मध्यप्रदेश विधानसभा में पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पूछे गए सवाल सीएम को मच्छर काटे तो निलंबन, सीधी हादसे पर चुप्पी क्यों ?

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भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठवें दिन विधानसभा में गोडसे समर्थक मुद्दा गूंजा. गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस मुद्दे को उठाया और कांग्रेस में शामिल होने वाले बाबूलाल चौरसिया पर सदन में चर्चा करने की मांग रखी.

वहीं, विधानसभा में पहली बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए सवाल पूछा गया. विधायक नारायण सिंह पट्टा ने वीडियो कांफ्रेसिंग के मंडला जिले के में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सिंझौरा में व्याख्याता अजय शर्मा की नियम विरुद्ध नियुक्ति पर सवाल पूछा.

इसके जवाब में आदिम जाति कल्याण मंत्री मीणा सिंह ने कहा कि मामले में अभी हाईकोर्ट का स्टे है इसलिये कार्रवाई नही हो पाई है. उन्होंने बताया कि स्टे को लेकर कोर्ट में भी सरकार ने अपना पक्ष रखा है. जैसे ही कोर्ट का आदेश आएगा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि अस्वस्थ्य होने के चलते विधायक नारायण सिंह पट्टाअस्पताल में भर्ती हैं.

कोरोनाकाल में फीस लेने वाले निजी स्कूलों पर कार्रवाई हो

विधानसभा में कोरोनकाल में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूलने का मुद्दा भी उठा. ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करने की मांग की गई. विधायक बहादुर सिंह ने कहा कि जिन अधिकारियों ने पेट्रोल पंप के पास स्कूल को स्थापित करने की रिपोर्ट सरकार को दी होगी उन्हें निलंबित कर देना चाहिए. फीस के मुद्दे पर कई और विधायकों ने भी बहादुर सिंह का समर्थन किया.

वैक्सीनेशन कराकर पीएम मोदी ने दिया सकारात्मक संदेश

वहीं, वैक्सीनेशन पर भी गृहमंत्री ने विचार रखे. मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा- पीएम मोदी ने आज वैक्सीनेशन करवाकर सकारात्मक संदेश दिया है. सदन में सभी सदस्यों से अनुरोध किया जाय कि 60 साल से ऊपर उम्र के विधायक टीका लगवाएं. आसंदी से सभी विधायकों से जिनकी उम्र 60 साल से ऊपर है वैक्सीनेशन के लिए कहा गया. इधर कांग्रेस ने कहा वैक्सीनेशन फ्री में हो.

सीधी बस हादसे पर उठे सवाल

विधानसभा में सीधी बस हादसे का मुद्दा भी उठाया गया. मामले को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाया गया और बहस हुई. पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने हादसे के लिए सरकारी लापरवाही को जिम्मेदार बताया. इसे लेकर मंत्री विजय शाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कमलेश्वर पटेल पर पलटवार भी किया. कमलेश्वर पटेल ने कहा – मुख्यमंत्री को मच्छर काट ले तो अधिकारी सुबह सस्पेंड हो जाता है. लेकिन जिन अधिकारियों की वजह से जाम लगा, परीक्षा सेंटर दूर बनाया, उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि गैस कांड में हज़ारों मर गए तब इस्तीफा नहीं मांगा. आज हमसे इस्तीफा मांग रहे हैं. 15 महीने तक एक नौकरी नहीं निकाली, हम नौकरी दे रहे तो सवाल उठा रहे हैं. अगर विपक्ष पर कोई तथ्य हो तो पटल पर रखे.


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