सिवनी : अतिक्रमणकर्ताओ के आगे हुआ प्रशासन नतमस्त, अधिकारियों पर लग रहा सेटिंग का आरोप

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ग्राम पंचायत खैरा के बाजार चौक एवं बसस्टेण्ड क्षेत्र में फैले अवैध अतिक्रमण के चलते विकास कार्य अवरूध अतिक्रमण हटाने में अधिकारी नहीं दिखा रहे रूचि  

ANI NEWS INDIA @ www.aninewsindia.com

जिला ब्यूरो चीफ सिवनी // देवराज डहेरिया : 94256 51310

सिवनी जिले की सबसे महात्वपूर्ण कहे जाने वाली केवलारी विधानसभा क्षेत्र में राजस्व विभाग की उदासीनता के चलते ग्राम पंचायत खैरापलारी के बाजार चौक एवं बसस्टेण्ड क्षेत्र में फैले अवैध अतिक्रमण के चलते मुख्यमंत्री हाट बाजार का निर्माण, शाॅपिंग काम्पलेक्स तथा अनेक प्रकार के जनहित के विकास कार्य कराना सरपंच को ‘‘टे-सजय़ी खीर’’ साबित हो रहा है। 

वहीं ग्राम पंचायत खैरा द्वारा विगत कई वर्षों से अवैध अतिक्रमण हटाने  की मुहिम के चलते एवं ग्राम सभा में बहुमत से पारित प्रस्ताव के आधार पर राजस्व विभाग केवलारी, एस.डी.एम. केवलारी सहित कलेक्टर महोदय से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई। परंतु समस्त आलाधिकारी विगत समय से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जिसके चलते विकास का पहिया थमा हुआ है एवं अतिक्रमणकर्ताओं के होंसले बुलंद होते नजर आ रहे हैं।  ज्ञात होवे कि अतिक्रमणकर्ताओं के द्वारा किये गये अवैध अतिक्रमण के चलते विगत कई वर्षों से समस्त शासन प्रशासन से आवेदन निवेदन करने के बावजूत भी अतिक्रमण ना हट पाने के कारण आमजन खासे परेशान हैं।

वहीं यत्रतत्र गंदगी का अंबार लगा हुआ है जो कि सरकार की महत्वकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन को धता-ंबता रहा है ऐसी हालत जिले के सबसे बड़े ग्रामीण साप्ताहिक बाजार खैरापलारी की बनी हुई है। चिन्हांकित बाजार क्षेत्र परिसर मे भी अनेक लोगो द्वारा कब्जा कर निर्माण कार्य किया गया है एवं गंदगी फैलायी जा रही है जिसके चलते बाजार में दुकान लगाने वाले व्यवसायी एवं आमजनो को अत्याधिक परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है।

उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा ग्राम खैरा के बाजार परिसर में मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना के अंतर्गत् पचास लाख की राशि निर्माण कार्य हेतु स्वीकृत हुयी थी किन्तु लगभग 4 वर्ष बीत जाने के पश्चात् एवं बार-ंबार संबंधित विभाग को पत्र लिखे जाने के बाद भी आज दिंनाक तक धरातल पर कोई सकारात्मक कार्यवाही नही की गयी जिसके चलते बाजार क्षेत्र को प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है। वहीं बरसात का समय होने से बाजार की  स्थिती भयावह बन गयी है।

सोचनीय एवं चिंतन का विषय यह है कि तीन वर्षों बीत जाने के पश्चात भी राजस्व विभाग द्वारा अतिक्रमणकर्ताओ के विरूद्ध सिर्फ नोटिस दी जाकर विभागीय खानापूर्ति की जा रही है एवं अतिक्रमण हटाने की दिशा में आज दिंनाक तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नही किया जाना विभिन्न आशंकाओं को जन्म दे रहा है, जबकि देखा जाये तो जिले के अनेकों ग्रामोें में ग्रामसभा की मांग के आधार पर एवं आवश्यकतानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जा रही है। किन्तु ग्राम पंचायत खैरा में दबंगो का कब्जा होने के चलते राजस्व केवलारी द्वारा  टालमटोल किया जा रहा है जिसके चलते विकास कार्य अवरूध है।

वहीं ग्रामवासियों ने संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा जताई है, कि उक्त बाजार चैक में फैले अवैध अतिक्रमण को  हटाने की कार्यवाही को गंभीरता से लेते हुये तत्काल अतिक्रमण हटाया जाये, ताकि मुख्यमंत्री हाट बाजार के साथ भी अन्य विकास कार्यों को गति मिल सके। चूंकि ग्राम खैरा लगभग 50 गांवों का व्यवसायिक केन्द्र है। एवं खैरापलारी का साप्ताहिक बाजार जिले के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। इस हेतु समस्त ग्रामवासियों के साथ ही क्षेत्रवासियों ने भी साप्ताहिक बाजार क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर सर्वसुविधा युक्त बनाने की अपेक्षा जताई है।

इस संबंध में ग्राम पंचायत खैरा के सरपंच रणजीतसिंह ठाकुर से चर्चा की गई तो उन्होने बताया गया कि इतने बड़े व्यवसायिक केन्द्र होने के बाद भी ग्राम खैरापलारी में सार्वजनिक शौंचालय, यात्री प्रतिक्षालय जैसी मूलभूत सुविधाओं  का बेजा अतिक्रमण के चलते अभाव है। शासन प्रशासन से कई बार इस संबंध में मांग व शिकायत ग्राम पंचायत तथा आमजनो द्वारा की गई है । किन्तु नतीजा केवल सिफर है, शासन प्रशासन मौन है। चूंकि व्यवसायिक केन्द्र के साथ ही खैरा पलारी आवागमन का भी केन्द्र है। जहां प्रतिदिन दर्जनों (20-ं25) यात्री वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। यात्रियों में परेशानियों के साथ महिला एवं बच्चे भी सफर करते हैं, एवं पलारी बसस्टेण्ड में शुलभ शौंचालय एवं यात्री प्रतिक्षालय न होने से यात्रियों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इनका कहना है 

अनेकों बार आवेदन एवं निवेदन के पश्चात भी अतिक्रमण ना हट पाने से विकास कार्य रूका हुआ है जिसके चलते आमजनों में निराशा का भाव है। समस्त संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि उक्त मांमले को संज्ञान में लेकर त्वरित कार्यवाही की की जावे, ताकि विकास कार्य को गति मिल सके।

रणजीतसिंह ठाकुर  सरपंच ग्राम पंचायत खैरापलारी

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