मोदी सरकार राम मंदिर का कानून न बनाए तो उसे उखाड़ फेंकें : प्रवीण तोगड़िया

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अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि देश के संत केंद्र सरकार को राम मंदिर निर्माण का आदेश दें। इसके बावजूद अगर केंद्र सरकार मंदिर निर्माण का कानून नहीं बनाती है तो वे उसे उखाड़ फेंकें। देश के संत किसी से कोई मांग नहीं करते हैं, बल्कि वे आदेश देते हैं और संतों को आज ऐसा ही आदेश केंद्र सरकार को देना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि इसके पहले भी संतों की 15 बैठकों में यही मांग की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद आज तक किसी सरकार ने संतों के इस आग्रह को पूरा नहीं किया। अगर अब भी सरकार संतों की बात पर खरी उतरे और मंदिर निर्माण होने के लिए कानून बना दे तो ठीक है। लेकिन अगर सरकार ऐसा नहीं करती तो उसे गद्दी से उतार देना चाहिए।

प्रवीण भाई तोगड़िया ने संतों की बैठक में पारित प्रस्तावों पर शुक्रवार को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यही सरकार तीन तलाक पर कानून बनाने में देरी नहीं करती है। आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को उलटने के लिए कानून पास कर देती है लेकिन जब राम मंदिर के लिए कानून बनाने की बात आती है तो वह पीछे हट जाती है।

उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार 21 अक्टूबर तक राम मंदिर बनाने के लिए कानून पास कर देती है तो वे 21 अक्टूबर को लखनऊ से अयोध्या तक विजय जुलूस निकालेंगे, लेकिन अगर सरकार कानून नहीं लाती है तो इसी 21 अक्टूबर को वे विरोध जुलूस निकालेंगे। उन्होंने कहा कि इस जुलूस में ‘अबकी बार हिंदुओं की सरकार’ का नारा लगाएंगे।

विश्व हिंदू परिषद की उच्चाधिकार समिति की बैठक में संतों ने केंद्र सरकार से राम मंदिर निर्माण के लिए संसद का संयुक्त अधिवेशन बुलाकर कानून बनाने की मांग की है। बैठक के बाद महंत नृत्य गोपाल दास के नेतृत्व में संतों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। संतों ने उनसे सरकार को मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने का निर्देश देने की मांग की।

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