मप्र : भ्रष्टाचार में लिप्त उपयंत्री की काली कमाई पर अपराध दर्ज, ईओडब्ल्यू ने पेश किया चालान

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  • इंदौर । उपयंत्री ने भ्रष्टाचार कर वेतन से 8 गुना दिखाएं कमाई की ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के बड़वानी के उपयंत्री संतोष सार के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने शनिवार को कोर्ट में चालान पेश कर दिया आर्य को अपनी नौकरी के दौरान वेतन भत्ते की कुल आय 28.60 लाख रुपये होनी थी।

लेकिन जांच में उसके परिजनों के नाम पर जो आज चल चल संपत्ति पाई गई है उसकी कीमत 2 करोड़ 55 लाख से अधिक पाई गई है यह इनकम से 8.916 गुना ज्यादा है ई ओ डब्ल्यू ने आर्य के खिलाफ भ्रष्टाचार कर शासन को राजस्व की हानि पहुंचा कर कमाई करने पत्नी साले ड्राइवर ठेकेदार के नाम पर बेनामी चल अचल संपत्ति खरीदने की शिकायत पर प्रकरण पंजीबद्ध किया था कोर्ट द्वारा आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है

आय से अधिक अनुपातहीन संपति अर्जित करने के मामले में विशेष अदालत ने आर्य दंपति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक महेन्द्र कुमार चतुर्वेदी द्वारा बताया गया कि 1 अप्रैल 2021 को विशेष न्यायाधीश एवं प्राधिकृत अधिकारी आलोक मिश्रा जिला इंदौर के न्यायालय में आरोपीगण संतोष आर्य एवं अर्चना आर्य द्वारा अपनी ओर से अग्रिम जमानत का आवेदन अपराध क्रमांक 21/2011 में पेश किया गया ।

अग्रिम जमानत का लाभ दिये जाने का निवेदन किया गया। अभियोजन की ओर विशेष लोक अभियोजक महेंद्र कुमार चतुर्वेदी द्वारा आरोपीगण की जमानत का इस आधार पर विरोध किया गया कि उक्त अपराध गंभीर आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है। आरोपीगण को यदि जमानत का लाभ दिया गया तो पुन: अपराध करेंगे और आरोपीगण के फरार होने की भी संभावना है तथा प्रकरण के साक्ष्य एवं साक्षियों को भी प्रभावित कर सकते हैं तथा प्रकरण के न्यायोचित निराकरण में विलंब कारित करेंगे। अत: आरोपीगण को जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।

कोर्ट ने सुनवाी के बाद आरोपीगण की अग्रिम जमानत को खारिज करने का आदेश दिया गया व सभी आरोपीगण के विरूद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।


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