तीरंदाज खिलाड़ी मुस्कान किरार की वजह से मेरा परिवार तबाह हो गया : मोहिनी रिछपाल

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मध्य प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी मुझे न्याय दिलवाए यही आपसे मेरी प्रार्थना

जबलपुर। मैं मोहिनी रिछपाल पति रिछपाल सिंह सलारिया उम्र 38 वर्ष पता ब्राह्मणा जम्मू में निवास करती हूं मेरे पति रिछपाल सिंह सलारिया मध्य प्रदेश राज्य तीरंदाजी अकादमी जबलपुर में प्रमुख कोच है जो रानीताल स्टेडियम में ट्रेनिंग देते हैं।

भारतीय तीरंदाज खिलाड़ी मुस्कान किरार अकैडमी में छात्रा है जिसके तीरंदाजी के कोच मेरे पति रिछपाल सिंह सलारिया है। मेरे पति 2016 से जबलपुर अकैडमी में कार्यरत है ।
कोच के रूप में रिछपाल सिंह ने भारत को स्वर्ण पदक की जीत दिलवाई है मुस्कान किरार एक भारतीय तीरंदाज है। 28 अगस्त 2018 को इंडोनेशिया में हुए महिलाओं के तीरंदाजी कंपाउंट इवेंट में सिल्वर मेडल लाने वाली भारतीय टीम का वो हिस्सा रहीं। मुस्कान मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने में बैंकाक में हुए महिला कंपाउंड – तीरंदाजी एशिया कप में स्वर्ण पदक भी जीता है। भारत को स्वर्ण पदक मिलने पर मुस्कान किरार और मेरे पति रिछपाल सिंह पर मुझे बहुत गर्व था। इस पदक के मिलने से सबसे ज्यादा खुशी मुझे और मेरे परिवार को ही थी। मुझे नहीं पता था कि भारत में स्वर्ण पदक की खुशी के साथ साथ मेरे जीवन में बर्बादी शुरू हो जाएगी। आज वह दिन आ गया कि मेरे पति रिछपाल सलारिया एवं मुस्कान किरार के बीच अनैतिक संबंध के चलते मेरा बसा बसाया घर परिवार बिखर गया। मेरे परिवार में पति पत्नी और एक 17 साल का 80 प्रतिशत विकलांग पुत्र है जो सारे दिनचर्या क्रिया बिस्तर पर ही करता है एवं एक पुत्री 8 वर्ष की है जिसकी देखरेख मुझे करनी पड़ती है।

2016 रिछपाल सिंह सलारिया द्वारा कोच के रूप में नियुक्त होते ही हम अपने परिवार सहित जबलपुर में आकर रहने लगे 2018 तक मेरा परिवार खुशियों से भरा रहा एक-एक दिन हम अपने परिवार के साथ खुशियों भरा जीवन बिताते रहे। स्वर्ण पदक प्राप्त होने के
बाद दिल्ली लौटने पर मुस्कान किरार और मेरे पति रिछपाल सिंह सलारिया दिल्ली के एक होटल मैं रुके थे मुझे दोनों के ऊपर इनकी हरकतों की वजह से पहले से थोड़ा शक हो गया था। मैं इनका पीछा करते हुए दिल्ली पहुंची तो दोनों को मैंने एक ही कमरे में आपत्तिजनक हालात में पकड़ा था। वहां भी बड़ा विवाद हुआ था दोनों ने वहां भी मुझे मिलकर मारा पीटा था।

बिना परमिशन नेशनल कैंप छोड़ मुस्कान व कोच रिछपाल सिंह 3 दिन लापता रहे, कैंप से किया था बाहर लगाया था प्रतिबंध

जुलाई 2019 में विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक धारी तीरंदाज मुस्कान किरार और रिछपाल सिंह सलारिया
को भारतीय खेल प्राधिकरण के रोहतक केंद्र में लगे जूनियर राष्ट्रीय शिविर से बाहर कर दिया गया था क्योंकि इन दोनों पर अधिकारियों से अनुमति लिए बिना ही 3 दिवस तक शिविर छोड़कर लापता होने के कारण कैंप से बाहर कर दिया था वही इनको प्रतिबंधित भी कर दिया गया था। इन दोनों की अनैतिक संबंध की वजह से भारतीय खेल प्राधिकरण निज घटना के संदर्भ में शिविर से संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी जिसके बाद फैसला किया गया था कि तीरंदाज और कोच को अनुशासनात्मक कदम के तहत शिविर से बाहर कर दिया जाए। साईं ने तीरंदाज और कोच को भेजे गए पत्र में लिखा था कि राष्ट्रीय शिविर में अनुशासन का ध्यान रखना सबसे अहम बात है और सक्षम अधिकारियों ने इस गंभीरता को देखा जिसके अनुसार कार्यवाही के तहत आपका नाम मौजूदा राष्ट्रीय शिविर से तुरंत प्रभाव से हटाया जाता है अतः आप दोनों नियम तोड़ने के कारण तत्काल प्रभाव से कैंप छोड़ दें।

इसके बाद मेरे पति और मुस्कान के बीच संबंध घनिष्ठ होते गए जिस वजह से मेरे पति मुझसे पत्र आने लगे और मुझे और बच्चों को जबलपुर से जम्मू छोड़ आए इसके बाद मेरे पति ने मुझ पर तलाक देने पर दबाव बनाने लगे और मुझ पर तलाक का केस चालू करवा दिया जिसकी कार्रवाई न्यायालय में विचाराधीन है।

12 जनवरी 2021 को रानीताल परिसर जबलपुर में मेरे पति एवं 8 से 10 कोच एवं छात्राओं ने मुझसे मारपीट कर जानलेवा हमला किया

मैं अपने पति रिछपाल से दिनांक 12 जनवरी 2021 को लगभग 5:00 बजे रानीताल परिसर स्थित कार्यालय मिलने गई थी। मेरे पति रिछपाल सिंह द्वारा मुझे अचानक देखकर गाली गलौज करने लगे वह वहाँ मुस्कान के साथ खड़े थे जिससे उनका अनैतिक संबंध है पूर्व में भी वे इस मामले को लेकर विवाद में रहे और एक बार उक्त महिला के साथ रंगे हाथ अनैतिक काम करते पकड़ा भी चुके हैं।

12 जनवरी 2021 को मुझे अचानक सामने देखकर बौखला गए और गाली गलौज करने लगे मेरे द्वारा आपत्ति करने पर वह मेरे साथ मारपीट करने लगे और मेरे बाल पकड़कर मारते पीटते घसीटते हुए अंदर ले गए वहां पर इनके सहयोगी करीब 10 पुरूष लोग वहां थे इनमें (1) अशोक कुमार यादव ( कोच ) , (2) दशरथ ठाकुर ( वार्डन ) , (3) अमन पवार एवं (4) रश्मि सिंह ( कोच ) एवं अन्य चार पांच लोग सभी मेरे ऊपर मुझे गिराकर चढ़ गए और मारपीट कर गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने लगे, मैं चिल्लाती रही परंतु यह लोग मुझे मां बहन की गंदी गंदी गालियां देते हुए लात घुसे से मारते रहे । यह सब चल ही रहा था कि मीडिया के पत्रकार लोग अंदर आ गये और कैमरे से वीडियो बनाने लगे उन पर भी यह सभी लोग ने मिलकर हमला कर दिया, इतने सारे लोग एक महिला पर टूट पड़े मैंने अपने बचाओ में हाथ पैर चलाती रही जिसका वीडियो जबलपुर के पत्रकारों ने भी बनाया है।

यह घटना चल रही मेरे पति सहित यह लोग मुझे मार पीट रहे थे तभी घटनास्थल पर पुलिस पहुंच गई, पुलिस को देखते ही मेरा पति रिचपाल सिंह वहाँ से भाग गया। वहां से मैं पुलिस के साथ थाना लार्डगंज पहुंची। पूरी घटना मैंने थाने में बताएं तब तक मेरे पास किसी प्रकार का वीडियो नहीं था क्योंकि सारे वीडियो पत्रकारों ने ही बनाए थे जो लोग मुझे मारपीट रहे थे में उनके कई के नाम भी नहीं जानती थी, जिनके में नाम से जान गई थी उनके नाम मैंने थाने में एफ आई आर में लिखने को कहा एवं अन्य जितने भी लोग थे उनकी जानकारी दी। परंतु थाना प्रभारी ने सिर्फ मेरे पति रिछपाल सिंह के नाम FIR में लिखा बाकी सभी आरोपियों के नाम नही लिखा।

पुलिस ने कहां सिर्फ आपके पति पर ही मारपीट का प्रकरण दर्ज किया जायेगा। मैंने कहा कि मुझे इतने सारे 8-10 लोगों ने मारा पीटा है इन पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए मैं एक महिला और यह इतने सारे लोग परंतु थाने में मेरी किसी भी प्रकार की सुनवाई नहीं हुई और केबल मेरे पति के खिलाफ ही एफ आई आर 38/2021 धारा 294, 323, 506 दर्ज की गई।

बाकी सभी आरोपियों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। कहा कि जांच करके सभी के नाम जोड़ लेंगे।

फिर जब मैंने थाना अधिकारियों से इन आरोपियों से इन प्रकरण में नाम लिखने को कहा तो वह मुझे रात दिन थाने में बैठा कर रखें और मुझ पर दबाव बनाने लगे कि आप समझौता कर लो और मामला खत्म करो, आप जम्मू लौट जाओ, नहीं तो हम आपके ऊपर भी प्रकरण दर्ज करके जेल भिजवा देंगे, कोई बचाने वाला नही होगा। मुझे थाने में पुलिस के द्वारा लगातार डराया धमकाया गया और मुझसे कई कोरे कागजों पर हस्ताक्षर भी करवा लिया।

13 तारीख को थाने गई की बाकी आरोपी अशोक कुमार यादव ( कोच ) , दशरथ ठाकुर ( वार्डन ) , अमन पवार एवं रश्मि सिंह ( कोच ) एवं अन्य चार पांच लोग प्रकरण दर्ज करे तो जांच अधिकारी ने बताया कि अब आप मान नहीं रही हैं आपको कहा है कि आप जबलपुर छोड़कर जम्मू वापस चले जाएं। अब हम आपके ऊपर भी जिन्होंने आप को मारा पीटा है उनसे शिकायत लेकर के मुकदमा दर्ज करेंगे। पूरे दिन थाने में मुझे बिठाके रखा और आरोपियों पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की और मुझसे कहा कि आप अब कहीं जाना नहीं और पुलिस के द्वारा ही मुझे जहां पुलिस ने रखा है वहां भेजा गया मुझे कई दिनों तक जांच अधिकारी के आदेश पर आघोषित कस्टडी में रखा गया।

पुलिस ने अन्य सभी आरोपियों को बचाने के लिए मेरे ऊपर एक फर्जी और झूठी एफ आई आर दर्ज करवाई है। ताकि मैं परेशान हो जाऊं और मुझ महिला के साथ मारपीट करने वाले किसी भी आरोपियों के लिए प्रकरण दर्ज ना करवा सकू।

अकेली महिला के साथ यह कहां का न्याय जिन्होंने मेरे पर हमला किया मारपीट की गाली गलौज, गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की, इतने सारे लोग और मैं अकेली महिला क्या करती

मैंने श्रीमान महा निरीक्षक महोदय जबलपुर एवं श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जबलपुर को इस बात की लिखित शिकायत दे दी है कि मेरे द्वारा बताया गया आरोपियों के खिलाफ किसी भी प्रकार से एफ आई आर नहीं लिखी गई जबकि बनाए गए वीडियो में सभी आरोपी दिख रहे हैं

मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से जो महिलाओं के प्रति अच्छी-अच्छी योजनाएं चला रहे हैं उन से निवेदन करती हूं कि सभी 8 से 10 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाए वहीं पुलिस थाने द्वारा आपके मध्यप्रदेश में पीड़ित एक महिला पर पुलिस द्वारा अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए मुझे पर दबाव बनाने के लिए झूठी एफ आई आर दर्ज करवाने वाले पर भी कार्यवाही की जाये और फर्जी एफ आई आर रद्द की जाए एवं आरोपियों को बचाए जाने की साजिश का भी खुलासा किया जाए। एवं मुझे न्याय दिलवाया जाए।

  • मैंने न्याय पाने के लिए अपनी शिकायत
  • श्रीमान मुख्यमंत्री महोदय, मध्य प्रदेश शासन भोपाल
  • श्रीमान अध्यक्ष, महोदय मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग भोपाल
  • श्रीमान अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग भोपाल
  • श्रीमान मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन वल्लभ भवन भोपाल
  • श्रीमान गृह मंत्री महोदय, मध्य प्रदेश शासन भोपाल
  • श्रीमान प्रमुख सचिव गृह विभाग, मध्यप्रदेश शासन भोपाल
  • श्रीमान पुलिस निदेशक मध्यप्रदेश, पुलिस मुख्यालय, भोपाल

श्रीमान संचालक महोदय, संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, भोपालको भी भेज दिए सभी से निवेदन है कि इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मुझे न्याय दिलाने की कृपा करें आप मध्य प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी मुझे न्याय दिलवाए यही आपसे मेरी प्रार्थना है|


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