कलेक्टर ने दिये आठ चिटफंड कंपनियों को बंद कराने और चल-अचल संपत्ति को आधिपत्य में लेने के आदेश, सात दिन के भीतर वापस करायें निवेशकों की जमा राशि

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 ANI  NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

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जबलपुर: आम जनता से धोखाधड़ी करने वाली फर्जी चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिये निर्देशानुसार कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बड़ी कार्यवाही करते हुए आज आठ निधि कंपनियों के स्थानीय कार्यालयों को बंद कराने, उनकी चल-अचल संपत्तियों को आधिपत्य में लेने तथा निवेशकों को उनकी जमा राशि वापस कराने के आदेश संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को दिये हैं। 

जिला संस्थागत वित्त अधिकारी हेमंत सिंह के अनुसार जिन आठ निधि कंपनियों को बंद करने और उनकी चल-अचल संपत्ति को आधिपत्य में लेने के कलेक्टर द्वारा आदेश जारी किये गये हैं। उन सभी को भारत सरकार द्वारा कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 406 के तहत लोगों से डिपाजिट लेने और ऋण देने वाली संस्थाओं की जारी सूची में शामिल (डिक्लेयर) नहीं किया गया है। इन निधि कंपनियों में ट्रांसपोर्ट नगर चांडाल भाटा स्थित फ्यूचर निधि लिमिटेड, नर्मदा नर्सरी स्कूल के सामने सुहागी स्थित मां सविता म्यूचुअल निधि लिमिटेड, गौतम जी की मढिय़ा हनुमान मंदिर के पास गढ़ा स्थित नर्मदा निधि लिमिटेड, रसल चौक के पास नेपियर टाउन स्थित नित्य पुष्टा म्युचुअल बेनीफिट निधि लिमिटेड, मदन महल मुजावर एक्रोपोलिस शॉप नंबर एक स्थित पिंच म्युचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड, दद्दा नगर स्थित रोजीनेस बेनिफिट निधि लिमिटेड, बम्हनौदा मेन रोड शिवाजी वार्ड स्थित संस्कारधानी निधि लिमिटेड एवं गिरिजा का मकान गंगानगर गढ़ा सदानंद सोसायटी महादेव मंदिर स्थित स्ट्रीम लाइन नव निधि लिमिटेड शामिल है।

जिला संस्थागत वित्त अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा ने संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दंडाधिकारियों को आठों निधि कंपनियों की वित्तीय स्थापना को तत्काल बंद कराने के आदेश दिये हैं। इसके साथ ही इन सभी आठों संस्थाओं की चल-अचल संपत्ति को भी तत्काल अपने आधिपत्य में लेने तथा सात दिन के भीतर सभी निवेशकों को राशि दिलवाना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये हैं।


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