बेरोजगार सेना का आरोप- जाते- जाते भाजपा सरकार कर गई एक और घोटाला, कमलनाथ ने दिए जांच के निर्देश

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ANI NEWS INDIA @ http://aninewsindia.com

भोपाल. प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड द्वारा पांच महीने पहले ली गई, ग्रुप-4 की परीक्षा के नतीजों को लेकर उम्मीदवारों में आक्रोश है। प्रदेश भर से आए सैकड़ों उम्मीदवारों ने बेरोजगार सेना के बैनर तले प्रदर्शन कर जांच की मांग की।

इन प्रदर्शनकारियों ने युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक कुणाल चौधरी को कॉल करके बुलाया। फिर उनके साथ मंत्रालय पहुंचकर सीएम कमलनाथ से मिले। बेरोजगार सेना ने सीएम को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में जांच की मांग की। सीएम कमलनाथ ने मुख्य सचिव को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

भोपाल, होशंगाबाद, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, शहडोल, नीमच, ग्वालियर समेत प्रदेश के कई इलाकों से आए उम्मीदवार पहले चिनार पार्क में इकट्ठे हुए। वहां से ये पीईबी के दफ्तर पहुंचे। बेरोजगार सेना के राष्ट्रीय संयोजक अक्षय हुंका के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की। हुंका ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार जाते- जाते एक और घोटाला कर गई। परीक्षा के रिजल्ट के बाद चयनित टॉप टेन उम्मीदवारों की सूची में कुछ नाम ऐसे शामिल कर लिए गए जो पहले दी गई परीक्षा में 42 फीसदी अंक भी नहीं ला सके थे।

जुलाई में चार दिन हुई थी परीक्षा
हुंका ने बताया कि ग्रुप 4 के स्टेनोग्राफर, सहायक ग्रेड-3, आशु लिपिक, असिस्टेंट रेवेन्यू इंस्पेक्टर सहित 2700 से ज्यादा पदों के लिए 28 से 31 जुलाई तक पीईबी ने परीक्षा ली थी। इसमें 1.40 लाख शामिल हुए थे। बायोमैट्रिक अटेंडेंस सहित अन्य कारणों से 25 हजार उम्मीदवार परीक्षा नहीं दे पाए थ। 45 दिन बाद 15 सितंबर को पीईबी ने दोबारा एक्जाम कराया। इसमें सिर्फ 250 उम्मीदवार ही परीक्षा दे सके। 12 दिसंबर को रिजल्ट जारी किया। हुंका ने कहा कि टॉप 10 की जो लिस्ट जारी की गई है, उसी में गड़बड़ी है।

उम्मीदवारों ने कहा अंकों की गड़बड़ी 
असिस्टेंट रेवेन्यू पद के लिए दी गई परीक्षा में शामिल हुए कुलदीपक प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने 28 जुलाई को सुबह 9 से 11 बजे वाली शिफ्ट में परीक्षा दी थी। पेपर 100 नंबर का था। कुलदीपक के पहले 85 अंक बताए, बाद में ये 83.33 कर दिए। जिनके पहले कम नंबर थे उनके बाद में 2- 3 नंबर बढ़ाकर दर्शा दिए।


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