नीमच : गाँव में ही करेंगे बच्चे पढ़ाई, दूसरे गाँव नही जायेंगे पढ़ने, शिक्षा से वंचित रहे बच्चे, तो जिला प्रशासन होगा जिम्मेदार

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नीमच – गरीब पालको की नीमच जिले में कोई नही है सुनने वाले, अपने नन्हे बच्चे को शिक्षा गाँव में ही मिलती रहे इसके लिए विभाग में दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर गरीब पालक गण , सम्बंधित विभाग व जिला प्रशासन कर रहा नजर अंदाज, जिम्मेदार विभागीय अधिकारी जबरन स्कुल बन्द करवाने पर आमदा। खेल खेला जा रहा पालको व गरीब ग्रामीण छात्र छात्राओ की भावनाओ से।     

माजरा नीमच जिले की रामपुरा तहसील के चचोर संकुल केंद्र तहत संचालित शासकीय प्राथमिक विद्यालय – बंजारा बस्ती पालडा का है। विगत वर्षो में स्कुल में रहे न्यूनतम छात्र संख्या को प्राथमिकता से लेकर ग्रामीण स्कुलो को को बन्द करवाकर अन्यत्र स्कुलो में समाहित करने का खेल नीमच जिले में बखूबी खेल जा रहा है। और वास्तविकता यह है की शासकीय प्राथमिक विद्यालय बंजारा बस्ती पालडा में वर्तमान में 21 छात्र छात्राएं दर्ज व मैप है। इसके उपरांत भी शिक्षा विभाग के आला अधिकारी कान में तेल डालकर सोये हुए है और एक ही अलाप, अलाप रहे है कि विगत वर्षो के आंकड़ो पर ही खेल खेल जायेगा।

साथ ही संकुल केंद्र चचोर द्वारा भी उच्च स्तर को वास्तविकता से अवगत करवाने की बजाए उक्त विद्यालय को पूर्ण रूप से बन्द करवाने पर तुला हुआ है। शा.प्रा.वि. बंजारा बस्ती पालडा में नामांकित 21 छात्र छात्राओ के पालको ने अपने गाँव के स्कुल को अन्यत्र समाहित न किया जाये क्योकि इस विद्यालय में वर्तमान में पर्याप्त छात्र छात्राएं है की बात को जिला कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी सहित बीईओ, बीआरसी, व 2 बार जनसुनवाई में भी देकर बंजारा बस्ती पालडा स्कुल को यथावत रखने की बार बार गुहार लगाई है पर उपरोक्त द्वारा आज दिवस तक सन्तुष्टि प्रद जवाब तलब नही किया गया है।

ज्ञात रहे की पालको द्वारा स्कुल व् अपने बच्चे के संरक्षण हेतु 181 पर भी अपनी पीड़ा रखी है। इसी तारतम्य में आज पालको ने बंजारा बस्ती पालडा स्कुल में उपस्थित होकर संस्था प्रधान अर्जुन पाटीदार को जिला कलेक्टर नीमच के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की है की बंजारा बस्ती पालडा स्कुल में वर्तमान छात्र छात्राओ की संख्या 21 है के मान से स्कुल को अन्यत्र समाहित न करते हुए स्कुल को यथावत संचालित रखे। इसके उपरांत भी हम गरीब पालको की जायज पीड़ा को न समझते हुए स्कुल को अन्यत्र समाहित किया जाता है तो हम अपने नन्हे बच्चों को अन्यत्र गाँव में नही भेजेंगे चाहे हमारे बच्चे शिक्षा से वंचित ही क्यों न रह जाये।

हम गरीब पालको के बच्चे शिक्षा से वंचित रहते है तो इसकी समस्त जिम्मेदारी जिला शिक्षा विभाग नीमच व जिला प्रशासन की होगी। साथ ही पालको ने बताया की आगामी 5 अगस्त को नीमच जिले में जनआशीर्वाद यात्रा  लेकर आ रहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को रामपुरा मनासा क्षेत्र में यात्रा के दौरान रास्ता रोककर, पालको द्वारा मुख्यमंत्री को अपनी पीड़ा सुनाई जायेगी। पालक – बाबूलाल, भारत, कैलाश, बापुलाल, रूपचन्द, महेंद्र, बिलास, रामकरण,राहुल, गोपाल विनोद सहित कई पालको ने प्रधानाध्यापक को सौंपा ज्ञापन रखी पीड़ा।


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