मध्य प्रदेश : भाजपा की 150 सीटों पर सहमति, 70 पर सिंगल नाम

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए प्रमुख दल कांग्रेस एवं भाजपा ने लगभग सभी टिकटों पर दावेदारों के नाम पर मंथन कर लिया है। भाजपा में जहां 150 से ज्यादा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम लगभग तय हैं। वहीं कांग्रेस में प्रत्याशी चयन पर अंतिम फैसला होना है। जातिगत समीकरणों वाली सीटों पर अभी पेंच फंसा हुआ है।

इन सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पर फैसला किसी भी दल की ओर से नाम तय होने के बाद किया जाएगा। ऐसी करीब 50 से 60 सीटें हैं, जहां जातिगत समीकरणों के आधार पर ही प्रत्याशी तय होते हैं। इसलिए कुछ सीटों पर दोनों ही पार्टियां फैसला रोक कर रखे हुए हैं। हर चुनाव में इन सीटों पर जातिगत समीकरण साधने के बाद ही प्रत्याशी तय होते हैं। दूसरी पार्टी के कैंडिडेट के हिसाब से ही पार्टियां अपना प्रत्याशी उतारती हैं, अगर एक ही जाति के दो कैंडिडेट मैदान में होते हैं तो वोटों का बंटवारा होता है।

जातीय समीकरण पर होगा चुनाव

प्रदेश चुनाव समिति की बैठक के बाद अब दावेदारों ने दिल्ली में डेरा डाल लिया है। प्रदेश कार्यालय में सन्नाटा है, वहीं दिल्ली में दावेदार सक्रीय हैं और बड़े नेताओं से संपर्क करने की जुगत में लगे हुए हैं। अब अंतिम फैसला दिल्ली से ही तय होगा। सभी सीटों के नाम पर केंद्रीय चुनाव समिति अंतिम फैसला करेगी। मंगलवार को देर रात तक दिल्ली में मंथन चलता रहा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राकेश सिंह, संगठन महामंत्री सुहास भगत और प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने दिनभर बैठकर टिकटों के समीकरणों पर चर्चा की। बैठक में अगड़े-पिछडे, युवा-महिलाएं, जातिगत संतुलन जैसे मुद्दों पर सभी सीटों के समीकरण पर मंथन किया। पार्टी नेताओं ने सर्वे और संघ की फीडबैक के आधार पर राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा कराए अध्ययन की रिपोर्ट का मिलान कर एक-एक सीट पर चर्चा की। मौजूदा विधायकों में जिनके नाम सभी सर्वे में योग्य श्रेणी में पाए गए हैं, उनका सिंगल नाम रखा गया है।

4 नवंबर तक सभी सीटों पर प्रत्याशी का ऐलान

पार्टी सूत्रों के मुताबिक विधानसभा चुनाव के टिकटों के लिए भाजपा पहली सूची में 100 लोगों के नामों को हरी झंडी दे सकती है। इनमें अधिकांश वे नाम शामिल होंगे, जो मौजूदा विधायक हैं और पार्टी उन्हें दोबारा चुनाव लड़ाना चाहती है। ऐसे सिंगल नाम लगभग 70 के आसपास बताए जा रहे हैं। भाजपा की केद्रीय चुनाव समिति की बैठक एक नवंबर को बुलाई गई है। पार्टी नेताओं द्वारा संभावना जताई जा रही है 1 या 2 नवंबर को भाजपा की पहली सूची जारी हो सकती है। उधर पदस्थ सूत्रों का कहना है कि पार्टी द्वारा 4 नवंबर तक सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों के टिकट घोषित कर देगी।

60 से ज्यादा विधायकों के टिकट कटेंगे

प्रत्याशी चयन को लेकर मध्य प्रदेश में अब तक हुई बैठकों में सभी 230 सीटों पर चर्चा हुई और सभी के नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेजे गए, हालांकि इसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक से पहले दिल्ली में ही मध्य प्रदेश के नेताओं की चर्चा चल रही है, जिसमे 150 से ज्यादा सीटों पर सहमति बन चुकी है। इससे पहले मध्य प्रदेश में बैठकों के दौरान जो स्तिथि थी उसके हिसाब से 95 सीटों पर एक ही नाम है, वहीं 90 सीटे ऐसी है जिन पर दो नाम सामने आए हैं, जिनमें वर्तमान में मंत्री, विधायक और पूर्व विधायकों के समेत नेता पुत्रों के नाम शामिल हैं। बीजेपी की प्रदेश चुनाव समिति बैठक में टिकट तय करने के लिए संघ के सर्वे और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा कराए गए सर्वे में मिले फीडबैक को आधार बनाया गया है। 60 से ज्यादा वर्तमान विधायकों के टिकट काटे जाने तय है।

इन सीटों पर सिंगल नाम

बुधनी – शिवराज सिंह चौहान (मुख्यमंत्री), दमोह – जयंत मलैया (मंत्री), दतिया – नरोत्तम मिश्रा (मंत्री), शिवपुरी – यशोधरा राजे सिंधिया (मंत्री), रीवा – राजेंद्र शुक्ला (मंत्री), विजयराघवगढ़ – संजय पाठक (मंत्री), खुरई – भूपेंद्र सिंह (मंत्री), ग्वालियर दक्षिण – नारायण सिंह कुशवाह (मंत्री), रेहली – गोपाल भागज्व (मंत्री), शहपुर – ओमप्रकाश धुवेज (मंत्री), भोजपुर – सुरेंद्र पटवा (मंत्री), खिलचीपुर – हजारीलाल दांगी (विधायक), भोपाल में नरेला – विश्वास सारंग (मंत्री), हाटपिपल्या – दीपक जोशी (मंत्री), देवतलाब – गिरीश गौतम (विधायक), पुष्पराज गढ़ – सुदामा सिंह (पूर्व विधायक), भिंड – चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी (पूर्व विधायक)।

जतारा – हरिशंकर खटीक (पूर्व मंत्री), मानपुर – मीना सिंह (विधायक), धौहनी – कुंवर सिंह टेकाम (विधायक), जयसिंह नगर – प्रमिला सिंह (विधायक), जैतपुर – जयसिंह मरावी (विधायक), कोतमा – दिलीप जायसवाल (नया चेहरा), अनूपपुर – रामलाल रौतेल (विधायक), जबलपुर केंट – अशोक रोहाणी (विधायक), पनागर – इंदू तिवारी (विधायक), नरसिंहपुर – जालिम सिंह पटेल (मंत्री), अमरवाड़ा – उत्तम ठाकुर (पूवज़् मंत्री प्रेमनारायण ठाकुर के बेटे), परासिया – ताराचंद बावरिया (पूवज़् विधायक), बैतूल – हेमंत खंडेलवाल (विधायक), भोपाल दक्षिण पश्चिम – उमाशंकर गुप्ता (मंत्री), बंडा हरवंश सिंह (विधायक ), इछावर – करणसिंह वर्मा (पूर्व मंत्री), सारंगपुर – कुंवर सिंह कोठार (विधायक), देवास – गायत्री राजे पंवार (विधायक), हरसूद – विजय शाह (मंत्री), बुरहानपुर – अचज्ना चिटनीस (मंत्री)।

बड़वाह – हितेंद्र सोलंकी (विधायक), सेंधवा – अंतर सिंह आर्य (मंत्री), राजपुर – देवी सिंह पटेल (पूर्व प्रत्याशी), पानसेमल – दीवान सिंह पटेल (विधायक), अलीराजपुर – नागर सिंह चौहान (विधायक), जोबट – माधोसिंह डाबर (विधायक), झाबुआ – शांतिलाल बिलवाल (विधायक), थांदला – कलसिंह भाबर (पिछली बार निर्दलीय विधायक थे, अब भाजपा में), राजगढ़ – अमरसिंह यादव(विधायक), पेटलावद – निर्मला भूरिया (विधायक), गंधवानी – सरदार सिंह मेढ़ा (पूर्व प्रत्याशी), मनावर – रंजना बघेल (विधायक), देपालपुर – मनोज पटेल (विधायक), इंदौर 2 – रमेश मेंदोला (विधायक), , महू – कैलाश विजयवर्गीय (विधायक), सांवेर – राजेश सोनकर (विधायक), नागदा-खाचरौद – दिलीप सिंह शेखावत (विधायक), तराना – अनिल फिरोजिया (विधायक), उज्जैन उत्तर – पारस जैन (मंत्री), जावरा – राजेंद्र पांडे (विधायक), मल्हारगढ़ – जगदीश देवड़ा (विधायक), नीमच – दिलीप सिंह परिहार (विधायक), जावद – ओमप्रकाश सखलेचा (विधायक), मैहर – नारायण त्रिपाठी (विधायक), पिपरिया- ठाकुरदास नागवंशी सिलवानी, रामपाल सिंह (मंत्री) के नाम शामिल हैं।

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