मंदसौर नगर पालिका अध्यक्ष प्रह्लाद बंधवार की हत्या करने वाला बीजेपी का ही कार्यकर्ता चढ़ा प्रतापगढ़ पुलिस के हत्थे

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प्रतापगढ । मंदसौर नगरपालिका अध्यक्ष की हत्या का बहुचर्चित मामला जिसने इस बड़ी घटना से हर किसी को सोचने पर विवश कर दिया था। अचानक घटी इस बड़ी घटना ने मन्दसौर को बगावत करने की स्थिति में खड़ा कर दिया था।

मंदसौर पुलिस  ने चंद घंटो में ही शंका के आधार पर कई अपराधियो को पकड़ा और लगातार कार्यवाही जारी थी। बार्डर के सभी थानो और चौकियों को भी अलर्ट किया गया। इस बीच प्रतापगढ पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए आखिर मन्दसौर नगर पालिका के अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार दादा के हत्यारे को गिरफ्तार कर ही लिया।  थानाधिकारी गोपाललाल चन्देल ने मय टीम बड़ी कार्यवाही करते हुए एमपी के इस बदमाश को आखिर धरदबोचा। चारो ओर हो रही थी इस घटना की चर्चा।

मंदसौर नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की हत्या के आरोपी मनीष बैरागी को गिरफ्तार कर लिया है। मनीष को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया। मंदसौर पुलिस द्वारा एनकाउंटर के डर से वह राजस्थान भाग गया था। वह प्रतापगढ़ की कोतवाली में सरेंडर करने की प्लानिंग बना रहा था।

बैरागी ने बताया कि उसे पता चला था कि प्रतापगढ़ जेल में मोबाइल चलाने को मिलता है। इसलिए वह वहां सरेंडर करना चाहता था।  पुलिस ने बताया कि मनीष ने 10 दिन पहले ही प्रहलाद बंधवार की हत्या की प्लानिंग बना ली थी। उसका पांच लाख रुपए को लेकर बंधवार से विवाद चल रहा था। वह कई बार बंधवार से पैसे मांग चुका था। बंधवार के चुनाव में मनीष ने 5 लाख रुपए ब्याज पर लेकर खर्च किए थे। बंधवार वह रुपए नहीं लौटा रहा था।

बता दें कि गुरुवार शाम को प्रहलाद बंधवार अपने मित्र लोकेंद्र कुमावत की दुकान पर थे। उन्होंने लोकेंद्र के नौकर को 500 रुपए खुल्ले कराने भेजा। वह दुकान के बाहर खड़े होकर नौकर का इंतज़ार कर रहे थे। तभी बुलेट पर मनीष बैरागी आया। उसने प्रहलाद बंधवार को गोली मार दी और वहां से भाग गया। सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला के अनुसार आरोपी मनीष बुलेट पर सवार होकर आया था। उसने पहले बंधवार से नमस्ते किया।

इस दौरान मनीष ने जेब से पिस्टल निकाली और बंधवार को फायर कर दिया। पुलिस को मौके से दो खाली खोखे भी मिले हैं। मनीष के ऊपर 2004 में सिटी कोतवाली ने चोरी का दर्ज किया था। वहीं 2008 में मनीष ने गोल चौराहा स्थित कुमावत मेडिकल संचालक मुकेश कुमावत पर फायर किया। मनीष के घर दबिश में 40 किलो डाइकोफिन मिल चुका है। वर्ष 2017 में रतलाम जिले के रिंगनोद थाने में भी अवैध हथियार खरीद-फरोख्त का केस दर्ज हैं।


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