जेल से अवकाश पर छुटकर फरार होने आरोपी को 06 माह का सश्रम कारावास एवं जुर्माना

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

जिला ब्यूरो चीफ नीमच  // विश्वजीत भट्ट  : 9575888891 

नीमच। श्री नीरज मालवीय, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, नीमच द्वारा एक आरोपी को जेल से अवकाश पर छुटकर फरार होने के आरोप का दोषी पाकर 06 माह का सश्रम कारावास एवं 1,000 रू. के जुर्माने से दण्डित किया।

जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया गया कि आरोपी विनोद सिंह राजपूत को विशेष एन.डी.पी.एस. न्यायालय, मंदसौर द्वारा अपराध क्रमांक 28/1997, धारा 8/18, 8/15 एन.डी.पी.एस. एक्ट के अपराध में दोषी पाकर 10 वर्ष के सश्रम कारावास और दो लाख रूपये के जुर्माने से दण्डित किया था, जिसका कारावास वह उप जेल नीमच में भुगत रहा था।

इसी दौरान महानिदेशक एवं जेल महानिरीक्षक, म.प्र. भोपाल द्वारा आरोपी को 23 दिन का अवकाश इस शर्त के साथ दिया था कि वह निर्धारित समयावधि में उपस्थित हो जायेगा। आरोपी निर्धारित दिनांक 28.06.2007 को उपस्थित नही हुआ, जिस कारण से जेल अधिकारियों द्वारा आरोपी के विरूद्ध पुलिस थाना बघाना में रिपोर्ट लिखाई गई, जिस पर से अपराध क्रंमाक 183/2007, धारा 224 भादवि तथा धारा 31(घ) बंदी अधिनियम, 1985 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने के उपरांत शेष विवेचना पूर्णकर चालान न्यायालय में पेश किया गया।

न्यायालय में विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। दण्ड के प्रश्न पर अभियोजन की ओर से तर्क दिया कि आरोपी कारावास के दण्ड से बचने के लिए अवकाश की शर्तो का उल्लंघन कर फरार हो गया था इसलिए उसे कठोर दण्ड से दण्डित किया जाना चाहिए।

अभियोजन के तर्को से सहमत होकर श्री नीरज मालवीय, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, नीमच द्वारा आरोपी विनोदसिंह पिता नाथूसिंह सोंधिया राजपूत, उम्र-35 वर्ष, निवासी-ग्राम सगराना, जिला-नीमच को धारा 224 भादवि में 03 माह का सश्रम कारावास एवं 500रू. जुर्माना तथा धारा 31(घ) बंदी (म.प्र. संशोधन) अधिनियम, 1985 में 03 माह के सश्रम कारावास एवं 500रू. जुर्माना, इस प्रकार आरोपी को कुल 06 माह के सश्रम कारावास एवं 1,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्रीमती निधि शर्मा, एडीपीओ द्वारा की गई।

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