेंदशीलता है लोगों के प्रति अपनापन है और घर बड़ा मुखिया ही कर सकता है वो काम कोरोनाकाल में कोरोना वायरस महामारी से बचाने में जो प्रतिज्ञा / संकल्प / वचनबध्दता ली श्री नरेंद्र मोदीजी ने इसी के लिए उन्हीने अपने बाल नहीं कटवाए और यही हिन्दू सनातन धर्म संस्कृति की मान्यतायें कहती है। आप भी उनका पत्र पढ़े।

जय माता दी जय श्री राम

ANI NEWS INDIA की तरफ से सभी भारतवर्ष और विश्वभर के लोगों को नववर्ष की शुभकामनाये २०२१


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