सिविल अस्पताल बीना में प्रशिक्षण भ्रमण

Spread the love

ब्यूरो चीफ खुरई खिमलासा , जिला सागर // भैलेन्द्र कुर्मी : 9993159460

बीना। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भानगढ़ के 28 छात्र एवं छात्राओं को सिविल अस्पताल बीना के चिकित्सा अधिकारी डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर द्वारा सिविल अस्पताल बीना के विभिन्न वार्डों, पैथोलॉजी लैब, दवा स्टोर, आंतरिक एवं बाह्य रोगी विभाग (ओ.पी.डी. एवं आई.पी.डी.) भर्ती मरीज वार्ड, प्रसूति गृह, पोषण पुनर्वास केंद्र, नवजात बच्चों के आकस्मिक चिकित्सक वार्ड (एन.बी.एस.यू.) आदि का भ्रमण करा कर विजिट कराई गई। यह विजिट शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भानगढ़ के प्राचार्य श्री संजय ताम्रकार के आग्रह पर करवाई गई।

डॉ वीरेंद्र सिंह ठाकुर के साथ इस विजिट में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भानगढ़ की वोकेशनल हेल्थ केयर अध्यापिका पूनम वर्मा एवं स्कूल कर्मचारी श्री सुनील कुमार पंथी भी थे। डॉ वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने छात्र एवं छात्राओं को पैथोलॉजी लैब में होने वाली खून की जांचों एवं मरीजों में खून की कमी होने के कारणों की जानकारी दी एवं उनसे बचने के लिए भोजन में पोषक-आहार दाल, सोयाबीन, राजमा, पालक, गुड, अनार, चुकंदर, अखरोट एवं बादाम आदि लेने की सलाह दी।

डॉ वीरेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा उनके एवं उनकी सहयोगी “रक्त-क्रांति टीम” के सहयोग से सिविल अस्पताल बीना में हर महीने की पहली तारीख को आयोजित किये जा रहे “रक्त-क्रान्ति” रक्तदान शिविरों में ग्रामीण क्षेत्रों के रक्तदाताओं को रक्तदान करने के लिए प्रेरित करने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया गया,

जिससे कि बीना-सागर क्षेत्र में खून की कमी को दूर कर गंभीर खून की कमी वाले मरीजों की जान बचाई जा सके। बाद में उन्हें आकस्मिक चिकित्सा के प्रकरणों जैसे सांस की तकलीफ, जलने पर, पानी में डूबने पर आदि के समय इन प्रकरणों में छात्र-छात्राओं के द्वारा आहत मरीज के लिए किए जा सकने वाले प्राथमिक उपचारों को करने का प्रशिक्षण दिया, ताकि समय पर मदद मिलने से आहत मरीजों की इन छात्र-छात्राओं द्वारा जान बचाई जा सके।

डॉ वीरेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा छात्र-छात्राओं को गर्भवती माताओं को हर 3 महीनों में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच-परीक्षण कराने एवं नवजात शिशु के पालन पोषण, टीकाकरण आदि का उचित प्रशिक्षण दिया गया। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं को कुपोषण पुनर्वास केंद्र में आने वाले कुपोषित बच्चों, उनके कुपोषित होने के कारणों, उनके निवारण तथा कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें सिविल अस्पताल बीना के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के पश्चात छात्र-छात्राओं को स्वल्पाहार प्रदान किया गया। छात्र-छात्राओं नें सिविल अस्पताल बीना में इस प्रकार चिकित्सीय प्रशिक्षण एवं आपातकालीन चिकित्सा के उपाय जानकर काफी उत्साह एवं आत्मविश्वास प्राप्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *