भारत में ई-कॉमर्स की सबसे बड़ी डील, Flipkart, वालमार्ट ने 16 अरब डॉलर में खरीदी, स्कूटर से बेचा करते थे सामान

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नई दिल्ली। वालमार्ट ने फ्लिपकार्ट की 77 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 16 अरब डॉलर (एक लाख पांच हजार 360 करोड़ रुपये) में खरीदने की घोषणा की। वालमार्ट का यह अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है। इस सौदे में 11 साल पुरानी फ्लिपकार्ट का कुल मूल्य 20.8 अरब डॉलर आंका गया है। वालमार्ट ने कहा कि उसने फ्लिपकार्ट की 77 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है।

भारतीय ई-कॉमर्स कारोबार की सबसे बड़ी कंपनी फ्लिपकार्ट के संस्थापक आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई करने करने वाले सचिन बंसल ने फ्लिपकार्ट की शुरुआत करने से पहले विश्व की सबसे बड़ी ऑनलाइन कंपनी एमेजॉन डॉट कॉम के साथ काम किया था। बाद में अपने दोस्त बिन्नी बंसल के साथ भारत में ई-कॉमर्स साइट शुरू करने की सोची। दिलचस्प है कि सचिन बंसल और बिन्नी बंसल रिश्तेदार नहीं हैं, जैसा कि लोगों को लगता है।

10 हजार से 6100 करोड़ रुपए तक का सफर
बंसल आज के युवा उद्यमियों के आदर्श हैं। महज 8 साल में सचिन की कंपनी फ्लिपकार्ट ने फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है। कंपनी की शुरुआत सिर्फ 10 हजार रुपए से हुई थी। यही कंपनी अब 1 अरब डॉलर यानी 6100 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। इतना ही नहीं, आज इस कंपनी में 33 हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं।

स्कूटर से बेचा करते थे सामान
सचिन ने अपनी कंपनी की शुरुआत बेंगलुरु से की थी। शुरुआती दिनों में वह स्कूटर से अपने ग्राहकों को सामान की डिलीवरी किया करते थे। बड़े-बड़े बुक स्टॉल के पास खड़े होकर फ्लिपकार्ट के बुकमाक्र्स आने-जाने वाले लोगों को बांटा करते थे. इसके बाद कंपनी ने इलेक्ट्रॉनिक, लाइफ स्टाइल जैसे अन्य क्षेत्र में भी हाथ आजमाए।

तेलंगाना के वीवीके चंद्रा ने दिया था पहला ऑर्डर
अक्टूबर 2007 में अविभाजित आंध्रप्रदेश (अब तेलंगाना) के महबूब नगर के रहने वाले वीवीके चंद्रा ने सबसे पहले फ्लिपकार्ट को एक बुक का ऑर्डर दिया था। यह जॉन वुड की बुक ‘लीविंग माइक्रोसॉफ्ट टु चेंज द वल्र्ड’ थी।
इस किताब का ऑर्डर पूरा करने के लिए सचिन ने दिल्ली, मुंबई के कई बड़े बुक स्टोर छान डाले थे। बाद में 31 अक्टूबर 2007 को कंपनी ने अपना ऑर्डर पूरा किया था।


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