वर्ष 2020 की गंभीर चुनौतियो का सामना करते हुए रायगढ़ पुलिस ने किया कर्तव्यो का पालन

Spread the love

उत्सव वैश्य // जिला बयूरो चीफ रायगढ़

9827482822

लॉकडाउन की चुनौतियों का बखूबी निवर्हन के साथ खोले गये सभी ब्लाइंड मर्डर और गंभीर प्रकरण

पूंजीपथरा थाने का रहा लगभग शत् प्रतिशत अपराध निकाल

आज दिनांक 05.01.2021 को पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा वर्ष 2020 का वार्षिक लेखा-जोखा पत्रकारवार्ता में पत्रकारों के साथ साझा किया गया । पुलिस अधीक्षक बताये कि वर्ष 2020 के दौरान जिला पुलिस रायगढ़ लॉकडाउन में लोगों की सुरक्षा व अमन- कानून बनाने में कई चुनौतियों से जूझती रही । पूरे वर्ष के बीते घटनाक्रम के अनुसार बेशक वर्ष 2020 में एटीएम लूटकांड जैसी वारदातें हुई है परंतु संतोष की बात यह रही कि लगभग अधिकांश गंभीर अपराध निकाले गए । वर्ष 2020 में जिला पुलिस की नशे की रोकथाम के लिए की गई कार्यवाही से आरोपियों में भगदड़ मचा रहा ।

जिला रायगढ़ में *वर्ष 2019 में आईपीसी के 3,272* की तुलना में *वर्ष 2020 में आईपीसी के 3,211 अपराध* एवं *अन्य 9,528 लघु अधिनियम* के अपराध पंजीबद्ध किये गये हैं । पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह द्वारा सभी थाना/ चौकी प्रभारियों को अनावश्यक शिकायत पेंडिंग ना रखे जाने के निर्देशों पर अपराध से संबंधित शिकायतों तथा और उनके रिपोर्ट पर निष्पक्ष रुप से त्वरित अपराध पंजीबद्ध किया गया इसलिए लंबे लॉकडाउन के बावजूद पंजीबद्ध अपराधों में वर्ष 2019 की तुलना में वर्ष 2020 में नगण्य कमी है।

। रायगढ़ जिले की लम्बी सीमा ओड़िशा प्रांत से लगती है, सीमाओं से होकर मादक पदार्थ गांजा की तस्करी की सूचना पर वर्ष 2020 में भी जिला पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की रही है । *वर्ष 2020 में एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत 46 प्रकरणों* की कार्यवाही की गई है जबकि  *वर्ष 2019 में 44 प्रकरण* एनडीपीएस एक्ट के दर्ज किए गए थे । एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत दर्ज प्रकरणों में मादक पदार्थ गांजा के अतिरिक्त बड़ी मात्रा में *नशीली सिरप व टेबलेट* की जप्ती की गई है । एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत वर्ष 2020 में *458 किलो गांजा कीमती लगभग 17,27,400 रूपये* तथा *100ml वाली 2,019 नग प्रतिबंधित सिरप, 2,802 नग नशीली टेबलेट कीमती 4,55,999 रूपये* एवं *17 नग गांजा पौधों* को जप्त किया गया है । पुलिस अधीक्षक द्वारा इन मादक पदार्थों की शीघ्र नष्टीकरण के लिये कमेटी गठित किया गया है । उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में एनडीपीएस एक्ट के मामलों में *27 नग दुपहिया एवं 09 चार पहिया वाहनों* की जप्ती की गई है, इन वाहनों को राजसात करने हेतु प्रतिवेदन जिला दंडाधिकारी रायगढ़ की ओर भेजी गई है ।

अन्य कार्यवाही की समीक्षा पर वर्ष 2020 में 25 व्यक्तियों पर आर्म्स एक्ट की कार्यवाही की गई है । मोटर व्हीकल एक्ट के तहत *वर्ष 2019 में 9,221 वाहनों* पर की गई चालानी कार्यवाही की तुलना में वर्ष 2020 में वाहनों पर चालानी कार्यवाही लॉकडाउन  के कारण काफी कम की गई है, वर्ष के अंत तक *6,435 वाहनों* पर चालानी कार्यवाही किया गया है।

संपत्ति संबंधी अपराधों के तहत अपराध शीर्ष *चोरी, नकबजनी, लूट, डकैती* के मामलों में वर्ष 2019 की अपेक्षा वर्ष 2020 में भारी कमी आई है । *वर्ष 2019 में इन अपराधों के कुल 618 मामले* दर्ज किये गये जिसकी अपेक्षा *वर्ष 2020 में 469 प्रकरण* पंजीबद्ध किये गये है । लूट, चोरी के अधिकांश मामलों में पुलिस को सफलता मिली है । शहर के दो बड़ी उठाईगिरी कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत सुभाष चौंक के पास महिला की डिक्की से नगदी की उठाईगिरी एवं थाना चक्रधनगर अन्तर्गत हेमा ज्वेर्ल्स के संचालक के ज्वेलरी भरे बैग की उठाईगिरी में पुलिस टीम आरोपियों के विरुद्ध  महत्वपूर्ण सुराग  मिले हैं, दबिश दी जा रही हैं। पुलिस पार्टी मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये प्रयासरत है ।

विदित है कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से जिले की निगरानी CCTV कैमरों से कराये जाने का एक सीमित प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। इसकी स्वीकृति और बढ़ते ही प्रमुख चौंक-चौराहों में CCTV कैमरों से निगरानी बढ़ाये जाने पर चोरी/लूट के मामलों में रोक लगेगी तथा आरोपियों को शीघ्र ट्रेस करने में पुलिस को सहायता मिलेगी । पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह द्वारा चोरी/लूट के अपराधों की रोकथाम के लिये थाना/चौकी प्रभारियों को पेट्रोलिंग एवं रात्रि गस्त बढ़ाने तथा अन्य आवश्यक उपायों को अमल में लाने का निर्देश दिया गया है ।

जिला पुलिस के अधिकारी, कर्मचारीगण वर्ष 2020 में लॉकडाउन में व्यस्त होने के बावजूद इस वर्ष दर्ज 3211 अपराधों में वर्षांत में *579 अपराध जांच में लंबित* है । 31 दिसम्बर 2019 की स्थिति में 480 अपराध लंबित था । न्यायालय लंबे समय बंद होने के कारण जिले में *1,306 अपराधों के चालान बनकर तैयार* है जो पेश होना है। जबकि *वर्ष 2019 के अंत तक 56 चालान* न्यायालय पेश करना शेष था । पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण अधिकारियों के लगातार मॉनिटरिंग के कारण जिले के लगभग सभी थानों में अपराध निकाल की स्थिति सबसे अच्छी रही है। साल के अंत में प्रमुख थानों में पूंजीपथरा में सबसे कम 1.5% अपराध पेंडेंसी रहा है व जिले के सबसे व्यस्ततम कोतवाली थाना की पेंडेंसी 16% है।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!